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Chitrakoot News: 2024 में लिया लोन, फिर 8 माह बाद कराया बीमा
Tue, 08 Jul 2025 11:53 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 08 Jul 2025 11:53 PM IST
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चित्रकूट। राजापुर के कंधवनिया गांव की हेमा सिंह की शादी लगभग 10 साल पहले रींवा के जवा कनपुरा गांव निवासी सुनील पटेल से परिजनों ने इसी आधार पर तय की थी उसके पास 15 बीघे खेतीहर भूमि है। खुद एमबीए किए है और जल्द ही कोई बड़ी कंपनी में नौकरी भी करने लगेगा।
हेमा भी गांव के ठीकठाक परिवार की बेटी है। बड़े परिवार से ताल्लुक होने पर इनके शौक भी मंहगे थे। सुनील ने नौकरी ज्वाइन नहीं की और उसके शराब समेत शौक बढ़ते गए। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने लगी तो पत्नी को ब्यूटी पार्लर का कोर्स कराया फिर पार्लर खुलवाया। इसके लिए सुनील ने अपने नाम से जनवरी 2024 में बैंक से 45 लाख का लोन लिया।
महंगे शौक के चलते तीन किस्त के बाद किश्त जमा करने में परेशानी होने लगी। तब पत्नी उसे आए दिन ताने मारने लगी कि किस्त तक तो जमा नहीं कर पा रहे हो। किसी काम के तुम नहीं हो सारा काम लोन पर ही चल रहा है। तानों से तंग आकर उसने लोन में हार्वेस्टर लिया। इसके लिए अक्तूबर 2024 में अपना दो करोड़ का बीमा कराया। हार्वेस्टर की भी दूसरी किश्त नहीं दे पाया।
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इधर पत्नी लगातार उसे ताने मारती कि कमाते कुछ नहीं हो ऊपर से घर का पैसा भी खर्च कर डाला। सुनील ने स्वीकार किया कि इस समस्या से निजात पाने के लिए उसने उपाय ढूंढऩे शुरु किए। यू-टयूब में इसके लिए कई दिन तक खोजबीन कर आईडिया लिया। सोचा था कि खुद को मरा दिखाकर सारे संकट से मुक्ति मिलेगी और फिर पत्नी को कर्ज नहीं भरना पड़ेगा। बीमे की रकम से पूरा जीवन ऐशोआराम से कटेगी।
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फिल्म क्रुप की कहानी से पुलिस की आगे बढ़ी जांच
चित्रकूट। पूरी घटना में पुलिस कई बार चकमा खाती रही। शातिर की चालाकी के आगे पुलिस पस्त हो रही थी।इसी बीच सीओ फहाद अली ने एसपी अरुण सिंह को बताया कि दक्षिण भारत की एक फिल्म क्रुप की कहानी इस घटना से काफी मिलती है। फिल्म देखकर पुलिस की जांच आगे बढ़ी। पुलिस ने सुनील के सभी परिजनों व रिश्तेदारों से पूछताछ व मोबाइल नंबर की जांच शुरु की। रैपुरा के आनंदपुर में रहने वाले साढ़ू से भी जानकारी ली थी। इससे परिजनों व रिश्तेदारों के कई बार बयान बदले तो पुलिस का शक बढ़ा। संवाद
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बुआ ने देखा था विनय के साथ जाते, पुलिस पूछताछ से बढ़ा भय
चित्रकूट। हत्यारोपी सुनील पटेल ने बताया कि योजना बन गई तो फिर जब विनय चौहान मिला तो उसे लेकर घर भी आया। जमकर शराब पिलाई और खाना खिलाया था। पत्नी ने पूछा तो कहा था कि यही वह शख्स है तो हमें हर संकट से उबार देगा। इसके बाद उसे लेकर कार से रवाना हुआ। तो पड़ोस में रहने वाली बुआ ने देखा। सुनील के जाने के बाद बुआ ने हेमा से पूछा था कि कौन आया था और सुनील किसे लेकर साथ गया है। हेमा ने उसे कुछ नहीं बताया था। यही बात बुआ ने पुलिस से पूछताछ में बताई तो पुलिस ने रींवा से लेकर राजापुर तक के रास्ते व टोल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इससे राज खुलना शुरु हो गया था। संवाद
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पत्नी की बेबाकी व साफगोई से बढ़ा शक
चित्रकूट। आठ दिन से परेशान पुलिस इस मामले में डीएनए रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही थी। लगभग सभी मान लिए थे कि कार में जिंदा जला व्यक्ति सुनील ही था। परिजनों व उसकी पत्नी के बेबाकी से स्वीकार करने और अंतिम संस्कार के लिए तुरंत तैयार होने की जल्दबाजी पुलिस को ठीक नहीं लग रही थी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पत्नी के हावभाव व कई बार प्रतिक्रियाएं देखकर शक होने लगा। उसके मोबाइल को भी सर्विलांस पर लगाया गया था। संवाद
