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चित्रकूट में अस्पताल गेट पर दो घंटे पड़ा रहा मरीज
चित्रकूट
Updated Sun, 04 Sep 2016 10:55 PM IST
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जिला अस्पताल के गेट के पास लेटा बुखार से पीड़ित चुन्ना
- फोटो : अमर उजाला
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जिला अस्पताल में बुखार पीड़ित दो घंटे तक गेट के पास जमीन पर लेटा रहा। उसका इलाज करने की किसी ने जहमत नहीं उठाई। इसके अलावा आधा दर्जन बुखार पीड़ितों को भर्ती कराया गया।
जिले में बुखार व डायरिया में कमी नहीं आ रही। जिलाधिकारी के बार-बार समझाने के बावजूद जिला अस्पताल में मरीजों के इलाज में लापरवाही जारी है। रविवार को अस्पताल के आपातकालीन गेट पर एक बुखार पीड़ित मरीज दो घंटे तक पड़ा रहा और तमाम विभागीय कर्मचारी वहां से गुजरते रहे लेकिन किसी ने उसे वार्ड में भर्ती कराने को नहीं कहा।
बराहमाफी मानिकपुर के पूर्व प्रधान सुंदरलाल ने बताया कि उनके गांव के चुन्ना पुत्र सहदेव को चार दिन से बुखार था। शनिवार को उसे जिला अस्पताल लाए लेकिन आपातकालीन वार्ड में बेड खाली न होने पर वह दो घंटे तक गेट पर ही पड़ा रहा इसके बाद इलाज शुरू हुआ। इसके अलावा जिला
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अस्पताल में मछली मंडी कर्वी की बेलपतिया पत्नी गेंदालाल, सोनेपुर की आरती पुत्री छेदीलाल, भैरोंपागा निवासी गायत्री पत्नी फूलचंद्र, समय लाल पुत्र संतोष, पहाड़ी के रमेश पुत्र रामदयाल और चांदी राजापुर के सूरज पुत्र राजेंद्र को बुखार से पीड़ित होने पर भर्ती कराया गया। इस मामले में सीएमएस डा. एनके गुप्ता ने बताया कि गेट पर मरीज के लेटे रहने की जानकारी नहीं है। मौजूद डाक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों से इसकी पूछताछ की जाएगी।
ऐंचवारा निवासी सेवानिवृत शिक्षक भोला (62) पुत्र रामकृपाल को तेज बुखार पर शनिवार को परिजन अस्पताल लाए। जहां डेंगू के लक्षण पाए जाने पर उसे इलाहाबाद रेफर किया गया। प्राइवेट अस्पताल में भोला के बुखार की जांच कराई गई जहां डेंगू की संभावना बताई गई है। गांव के संतोष कुमार ने बताया कि गांव में कई और लोग बुखार से पीड़ित हैं। इसके अलावा डेंगू की संभावना पर एक वृद्ध को इलाहाबाद भेजा गया।
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जिले में बुखार व डायरिया में कमी नहीं आ रही। जिलाधिकारी के बार-बार समझाने के बावजूद जिला अस्पताल में मरीजों के इलाज में लापरवाही जारी है। रविवार को अस्पताल के आपातकालीन गेट पर एक बुखार पीड़ित मरीज दो घंटे तक पड़ा रहा और तमाम विभागीय कर्मचारी वहां से गुजरते रहे लेकिन किसी ने उसे वार्ड में भर्ती कराने को नहीं कहा।
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बराहमाफी मानिकपुर के पूर्व प्रधान सुंदरलाल ने बताया कि उनके गांव के चुन्ना पुत्र सहदेव को चार दिन से बुखार था। शनिवार को उसे जिला अस्पताल लाए लेकिन आपातकालीन वार्ड में बेड खाली न होने पर वह दो घंटे तक गेट पर ही पड़ा रहा इसके बाद इलाज शुरू हुआ। इसके अलावा जिला
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अस्पताल में मछली मंडी कर्वी की बेलपतिया पत्नी गेंदालाल, सोनेपुर की आरती पुत्री छेदीलाल, भैरोंपागा निवासी गायत्री पत्नी फूलचंद्र, समय लाल पुत्र संतोष, पहाड़ी के रमेश पुत्र रामदयाल और चांदी राजापुर के सूरज पुत्र राजेंद्र को बुखार से पीड़ित होने पर भर्ती कराया गया। इस मामले में सीएमएस डा. एनके गुप्ता ने बताया कि गेट पर मरीज के लेटे रहने की जानकारी नहीं है। मौजूद डाक्टर व स्वास्थ्यकर्मियों से इसकी पूछताछ की जाएगी।
ऐंचवारा निवासी सेवानिवृत शिक्षक भोला (62) पुत्र रामकृपाल को तेज बुखार पर शनिवार को परिजन अस्पताल लाए। जहां डेंगू के लक्षण पाए जाने पर उसे इलाहाबाद रेफर किया गया। प्राइवेट अस्पताल में भोला के बुखार की जांच कराई गई जहां डेंगू की संभावना बताई गई है। गांव के संतोष कुमार ने बताया कि गांव में कई और लोग बुखार से पीड़ित हैं। इसके अलावा डेंगू की संभावना पर एक वृद्ध को इलाहाबाद भेजा गया।