फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   The passenger train did not get treatment, death

ट्रेन में यात्री को नहीं मिला इलाज, मौत

Tue, 19 Jul 2016 11:05 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट Updated Tue, 19 Jul 2016 11:05 PM IST
विज्ञापन
The passenger train did not get treatment, death
प्रतीकात्मक। - फोटो : अमर उजाला

पटना-पुणे एक्सप्रेस में सफर कर रहे मरीज को सूचना के बाद भी चिकित्सा सुविधा नहीं मिली। इससे उसकी रास्ते में मौत हो गई। मृतक के बेटे ने बताया कि मानिकपुर स्टेशन पर ट्रेन करीब पंद्रह मिनट खड़ी रही लेकिन डाक्टर नहीं आए। जिसकारण पिता की हालत ज्यादा बिगड़ गई और सतना पहुंचने पर पिता की मौत हो गई।  

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार, मुजफ्फरपुर जिले के कुडनी निवासी पशुपति भगत (55) रविवार को अपने पुत्र संतोष के साथ दमा की बीमारी का इलाज कराने पुणे जा रहे थे। पटना-पुणे एक्सप्रेस के एस-2 कोच में सफर करते समय जैसे ही ट्रेन डभौरा स्टेशन के पास पहुंची, तभी पशुपति के तेज दर्द होने पर टीटीई से अगले स्टेशन पर डाक्टर बुलाने की मांग की। संतोष ने बताया कि टीटीई ने कहा कि अगला स्टेशन मानिकपुर है, जहां के स्टेशन प्रबंधक को सूचना दे दी गई है।
विज्ञापन


वैसे ट्रेन तो जंक्शन पर रुकती नहीं है लेकिन टीटीई ने गार्ड व चालक को सूचना देकर ट्रेन रुकवाई। संतोष ने बताया, ट्रेन मानिकपुर स्टेशन पर सुबह करीब साढ़े छह पहुंची और करीब पंद्रह मिनट तक रुकी रही, लेकिन कोई डाक्टर नहीं आया। इससे ट्रेन आगे बढ़ गई और एमपी के सतना पहुंचने पर उनके पिता की मौत हो गई। इस मामले में सतना स्टेशन प्रबंधक कल्लूराम मीणा और जीआरपी इंचार्ज एसआर बागरी ने बताया कि मरीज की मौत ट्रेन में ही हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


सूचना पर उन्हें जिला अस्पताल ले जाया गया था, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। उधर, इस मामले में मानिकपुर स्टेशन प्रबंधक जवाहरलाल और जीआरपी प्रभारी जेपी सिंह ने बताया कि ऐसी कोई सूचना नहीं मिली थी। ट्रेन रुकी जरूर थी, लेकिन मरीज होने की सूचना नहीं दी गई।


उत्तर मध्य रेलवे के चीफ कामर्शियल इंस्पेक्टर केके राय ने बताया कि यदि सूचना मिलती, तो इलाज के लिए डाक्टर उपलब्ध कराए जाते हैं। इधर, मृतक के पुत्र संतोष ने बताया कि सूचना तो दी गई थी, ट्रेन भी खड़ी रही लेकिन कोई टीम नहीं आई। जिससे उसके पिता की हालत ज्यादा गंभीर हो गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed