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Chitrakoot News: तुलसी घाट पर यमुना आरती स्थल का होगा कायाकल्प
Sun, 04 Oct 2026 11:06 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 04 Oct 2026 11:06 PM IST
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फोटो 04 सीकेटीपी 06 यमुना नदी के किनारे बना तुलसीघाट। संवाद
राजापुर (चित्रकूट)। गोस्वामी तुलसीदास की जन्मभूमि में यमुना तट पर स्थित तुलसी घाट यमुना आरती स्थल के कायाकल्प की तैयारी है।
पर्यटन विभाग ने घाट के विकास और सुंदरीकरण के लिए एक करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। इससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
मान्यता है कि राजापुर में ही रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास का जन्म हुआ था। यमुना किनारे स्थित तुलसी घाट का उनके जीवन से गहरा नाता रहा है। यहीं पर वह स्नान-ध्यान और पूजा-पाठ किया करते थे। आज भी घाट पर उनकी प्रतिमा और प्राचीन मंदिर मौजूद हैं, जहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
पर्यटन विभाग के अनुसार स्वीकृत धनराशि से घाट पर समग्र पर्यटन विकास के कार्य कराए जाएंगे। इसमें यमुना आरती स्थल का सुंदरीकरण, बैठने की व्यवस्था, लाइटिंग, पाथवे, स्नान घाट की मरम्मत और श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाएं शामिल है।
विभाग जल्द ही इसकी डीपीआर तैयार कर टेंडर प्रक्रिया पूरी करेगा, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। स्थानीय निवासी शिव पूजन गुप्ता, विकास कसौंधन का कहना है कि इससे राजापुर को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान भी मिलेगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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वर्जन
तुलसीदास की जन्मस्थली पर हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां पर यमुना में आरती नहीं हो पाती है। इसको लेकर योजना तैयार की गई थी। अब रामघाट की तरह यहां पर भी महाआरती हो सकेगी। साथ ही स्थानीय लोग दुकानें लगाकर रोजगार भी कर सकेंगे।- डीके शर्मा, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी।
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पर्यटन विभाग ने घाट के विकास और सुंदरीकरण के लिए एक करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। इससे धार्मिक पर्यटन को नई गति मिलने की उम्मीद है।
मान्यता है कि राजापुर में ही रामचरितमानस के रचयिता गोस्वामी तुलसीदास का जन्म हुआ था। यमुना किनारे स्थित तुलसी घाट का उनके जीवन से गहरा नाता रहा है। यहीं पर वह स्नान-ध्यान और पूजा-पाठ किया करते थे। आज भी घाट पर उनकी प्रतिमा और प्राचीन मंदिर मौजूद हैं, जहां हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं।
पर्यटन विभाग के अनुसार स्वीकृत धनराशि से घाट पर समग्र पर्यटन विकास के कार्य कराए जाएंगे। इसमें यमुना आरती स्थल का सुंदरीकरण, बैठने की व्यवस्था, लाइटिंग, पाथवे, स्नान घाट की मरम्मत और श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाएं शामिल है।
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विभाग जल्द ही इसकी डीपीआर तैयार कर टेंडर प्रक्रिया पूरी करेगा, जिसके बाद निर्माण कार्य शुरू होगा। स्थानीय निवासी शिव पूजन गुप्ता, विकास कसौंधन का कहना है कि इससे राजापुर को पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान भी मिलेगी। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
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तुलसीदास की जन्मस्थली पर हर साल लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। यहां पर यमुना में आरती नहीं हो पाती है। इसको लेकर योजना तैयार की गई थी। अब रामघाट की तरह यहां पर भी महाआरती हो सकेगी। साथ ही स्थानीय लोग दुकानें लगाकर रोजगार भी कर सकेंगे।- डीके शर्मा, क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी।