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पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग फिर उठी, निकली संकल्प यात्रा
ब्यूरो, अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Wed, 30 Nov 2016 12:09 AM IST
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मुख्यालय के पटेल तिराहे के पास संकल्प यात्रा लेकर चलते बुंदेलखंड एकीकृत पार्टी के सदस्यगण।
- फोटो : अमर उजाला
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बुंदेलखंड एकीकृत पार्टी ने पृथक बुंदेलखंड राज्य के मुद्दे पर मंगलवार से संकल्प यात्रा की शुरूआत धर्म नगरी से की। राम घाट में भरत मंदिर के महंत दिव्य जीवन दास ने यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
राष्ट्रीय संयोजक संदीप पांडेय के नेतृत्व में कार्यकर्ता विभिन्न वाहनों में पोस्टर, बैनर लगाकर नारेबाजी करते हुए मुख्यालय पहुंचे। जहां पांच सूत्री मांगों का प्रधान मंत्री को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी नरेंद्र बहादुर को दिया।
जिसमें कहा गया है कि बुंदेलखंड को पृथक राज्य घोषित किया जाए। किसानों का कर्जा माफ हो। अन्ना पशुओं की व्यवस्था के लिए ठोस कदम उठाएं जाए। बुंदेलखंड के लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिले। किसानों को पांच हजार प्रति महीने पेंशन दी जाए।
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विधानसभा का चुनाव नजदीक आते ही पृथक बुंदेलखंड राज्य बनाने की आवाज फिर उठने लगी है। इससे जुड़े विभिन्न संगठन यात्रा, धरना प्रदर्शन के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित करने लगे हैं।
बुंदेलखंड एकीकृत पार्टी ने भी धर्मनगरी से संकल्प यात्रा निकाली है। यह यात्रा झांसी तक जाएंगी। पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग उठाने में इन संगठनों को कुछ राजनैतिक दल भी अप्रत्यक्ष रूप से मदद करते हैं।
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राष्ट्रीय संयोजक संदीप पांडेय के नेतृत्व में कार्यकर्ता विभिन्न वाहनों में पोस्टर, बैनर लगाकर नारेबाजी करते हुए मुख्यालय पहुंचे। जहां पांच सूत्री मांगों का प्रधान मंत्री को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी नरेंद्र बहादुर को दिया।
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जिसमें कहा गया है कि बुंदेलखंड को पृथक राज्य घोषित किया जाए। किसानों का कर्जा माफ हो। अन्ना पशुओं की व्यवस्था के लिए ठोस कदम उठाएं जाए। बुंदेलखंड के लोगों को स्थानीय स्तर पर रोजगार मिले। किसानों को पांच हजार प्रति महीने पेंशन दी जाए।
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विधानसभा का चुनाव नजदीक आते ही पृथक बुंदेलखंड राज्य बनाने की आवाज फिर उठने लगी है। इससे जुड़े विभिन्न संगठन यात्रा, धरना प्रदर्शन के माध्यम से सरकार का ध्यान आकर्षित करने लगे हैं।
बुंदेलखंड एकीकृत पार्टी ने भी धर्मनगरी से संकल्प यात्रा निकाली है। यह यात्रा झांसी तक जाएंगी। पृथक बुंदेलखंड राज्य की मांग उठाने में इन संगठनों को कुछ राजनैतिक दल भी अप्रत्यक्ष रूप से मदद करते हैं।