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Chitrakoot News: एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पीएसी ने 688 लोगों को सुरक्षित निकाला
Sun, 30 Aug 2026 11:20 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 30 Aug 2026 11:20 PM IST
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चित्रकूट। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ एवं पीएसी टीमों ने राहत एवं बचाव कार्य किया। जिसमें करीब 688 लोगों को बाहर निकाला।
एनडीआरएफ द्वारा रामघाट क्षेत्र, एसडीआरएफ द्वारा गोबरिया, तरीहा, अमानपुर एवं बहादुरपुर तथा पीएसी द्वारा ऊंचाडीह, चमरौंहा एवं रानीपुर सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू अभियान चलाया गया। टीमों ने मोटरबोट और अन्य संसाधनों से अब तक 688 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। इसमें रामघाट से 234, पासी तिराहा से 55, अमानपुर से 87, तरीहा से 82, पंडरी एवं मालिकाना से 77, गोबरिया से 84 तथा अन्य क्षेत्रों से लोग शामिल हैं।
जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावितों और श्रद्धालुओं के लिए भोजन-पानी की निरंतर व्यवस्था की जा रही है। 29 अगस्त को 2,700 लंच पैकेट और 30 अगस्त को 5,200 लंच पैकेट वितरित कराए जा रहे हैं।
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रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से बंद रहा मुंबई-हावड़ा रेलखंड
मानिकपुर (चित्रकूट)। मुंबई-हावड़ा रेलखंड पर मारकुंडी से खुटहा स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर बाढ़ का पानी भर गया। जलभराव के कारण रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा और नॉन-स्टॉपेज स्टेशनों पर भी कई ट्रेनों को रोकना पड़ा।
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ट्रैक पर पानी होने से मानिकपुर-नैनी और मानिकपुर-सतना रेलखंड पर कई ट्रेनें घंटों तक अलग-अलग स्टेशनों पर खड़ी रहीं। लंबी दूरी की ट्रेनें अपने निर्धारित समय से विलंब से पहुंची।
रीवा-आनंद विहार सुपरफास्ट एक्सप्रेस मानिकपुर जंक्शन पर खड़ी रही। इसके साथ ही सारनाथ एक्सप्रेस हटी स्टेशन पर करीब चार घंटे और जनता एक्सप्रेस कटैया डांडी में लगभग डेढ़ घंटे तक रुकी रही। इसके अलावा पवन एक्सप्रेस, ग्वालियर एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस, दानापुर एक्सप्रेस, गोदान एक्सप्रेस, कामायनी एक्सप्रेस, चंबल एक्सप्रेस समेत दर्जन भर ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ।
नॉन-स्टॉपेज स्टेशनों पर ट्रेनें रोकने से यात्रियों को घंटों परेशान होना पड़ा। एसएस शिवेश मालवीय ने बताया कि ट्रैक से पानी कम होने के बाद कर्मचारियों ने लाइन का निरीक्षण किया, इसके बाद संचालन शुरू कराया गया। (संवाद)
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एनडीआरएफ द्वारा रामघाट क्षेत्र, एसडीआरएफ द्वारा गोबरिया, तरीहा, अमानपुर एवं बहादुरपुर तथा पीएसी द्वारा ऊंचाडीह, चमरौंहा एवं रानीपुर सहित अन्य प्रभावित क्षेत्रों में रेस्क्यू अभियान चलाया गया। टीमों ने मोटरबोट और अन्य संसाधनों से अब तक 688 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला है। इसमें रामघाट से 234, पासी तिराहा से 55, अमानपुर से 87, तरीहा से 82, पंडरी एवं मालिकाना से 77, गोबरिया से 84 तथा अन्य क्षेत्रों से लोग शामिल हैं।
जिला प्रशासन द्वारा बाढ़ प्रभावितों और श्रद्धालुओं के लिए भोजन-पानी की निरंतर व्यवस्था की जा रही है। 29 अगस्त को 2,700 लंच पैकेट और 30 अगस्त को 5,200 लंच पैकेट वितरित कराए जा रहे हैं।
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रेलवे ट्रैक पर पानी भरने से बंद रहा मुंबई-हावड़ा रेलखंड
मानिकपुर (चित्रकूट)। मुंबई-हावड़ा रेलखंड पर मारकुंडी से खुटहा स्टेशन के बीच रेलवे ट्रैक पर बाढ़ का पानी भर गया। जलभराव के कारण रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा और नॉन-स्टॉपेज स्टेशनों पर भी कई ट्रेनों को रोकना पड़ा।
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ट्रैक पर पानी होने से मानिकपुर-नैनी और मानिकपुर-सतना रेलखंड पर कई ट्रेनें घंटों तक अलग-अलग स्टेशनों पर खड़ी रहीं। लंबी दूरी की ट्रेनें अपने निर्धारित समय से विलंब से पहुंची।
रीवा-आनंद विहार सुपरफास्ट एक्सप्रेस मानिकपुर जंक्शन पर खड़ी रही। इसके साथ ही सारनाथ एक्सप्रेस हटी स्टेशन पर करीब चार घंटे और जनता एक्सप्रेस कटैया डांडी में लगभग डेढ़ घंटे तक रुकी रही। इसके अलावा पवन एक्सप्रेस, ग्वालियर एक्सप्रेस, अमृत भारत एक्सप्रेस, दानापुर एक्सप्रेस, गोदान एक्सप्रेस, कामायनी एक्सप्रेस, चंबल एक्सप्रेस समेत दर्जन भर ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ।
नॉन-स्टॉपेज स्टेशनों पर ट्रेनें रोकने से यात्रियों को घंटों परेशान होना पड़ा। एसएस शिवेश मालवीय ने बताया कि ट्रैक से पानी कम होने के बाद कर्मचारियों ने लाइन का निरीक्षण किया, इसके बाद संचालन शुरू कराया गया। (संवाद)