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प्रयागराज भागा और सुलभ के पास काटे तीन दिन
चित्रकूट। योजनाबद्ध तरीके से बनाए गए दोस्त को कार में जिंदा जलाने के बारे में आरोपी सुनील ने बताया कि जब कार में आग लग गई तो वह दूर जाकर खेत में छिपकर काफी देर तक देखता रहा। वह संतुष्ट होना चाहता था कि विनय कार से बाहर न निकलने पाए। इसी बीच जब कार में विस्फोट होने लगे तो वह समझ गया कि काम हो गया है और अब धमाके की आवाज से ग्रामीण जरूर आएंगे। पकड़ गया तो सारा राज खुल जाएगा। इसके बाद वह खेत के रास्ते ही अंधेरे में किसी तरह छींबो मार्ग से मऊ पहुंचा। वहां से बस से प्रयागराज आ गया। प्रयागराज में पुल उतरते ही बगल में बने सुलभ कांपल्ेाक्स के पास तीन दिन गुजारे थे। दो बार अन्य के नंबर से पत्नी से उसके दूसरे नंबर पर बात की थी। डीएनए टेस्ट के लिए जब सुनील के पिता को शनिवार को बुलाया गया तो वह डरा कि राज खुल सकता है तो वह रविवार को रैपुरा के आनंदपुर में अपने साढू के घर आया था। संवाद
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खरीद कर लाया था गैस सिलिंडर, घर में पहले से लाया था कपूर
चित्रकूट। हत्यारोपी सुनील व उसकी पत्नी की योजना में कार में गैस सीलिंडर रखना भी शामिल था। बाजार से एक दिन पूर्व खरीद रखा था।कपूर भी काफी मात्रा में खरीदा था। घर से चलते समय उसने यह सब सामान कार में रखा था। पत्नी हेमा ने सिलींडर ब्यूटी पार्लर में काम करने वाली अपनी सहेली का बताया था। गाड़ी में उसने बॉडी स्प्रे व खराब टायर भी रखे थे। ताकि आग लगे तो किसी भी हालत में जल्दी से ही विनय का काम तमाम हो जाए। रास्ते में कार के अंदर ही विनय को शराब पिलाई। जिससे वह बेेसुध हो गया। संवाद
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पत्नी भी हत्या में बराबर दोषी
चित्रकूट। पूरे मामले में पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में सुनील पटेल पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर उसकी पत्नी को भी बराबरी की साजिश में शामिल बताया है। पुलिस अधीक्षक के अनुसार दोनों पर मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। मृतक में जिस विनय चौहान का नाम सामने आया है उसके भाई रींवा के नेहरुनगर निवासी विकासचौहान ने बताया कि 29 जून से ही उसका भाई गायब था जिसकी तलाश कर रहा था। उसके घर में अन्य कोई सदस्य नहीं है।संवाद
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हेमा भी गांव के ठीकठाक परिवार की बेटी है। बड़े परिवार से ताल्लुक होने पर इनके शौक भी मंहगे थे। सुनील ने नौकरी ज्वाइन नहीं की और उसके शराब समेत शौक बढ़ते गए। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने लगी तो पत्नी को ब्यूटी पार्लर का कोर्स कराया फिर पार्लर खुलवाया। इसके लिए सुनील ने अपने नाम से जनवरी 2024 में बैंक से 45 लाख का लोन लिया।
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महंगे शौक के चलते तीन किस्त के बाद किश्त जमा करने में परेशानी होने लगी। तब पत्नी उसे आए दिन ताने मारने लगी कि किस्त तक तो जमा नहीं कर पा रहे हो। किसी काम के तुम नहीं हो सारा काम लोन पर ही चल रहा है। तानों से तंग आकर उसने लोन में हार्वेस्टर लिया। इसके लिए अक्तूबर 2024 में अपना दो करोड़ का बीमा कराया। हार्वेस्टर की भी दूसरी किश्त नहीं दे पाया।
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इधर पत्नी लगातार उसे ताने मारती कि कमाते कुछ नहीं हो ऊपर से घर का पैसा भी खर्च कर डाला। सुनील ने स्वीकार किया कि इस समस्या से निजात पाने के लिए उसने उपाय ढूंढऩे शुरु किए। यू-टयूब में इसके लिए कई दिन तक खोजबीन कर आईडिया लिया। सोचा था कि खुद को मरा दिखाकर सारे संकट से मुक्ति मिलेगी और फिर पत्नी को कर्ज नहीं भरना पड़ेगा। बीमे की रकम से पूरा जीवन ऐशोआराम से कटेगी।
फिल्म क्रुप की कहानी से पुलिस की आगे बढ़ी जांच
