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फोरम ने बीमा कंपनी को दिया रुपये देने का आदेश
ब्यूरो, अमर उजाला चित्रकूट
Updated Tue, 13 Jan 2015 11:53 PM IST
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जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष फोरम के अध्यक्ष एसके श्रीवास्तव ने भारतीय
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जीवन बीमा निगम को चार लाख रुपये की धनराशि और निर्णय की तिथि तक पांच
फीसदी वार्षिक की दर से ब्याज एक माह के अंदर वादी को अदा करने का आदेश
दिया है।
मामला देवल पोस्ट चौरा तहसील कर्वी की ननकी देवी का है। ननकी ने परिवाद पत्र दायर कर कहा था कि उसके पति रामकिशोर यादव ने भारतीय जीवन बीमा निगम की मथुरा शाखा से तीस मार्च 95 को एक पालिसी ली थी।
इसके अलावा 18 फरवरी 95 को कर्वी शाखा से एक पालिसी ली गई। इन दोनों की पहली किस्त भी अदा की गई। रामकिशोर की 14 मई 95 को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहाड़ी में उल्टी-दस्त से मौत हो गई।
इसके बाद निगम के कार्यालय में कई बार क्लेम के लिए प्रार्थनापत्र दिए पर सुनवाई नहीं हुई। वरिष्ठ मंडल प्रबंधक ने दावा अस्वीकार कर दिया गया और सूचना नहीं दी गई। जब उसे न्याय नहीं मिला तो उसने फोरम में परिवाद दायर किया।
फोरम के अध्यक्ष एसके श्रीवास्तव ने विपक्षीगण भारतीय जीवन बीमा निगम के वरिष्ठ मंडल प्रबंधक अलीगढ़, क्षेत्रीय मंडल प्रबंधक कानपुर, वरिष्ठ मंडल प्रबंधक इलाहाबाद, शाखा प्रबंधक कर्वी और मथुरा को आदेशित किया है कि वे परिवादिनी को कुल चार लाख रुपये की बीमा धनराशि और उस पर निर्णय की तिथि तक पांच प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज का भुगतान करें।
उन्होंने संपूर्ण धनराशि आदेश पारित होने के एक माह के अंदर अदा करने के आदेश दिए हैं। इस मौके पर फोरम के सदस्य रामराज सिंह और मंजू गुप्ता भी मौजूद रहीं।
मामला देवल पोस्ट चौरा तहसील कर्वी की ननकी देवी का है। ननकी ने परिवाद पत्र दायर कर कहा था कि उसके पति रामकिशोर यादव ने भारतीय जीवन बीमा निगम की मथुरा शाखा से तीस मार्च 95 को एक पालिसी ली थी।
इसके अलावा 18 फरवरी 95 को कर्वी शाखा से एक पालिसी ली गई। इन दोनों की पहली किस्त भी अदा की गई। रामकिशोर की 14 मई 95 को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पहाड़ी में उल्टी-दस्त से मौत हो गई।
इसके बाद निगम के कार्यालय में कई बार क्लेम के लिए प्रार्थनापत्र दिए पर सुनवाई नहीं हुई। वरिष्ठ मंडल प्रबंधक ने दावा अस्वीकार कर दिया गया और सूचना नहीं दी गई। जब उसे न्याय नहीं मिला तो उसने फोरम में परिवाद दायर किया।
फोरम के अध्यक्ष एसके श्रीवास्तव ने विपक्षीगण भारतीय जीवन बीमा निगम के वरिष्ठ मंडल प्रबंधक अलीगढ़, क्षेत्रीय मंडल प्रबंधक कानपुर, वरिष्ठ मंडल प्रबंधक इलाहाबाद, शाखा प्रबंधक कर्वी और मथुरा को आदेशित किया है कि वे परिवादिनी को कुल चार लाख रुपये की बीमा धनराशि और उस पर निर्णय की तिथि तक पांच प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज का भुगतान करें।
उन्होंने संपूर्ण धनराशि आदेश पारित होने के एक माह के अंदर अदा करने के आदेश दिए हैं। इस मौके पर फोरम के सदस्य रामराज सिंह और मंजू गुप्ता भी मौजूद रहीं।