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चेकिंग की आड़ में वसूली का खेल
ब्यूरो अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Sat, 13 Feb 2016 11:32 PM IST
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विद्युत विभाग की कारगुजारियों से उपभोक्ता बेहद परेशान हैं। इन दिनों चेकिंग के नाम पर विभागीय टीम के अधिकारी व कर्मचारी घरों में घुसकर अभद्रता करने से भी नहीं चूक रहे हैं। तमाम उपभोक्ताओं ने आरोप लगाया कि जांच टीम चेकिंग के नाम पर वसूली कर रही है।
समाजसेवी अभिमन्यु सिंह ने मंडलायुक्त समेत विभाग के मंत्री तक को पत्र लिखकर बताया कि बिजली विभाग की चेकिंग टीम ने बगैर उन्हें बताए घर का कनेक्शन काट दिया। जब वह अपनी मां को लेकर पुरानी बाजार स्थित विद्युत विभाग कार्यालय पहुंचे तो वहां मौजूद अधिकारियों ने मां को अपशब्द कहते हुए बिजली चोर तक कह डाला।
इसका विरोध कर कानूनी कार्यवाही की धमकी दी गई तो उनसे कनेक्शन जोड़ने के नाम पर चार हजार रुपये मांगे गए। इसी प्रकार उपभोक्ता कौशलेंद्र कुमार ने बताया कि उनका कनेक्शन एक किलोवाट का है लेकिन विभागीय अधिकारियों ने घर आकर जबरन कनेक्शन काट दिया और फिर दो किलोवाट का भार बताकर अलग से रुपये मांगे।
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आरोप लगाया कि इस प्रकार के दो दर्जन से अधिक मामले हैं, जहां विभागीय टीम ने छापेमारी कर पहले बगैर कुछ पूछताछ के कनेक्शन काटे और फिर रिश्वत लेकर उन्हेें जोड़ दिया। टीम के सदस्यों से अगर कोई कनेक्शन काटने का कारण पूछता है तो उससे अभद्र व्यवहार किया जाता है। यही नहीं विरोध करने पर एफआईआर की धमकी भी दी जाती है। उन्होंने विभागीय टीम के अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।
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समाजसेवी अभिमन्यु सिंह ने मंडलायुक्त समेत विभाग के मंत्री तक को पत्र लिखकर बताया कि बिजली विभाग की चेकिंग टीम ने बगैर उन्हें बताए घर का कनेक्शन काट दिया। जब वह अपनी मां को लेकर पुरानी बाजार स्थित विद्युत विभाग कार्यालय पहुंचे तो वहां मौजूद अधिकारियों ने मां को अपशब्द कहते हुए बिजली चोर तक कह डाला।
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इसका विरोध कर कानूनी कार्यवाही की धमकी दी गई तो उनसे कनेक्शन जोड़ने के नाम पर चार हजार रुपये मांगे गए। इसी प्रकार उपभोक्ता कौशलेंद्र कुमार ने बताया कि उनका कनेक्शन एक किलोवाट का है लेकिन विभागीय अधिकारियों ने घर आकर जबरन कनेक्शन काट दिया और फिर दो किलोवाट का भार बताकर अलग से रुपये मांगे।
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आरोप लगाया कि इस प्रकार के दो दर्जन से अधिक मामले हैं, जहां विभागीय टीम ने छापेमारी कर पहले बगैर कुछ पूछताछ के कनेक्शन काटे और फिर रिश्वत लेकर उन्हेें जोड़ दिया। टीम के सदस्यों से अगर कोई कनेक्शन काटने का कारण पूछता है तो उससे अभद्र व्यवहार किया जाता है। यही नहीं विरोध करने पर एफआईआर की धमकी भी दी जाती है। उन्होंने विभागीय टीम के अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की है।