{"_id":"6b1e47b4e8f9d0331b5634c4e0ea3842","slug":"to-realizing-the-vision-of-mahatma-gramoday-maya-singh-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बापू की संकल्पना को साकार कर रहा ग्रामोदय : माया सिंह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बापू की संकल्पना को साकार कर रहा ग्रामोदय : माया सिंह
ब्यूरो/ अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Thu, 12 Feb 2015 11:00 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महात्मा गांधी चित्रकूट ग्रामोदय विश्वविद्यालय के
विज्ञापन
स्थापना दिवस रजत जयंती समारोह में मध्यप्रदेश की महिला एवं बाल विकास
मंत्री माया सिंह ने शिरकत की। उन्होंने मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व
क्षमता विकास कार्यक्त्रस्म के अंतर्गत समाज कार्य स्नातक (नेतृत्व विकास)
पाठ्यक्रम का शुभारंभ किया।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि ग्रामोदय विश्वविद्यालय नानाजी देशमुख की सामाजिक पुनर्रचना एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की सर्वोदय संकल्पना को साकार कर रहा है।
नानाजी ग्रामीण विकास और स्वावलंबन शिक्षा के पक्षधर थे। गांवों की आत्मनिर्भरता के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के अभिनव संकल्प की शुरुआत कर ग्रामोदय विश्वविद्यालय के माध्यम से ग्रामीण विकास के व्यावहारिक प्रारूप को लागू कराने का सशक्त प्रयास किया है।
उन्होंने नानाजी से जुड़ी स्मृतियों को साझा किया। कुलपति प्रो. नरेश चंद्र गौतम ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्त्रस्म जन-जन में एक चेतना जगाने का कार्यक्रम है। इसे ईमानदारी से लागू किया जायेगा।
आज विश्वविद्यालय 25वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। खुशी है कि हमें इस अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के एक विशिष्ट कार्यक्त्रस्म को संचालित करने का दायित्व भी मिला है।
पूर्व कुलपति प्रो. टी. करुणाकरन ने ग्रामोदय शिक्षा को जीवन के लिए उपयोगी एवं सार्थक बताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश शासन ने ग्रामोदय विश्वविद्यालय को समाजकार्य में स्नातक के अभिनव पाठ्यक्त्रस्म के संचालन का दायित्व देकर अच्छा कार्य किया है। एकीकृत बाल विकास परियोजना की आयुक्त पुष्पलता सिंह, सामाजिक न्याय विभाग के प्रमुख सचिव बीआर नायडू आदि मौजूद रहे।
इस मौके पर उन्होंने कहा कि ग्रामोदय विश्वविद्यालय नानाजी देशमुख की सामाजिक पुनर्रचना एवं राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की सर्वोदय संकल्पना को साकार कर रहा है।
नानाजी ग्रामीण विकास और स्वावलंबन शिक्षा के पक्षधर थे। गांवों की आत्मनिर्भरता के लिए पं. दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के अभिनव संकल्प की शुरुआत कर ग्रामोदय विश्वविद्यालय के माध्यम से ग्रामीण विकास के व्यावहारिक प्रारूप को लागू कराने का सशक्त प्रयास किया है।
उन्होंने नानाजी से जुड़ी स्मृतियों को साझा किया। कुलपति प्रो. नरेश चंद्र गौतम ने कहा कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा संचालित मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास कार्यक्त्रस्म जन-जन में एक चेतना जगाने का कार्यक्रम है। इसे ईमानदारी से लागू किया जायेगा।
आज विश्वविद्यालय 25वें वर्ष में प्रवेश कर रहा है। खुशी है कि हमें इस अवसर पर मध्यप्रदेश शासन के एक विशिष्ट कार्यक्त्रस्म को संचालित करने का दायित्व भी मिला है।
पूर्व कुलपति प्रो. टी. करुणाकरन ने ग्रामोदय शिक्षा को जीवन के लिए उपयोगी एवं सार्थक बताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश शासन ने ग्रामोदय विश्वविद्यालय को समाजकार्य में स्नातक के अभिनव पाठ्यक्त्रस्म के संचालन का दायित्व देकर अच्छा कार्य किया है। एकीकृत बाल विकास परियोजना की आयुक्त पुष्पलता सिंह, सामाजिक न्याय विभाग के प्रमुख सचिव बीआर नायडू आदि मौजूद रहे।