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Chitrakoot News: यमुना-मंदाकिनी का जलस्तर बढ़ा, 50 से अधिक गांव प्रभावित
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मऊ/राजापुर (चित्रकूट)। मध्यप्रदेश में हो रही बारिश से यमुना और मंदाकिनी नदी का जलस्तर बढ़ रहा है। यमुना का पानी सड़कों पर बने रपटों पर आ जाने से 50 से अधिक गांंवों का संपर्क कट गया। कई गांवों को जाने वाली सड़कों पर पानी भर जाने से ग्रामीण नाव के सहारे आवागमन कर रहे हद्यैं। कई गांवों के बच्चे स्कूल नहीं जा सके।
बुधवार की रात से यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे मऊ व राजापुर क्षेत्र के 50 से अधिक गांव प्रभावित हैं। मऊ क्षेत्र के मवई कला गांव के पास रपटे पर यमुना का पानी भर गया। इससे मवई, पिपरी, भिख्खी का डेरा, बरवार, मंडौर, बियावल, सहित अन्य गांव के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गईं। आवागमन बाधित है। ग्रामीण हरिश्चंद्र, राजेश त्रिपाठी, दयाशंकर, रज्जन निषाद, रमेश निषाद, इंद्रेश त्रिपाठी ने बताया कि यमुना नदी का पानी बढ़ने से फसलों को नुकसान हो रहा है।
उधर, मंदाकिनी का पानी बढ़ने से रामघाट के दुकानदारों को सतर्क कर दिया है। दुकानदार दुकान समेट रहे हैं। बुधवार की सुबह पानी बढ़ने से रामघाट की सभी सीढि़यां डूब गईं। घाट किनारे पुलिस टीम तैनात है। तीर्थयात्रियों को नदी में स्नान करने से रोका जा रहा है।
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इनसेट
प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया
मऊ। तहसीलदार विजय कुमार यादव व राजस्व विभाग की टीम ने यमुना नदी के आसपास के गांवों का निरीक्षण किया। ग्रामीणों से मिलकर कहा कि नदी के पास न जाएं। जिन के घर नदी के तट पर बसे है वह सावधान रहे।
इनसेट
राजापुर क्षेत्र के प्रभावित गांव
राजापुर। क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों के तट से यमुना नदी बहती है। नदी का जलस्तर बढ़ने से इस क्षेत्र के कई गांव प्रभावित हैं। खेतों में भी पानी भर गया है। इससे फसलों को नुकसान हो रहा है।
राजापर क्षेत्र के गांव चिल्लीराकस, बिहरवा, बरद्वारा, चंादी, विलास, अरकी, ममसी बुर्जग, लमियारी भदेदू, कनटकोटा, तीर धुमाई, वीर धुमाई कुसैली, सरधुआ आदि गांव यमुना नदी के किनारे बसे हुए है।जलस्तर बढऩे से यह गांव प्रभावित हैं। चिल्लीराकस गांव के ग्रामीण महेश पांडेय ने बतायाकि यमुना नदी के किनारे यह गांव बसा हुआ है। जलस्तर नदी का बढऩे लगा है। नदी के तट कि नारे के खेतों में भी पानी भरने लगा है। हालाकि अभी ज्यादा नुकसान नहींं है।
एक मीटर पानी बढ़ा
राजापुर। यमुना नदी खतरे का निशान 93 मीटर है। जिसमें नदी के तट से एक मीटर पानी में बढ़ोत्तरी हुई है। अभी यमुना नदी का पानी खतरे के निशान से 12 मीटर नीचे हैं।
बढ़ते जल स्तर पर रखी जा रही नजर
