{"_id":"6ab955b124b780a8cb0e9a4c","slug":"upliftment-is-possible-only-through-respect-for-women-chitrakoot-news-c-215-1-aur1007-136895-2026-09-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: नारी के सम्मान से ही उत्थान संभव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: नारी के सम्मान से ही उत्थान संभव
Sun, 27 Sep 2026 11:13 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 27 Sep 2026 11:13 PM IST
विज्ञापन
फोटो 27 सीकेटीपी 25 कार्यशाला में विचार व्यक्त करते हुए डॉ. रामनारायण त्रिपाठी। संवाद
खोही (चित्रकूट)। गायत्री शक्तिपीठ में शांतिकुंज के मार्गदर्शन में नारी उत्कर्ष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया। संचालक डॉ. रामनारायण त्रिपाठी ने कहा कि नारी उत्कर्ष और संवेदनाओं के जागरण से ही श्रेष्ठ युग का आगमन संभव है।
जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर ने कहा कि राजा राममोहन राय के बाद आचार्य पं. श्रीराम शर्मा आचार्य ने ही नारी की दशा और दिशा बदलने के लिए गायत्री परिवार के रूप में आंदोलन चलाया। शांतिकुंज प्रतिनिधि रश्मि जायसवाल ने कहा सावित्री, पन्ना धाय, रानी हाड़ा और रानी लक्ष्मीबाई के उदाहरण देते हुए नारी शक्ति के महत्व को बताया।
डॉ. प्रमिला मिश्रा ने कहा कि नारी में करुणा, संवेदना और प्रेम जैसे दैवी गुण हैं, इनके बढ़ने से समाज में देवत्व आएगा। इस मौके पर दिव्या त्रिपाठी, सविता शिवहरे, संगीता करवरिया, रामजानकी शुक्ला, पुष्पा सिंह सहित अन्य महिलाएं और गायत्री परिवार के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला पंचायत अध्यक्ष कल्पना सोनकर ने कहा कि राजा राममोहन राय के बाद आचार्य पं. श्रीराम शर्मा आचार्य ने ही नारी की दशा और दिशा बदलने के लिए गायत्री परिवार के रूप में आंदोलन चलाया। शांतिकुंज प्रतिनिधि रश्मि जायसवाल ने कहा सावित्री, पन्ना धाय, रानी हाड़ा और रानी लक्ष्मीबाई के उदाहरण देते हुए नारी शक्ति के महत्व को बताया।
विज्ञापन
डॉ. प्रमिला मिश्रा ने कहा कि नारी में करुणा, संवेदना और प्रेम जैसे दैवी गुण हैं, इनके बढ़ने से समाज में देवत्व आएगा। इस मौके पर दिव्या त्रिपाठी, सविता शिवहरे, संगीता करवरिया, रामजानकी शुक्ला, पुष्पा सिंह सहित अन्य महिलाएं और गायत्री परिवार के कार्यकर्ता मौजूद रहे।
विज्ञापन