चित्रकूट। पूरी घटना में पुलिस कई बार चकमा खाती रही। शातिर की चालाकी के आगे पुलिस पस्त हो रही थी।इसी बीच सीओ फहाद अली ने एसपी अरुण सिंह को बताया कि दक्षिण भारत की एक फिल्म क्रुप की कहानी इस घटना से काफी मिलती है। फिल्म देखकर पुलिस की जांच आगे बढ़ी। पुलिस ने सुनील के सभी परिजनों व रिश्तेदारों से पूछताछ व मोबाइल नंबर की जांच शुरु की। रैपुरा के आनंदपुर में रहने वाले साढ़ू से भी जानकारी ली थी। इससे परिजनों व रिश्तेदारों के कई बार बयान बदले तो पुलिस का शक बढ़ा। संवाद
बुआ ने देखा था विनय के साथ जाते, पुलिस पूछताछ से बढ़ा भय
चित्रकूट। हत्यारोपी सुनील पटेल ने बताया कि योजना बन गई तो फिर जब विनय चौहान मिला तो उसे लेकर घर भी आया। जमकर शराब पिलाई और खाना खिलाया था। पत्नी ने पूछा तो कहा था कि यही वह शख्स है तो हमें हर संकट से उबार देगा। इसके बाद उसे लेकर कार से रवाना हुआ। तो पड़ोस में रहने वाली बुआ ने देखा। सुनील के जाने के बाद बुआ ने हेमा से पूछा था कि कौन आया था और सुनील किसे लेकर साथ गया है। हेमा ने उसे कुछ नहीं बताया था। यही बात बुआ ने पुलिस से पूछताछ में बताई तो पुलिस ने रींवा से लेकर राजापुर तक के रास्ते व टोल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इससे राज खुलना शुरु हो गया था। संवाद
पत्नी की बेबाकी व साफगोई से बढ़ा शक
चित्रकूट। आठ दिन से परेशान पुलिस इस मामले में डीएनए रिपोर्ट आने का इंतजार कर रही थी। लगभग सभी मान लिए थे कि कार में जिंदा जला व्यक्ति सुनील ही था। परिजनों व उसकी पत्नी के बेबाकी से स्वीकार करने और अंतिम संस्कार के लिए तुरंत तैयार होने की जल्दबाजी पुलिस को ठीक नहीं लग रही थी। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि पत्नी के हावभाव व कई बार प्रतिक्रियाएं देखकर शक होने लगा। उसके मोबाइल को भी सर्विलांस पर लगाया गया था। संवाद
प्रयागराज भागा और सुलभ के पास काटे तीन दिन
चित्रकूट। योजनाबद्ध तरीके से बनाए गए दोस्त को कार में जिंदा जलाने के बारे में आरोपी सुनील ने बताया कि जब कार में आग लग गई तो वह दूर जाकर खेत में छिपकर काफी देर तक देखता रहा। वह संतुष्ट होना चाहता था कि विनय कार से बाहर न निकलने पाए। इसी बीच जब कार में विस्फोट होने लगे तो वह समझ गया कि काम हो गया है और अब धमाके की आवाज से ग्रामीण जरूर आएंगे। पकड़ गया तो सारा राज खुल जाएगा। इसके बाद वह खेत के रास्ते ही अंधेरे में किसी तरह छींबो मार्ग से मऊ पहुंचा। वहां से बस से प्रयागराज आ गया। प्रयागराज में पुल उतरते ही बगल में बने सुलभ कांपल्ेाक्स के पास तीन दिन गुजारे थे। दो बार अन्य के नंबर से पत्नी से उसके दूसरे नंबर पर बात की थी। डीएनए टेस्ट के लिए जब सुनील के पिता को शनिवार को बुलाया गया तो वह डरा कि राज खुल सकता है तो वह रविवार को रैपुरा के आनंदपुर में अपने साढू के घर आया था। संवाद
खरीद कर लाया था गैस सिलिंडर, घर में पहले से लाया था कपूर
चित्रकूट। हत्यारोपी सुनील व उसकी पत्नी की योजना में कार में गैस सीलिंडर रखना भी शामिल था। बाजार से एक दिन पूर्व खरीद रखा था।कपूर भी काफी मात्रा में खरीदा था। घर से चलते समय उसने यह सब सामान कार में रखा था। पत्नी हेमा ने सिलींडर ब्यूटी पार्लर में काम करने वाली अपनी सहेली का बताया था। गाड़ी में उसने बॉडी स्प्रे व खराब टायर भी रखे थे। ताकि आग लगे तो किसी भी हालत में जल्दी से ही विनय का काम तमाम हो जाए। रास्ते में कार के अंदर ही विनय को शराब पिलाई। जिससे वह बेेसुध हो गया। संवाद
पत्नी भी हत्या में बराबर दोषी
चित्रकूट। पूरे मामले में पुलिस ने इस सनसनीखेज हत्याकांड में सुनील पटेल पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर उसकी पत्नी को भी बराबरी की साजिश में शामिल बताया है। पुलिस अधीक्षक के अनुसार दोनों पर मामला दर्ज कर जेल भेज दिया गया है। मृतक में जिस विनय चौहान का नाम सामने आया है उसके भाई रींवा के नेहरुनगर निवासी विकासचौहान ने बताया कि 29 जून से ही उसका भाई गायब था जिसकी तलाश कर रहा था। उसके घर में अन्य कोई सदस्य नहीं है।संवाद