चित्रकूट। डीएम शिवशरणप्पा जीएन ने बताया कि नदियों में बढ़ते जल स्तर पर नजर रखी जा रही है। अभी कोई खतरा नहीे है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए नाव लगाई गई हैं। स्वास्थ्य टीम को सतर्क किया गया है। मऊ एडीएम राकेश कुमार पाठक व राजापुर एसडीएम प्रमोद झा ने बताया कि राजस्व टीम निरीक्षण कर व्यवस्था देख रही है। ग्रामीणों को सावधान रहने के लिए कहा गया है।
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बुधवार की रात से यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इससे मऊ व राजापुर क्षेत्र के 50 से अधिक गांव प्रभावित हैं। मऊ क्षेत्र के मवई कला गांव के पास रपटे पर यमुना का पानी भर गया। इससे मवई, पिपरी, भिख्खी का डेरा, बरवार, मंडौर, बियावल, सहित अन्य गांव के ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गईं। आवागमन बाधित है। ग्रामीण हरिश्चंद्र, राजेश त्रिपाठी, दयाशंकर, रज्जन निषाद, रमेश निषाद, इंद्रेश त्रिपाठी ने बताया कि यमुना नदी का पानी बढ़ने से फसलों को नुकसान हो रहा है।
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उधर, मंदाकिनी का पानी बढ़ने से रामघाट के दुकानदारों को सतर्क कर दिया है। दुकानदार दुकान समेट रहे हैं। बुधवार की सुबह पानी बढ़ने से रामघाट की सभी सीढि़यां डूब गईं। घाट किनारे पुलिस टीम तैनात है। तीर्थयात्रियों को नदी में स्नान करने से रोका जा रहा है।
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प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया
मऊ। तहसीलदार विजय कुमार यादव व राजस्व विभाग की टीम ने यमुना नदी के आसपास के गांवों का निरीक्षण किया। ग्रामीणों से मिलकर कहा कि नदी के पास न जाएं। जिन के घर नदी के तट पर बसे है वह सावधान रहे।
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राजापुर क्षेत्र के प्रभावित गांव
राजापुर। क्षेत्र के 50 से अधिक गांवों के तट से यमुना नदी बहती है। नदी का जलस्तर बढ़ने से इस क्षेत्र के कई गांव प्रभावित हैं। खेतों में भी पानी भर गया है। इससे फसलों को नुकसान हो रहा है।
राजापर क्षेत्र के गांव चिल्लीराकस, बिहरवा, बरद्वारा, चंादी, विलास, अरकी, ममसी बुर्जग, लमियारी भदेदू, कनटकोटा, तीर धुमाई, वीर धुमाई कुसैली, सरधुआ आदि गांव यमुना नदी के किनारे बसे हुए है।जलस्तर बढऩे से यह गांव प्रभावित हैं। चिल्लीराकस गांव के ग्रामीण महेश पांडेय ने बतायाकि यमुना नदी के किनारे यह गांव बसा हुआ है। जलस्तर नदी का बढऩे लगा है। नदी के तट कि नारे के खेतों में भी पानी भरने लगा है। हालाकि अभी ज्यादा नुकसान नहींं है।
एक मीटर पानी बढ़ा
राजापुर। यमुना नदी खतरे का निशान 93 मीटर है। जिसमें नदी के तट से एक मीटर पानी में बढ़ोत्तरी हुई है। अभी यमुना नदी का पानी खतरे के निशान से 12 मीटर नीचे हैं।
बढ़ते जल स्तर पर रखी जा रही नजर
चित्रकूट। डीएम शिवशरणप्पा जीएन ने बताया कि नदियों में बढ़ते जल स्तर पर नजर रखी जा रही है। अभी कोई खतरा नहीे है। ग्रामीणों की सुविधा के लिए नाव लगाई गई हैं। स्वास्थ्य टीम को सतर्क किया गया है। मऊ एडीएम राकेश कुमार पाठक व राजापुर एसडीएम प्रमोद झा ने बताया कि राजस्व टीम निरीक्षण कर व्यवस्था देख रही है। ग्रामीणों को सावधान रहने के लिए कहा गया है।