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Chitrakoot News: संदिग्ध खातों में लाखों का लेनदेन, 15 फ्रीज
Wed, 23 Sep 2026 10:51 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 23 Sep 2026 10:51 PM IST
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मऊ (चित्रकूट)। नगर पंचायत स्थित उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक में संदिग्ध खातों में लेनदेन का पता चला है। 15 खाताधारकों ने गलत लेनदेन की शिकायत की है जिस पर सभी खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। पुलिस को खाताधारकों से पूछताछ शुरू कर दी गई है।
शाखा प्रबंधक शरद कुमार वर्मा को नौ लोगों ने 21 व छह लोगों ने 23 सितंबर को अपने खाते में संदिग्ध लेनदेन की सूचना दी। खाताधारकों के अनुसार 42 खातों में 50 लाख से अधिक का लेनदेन हुआ है। जांच में पता चला कि मऊ के धवाड़ा निवासी राममनोहर और उसका साथी राकेश ग्रामीणों को लालच दे रहे थे कि सरकारी स्कीम के तहत खाता खुलवाने पर 800 रुपये नकद और खाते में एक हजार रुपये मिलेंगे।
झांसे में आकर दुबारी गांव के कई लोगों ने खाते खुलवा लिए। ग्रामीणों ने बताया कि राममनोहर, राकेश और बैंक मित्र मनीष मिलकर खाते खुलवाते थे। करीब दस दिन पहले खुले इन खातों में पैसा आना शुरू हो गया। बीते दिन दुबारी निवासी छेदीलाल के खाते में 1.63 लाख रुपये आए, जिसे राममनोहर ने निकाल लिया। विरोध करने पर विवाद हुआ और छेदीलाल ने थाने में पूरा मामला बता दिया।
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इसके बाद पुलिस ने संदिग्धों को बुलाकर पूछताछ शुरू की। बताया गया कि बाबूजी के खाते में 4.14 लाख और अनिल के खाते में 1.5 लाख रुपये आए। शाखा प्रबंधक शरद कुमार वर्मा ने बताया कि लेनदेन आईएमपीएस/यूपीआई के माध्यम से हुआ है। फिलहाल खातों को फ्रीज किया गया है। यदि बैंक का कोई कर्मचारी संलिप्त पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
खाताधारकों के नाम पर सिम निकलवाने का भी आरोप
मऊ। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राममनोहर खाताधारकों के नाम से अलग से सिम कार्ड भी निकलवाता था। बताया गया कि खाते खुलवाने के बाद ओटीपी के लिए इस्तेमाल होने वाले सिम अपने पास रखता था।
ग्रामीणों के अनुसार, खातों से होने वाले लेनदेन में ओटीपी की जरूरत पड़ने पर इन्हीं सिम का इस्तेमाल करता था। पुलिस इस आरोप की भी जांच कर रही है कि कितने खाताधारकों के नाम पर सिम जारी हुए और उनका इस्तेमाल किस प्रकार किया गया। (संवाद)
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शाखा प्रबंधक शरद कुमार वर्मा को नौ लोगों ने 21 व छह लोगों ने 23 सितंबर को अपने खाते में संदिग्ध लेनदेन की सूचना दी। खाताधारकों के अनुसार 42 खातों में 50 लाख से अधिक का लेनदेन हुआ है। जांच में पता चला कि मऊ के धवाड़ा निवासी राममनोहर और उसका साथी राकेश ग्रामीणों को लालच दे रहे थे कि सरकारी स्कीम के तहत खाता खुलवाने पर 800 रुपये नकद और खाते में एक हजार रुपये मिलेंगे।
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झांसे में आकर दुबारी गांव के कई लोगों ने खाते खुलवा लिए। ग्रामीणों ने बताया कि राममनोहर, राकेश और बैंक मित्र मनीष मिलकर खाते खुलवाते थे। करीब दस दिन पहले खुले इन खातों में पैसा आना शुरू हो गया। बीते दिन दुबारी निवासी छेदीलाल के खाते में 1.63 लाख रुपये आए, जिसे राममनोहर ने निकाल लिया। विरोध करने पर विवाद हुआ और छेदीलाल ने थाने में पूरा मामला बता दिया।
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इसके बाद पुलिस ने संदिग्धों को बुलाकर पूछताछ शुरू की। बताया गया कि बाबूजी के खाते में 4.14 लाख और अनिल के खाते में 1.5 लाख रुपये आए। शाखा प्रबंधक शरद कुमार वर्मा ने बताया कि लेनदेन आईएमपीएस/यूपीआई के माध्यम से हुआ है। फिलहाल खातों को फ्रीज किया गया है। यदि बैंक का कोई कर्मचारी संलिप्त पाया गया तो कार्रवाई की जाएगी।
खाताधारकों के नाम पर सिम निकलवाने का भी आरोप
मऊ। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राममनोहर खाताधारकों के नाम से अलग से सिम कार्ड भी निकलवाता था। बताया गया कि खाते खुलवाने के बाद ओटीपी के लिए इस्तेमाल होने वाले सिम अपने पास रखता था।
ग्रामीणों के अनुसार, खातों से होने वाले लेनदेन में ओटीपी की जरूरत पड़ने पर इन्हीं सिम का इस्तेमाल करता था। पुलिस इस आरोप की भी जांच कर रही है कि कितने खाताधारकों के नाम पर सिम जारी हुए और उनका इस्तेमाल किस प्रकार किया गया। (संवाद)