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Chitrakoot News: डीएनए टेस्ट में सुनील के पिता की आनाकानी से गहराया था शक
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चित्रकूट। कर्ज से बचने व बीमा की रकम (ढाई करोड़ रुपये) पाने की लालच में पति-पत्नी ने जो साजिश रची उसमें पुलिस सात दिन तक उलझी रही। सब कुछ योजनाबद्ध तरीके से हो रहा था लेकिन शक होने पर जब पुलिस ने सुनील के पिता का डीएनए टेस्ट कराने के लिए बुलाया तो टाल-मटोल करने लगा। घटनास्थल पर हेमा के रींवा से महज दो घंटे में पहुंचना फिर तीन घंटे तक थाने में बैठने के दौरान एक बार भी न रोना पुलिस का अखर रहा था। कार में मिली सिम व जले मोबाइल को तत्काल पति का बताकर आशंका जाहिर कर दी कि कहीं पति की ही तो मौत नहीं हो गई। साथ में किसी दूसरे व्यक्ति के रींवा से आने की बात से बारबार इंकार करती रही।
पुलिस ने रींवा जाकर रास्ते के सारे टोल व सीसीटीवी फुटेज खंगाले। बुआ के बयान से पुष्टि हुई कि घर से सुनील दो लोग के साथ चला था। आखिर दूसरा कौन था और वह कहां तक आया। सुनील की पत्नी हेमा ने ससुर के डीएनए टेस्ट का कुछ विरोध किया। दो दिन तक टालमटोल किया तो पुलिस का शक गहरा गया। इसी उधेड़बुन में उसने सुनील को दूसरे के नंबर से फोन कर बुलाया और ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने रैपुरा के आनंदपुर में सुनील को पत्नी समेत पकड़ लिया। इसके बाद पूरा राज खुला।
एसपी अरुण सिंह ने बताया कि हेमा के हावभाव से शक तो हुआ लेकिन माहौल को देखते हुए उसे बहादुर महिला तक कहा गया। दोनों की योजना के अनुसार ही काम हो रहा था। इसलिए सुनील ने कार में जानबूझकर अपना मोबाइल छोड़ा था कि जांच में वहां मोबाइल सिम मिलेगा तो मानाजाएगा कि मृतक सुनील ही है। इसी पर हेमा ने इसकी तत्काल शिनाख्त कर दी थी। जबकि मोबाइल पूरी तरह जल चुका था और सिम 70 प्रतिशत जला था।
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29/30 जून की देर रात को घटना होते ही जब कार नंबर के अनुसार पुलिस ने उसके परिजनों से पूछताछ की तो बरगढ़ के रास्ते हेमा प्राइवेट साधन से दो घंटे में घटना स्थल पहुंच गई। यहां पहले यह भी बताया कि वह मायके में थी पति उससे मिलने कंधवनिया आए थे इसके बाद वहां से सुल्तानपुर के लिए रवाना हुए थे। जांच के बाद पता चला कि हेमा तो ससुराल में थी। गैस सिलिंडर सहेली का बताया तो पुलिस ने उस सहेली से बात की तो पता चला कि उसका कोई सिलिंडर नहीं है।
पुलिस एक बार सुनील के होने का धोखा खा गई लेकिन डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट आने के पहले ही राज खुल गया। पुलिस ने सुनील की पत्नी हेमा के बयान व लिखित रुप से पति का शव मानने के बाद निश्चिंत हो गई कि शव सुनील का है। लेकिन मामला दूसरा निकला। इससे सबक लेते हुए पुलिस ने अब मृतक बताए जा रहे रींवा जवा नेहरुनगर निवासी विनय चौहान के शव की भी शिनाख्त के लिए सावधानी बरत रही है। उसके भाई विकास चौहान का डीएनए सैंपल लिया गया है। एसपी अरुणसिंह ने बताया कि इसकी रिपोर्ट आने के बाद पुष्टि होगी कि मृतक विनय है या कोई और।
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मृतक बताए जा रहे विनय चौहान के भाई विकास चौहान ने राजापुर थाने में तहरीर दी कि उसका भाई 29 जून से लापता है। उसकी कई जगह तलाश की गई है लेकिन कुछ पता नहीं चला है। इस घटना के बारे में जानकारी होने पर यहां आने पर शक है कि सुनील व उसकी पत्नी ने मिलकर योजना बनाकर उसकी हत्या कर दी है।
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पुलिस ने रींवा जाकर रास्ते के सारे टोल व सीसीटीवी फुटेज खंगाले। बुआ के बयान से पुष्टि हुई कि घर से सुनील दो लोग के साथ चला था। आखिर दूसरा कौन था और वह कहां तक आया। सुनील की पत्नी हेमा ने ससुर के डीएनए टेस्ट का कुछ विरोध किया। दो दिन तक टालमटोल किया तो पुलिस का शक गहरा गया। इसी उधेड़बुन में उसने सुनील को दूसरे के नंबर से फोन कर बुलाया और ग्रामीणों की मदद से पुलिस ने रैपुरा के आनंदपुर में सुनील को पत्नी समेत पकड़ लिया। इसके बाद पूरा राज खुला।
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एसपी अरुण सिंह ने बताया कि हेमा के हावभाव से शक तो हुआ लेकिन माहौल को देखते हुए उसे बहादुर महिला तक कहा गया। दोनों की योजना के अनुसार ही काम हो रहा था। इसलिए सुनील ने कार में जानबूझकर अपना मोबाइल छोड़ा था कि जांच में वहां मोबाइल सिम मिलेगा तो मानाजाएगा कि मृतक सुनील ही है। इसी पर हेमा ने इसकी तत्काल शिनाख्त कर दी थी। जबकि मोबाइल पूरी तरह जल चुका था और सिम 70 प्रतिशत जला था।
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29/30 जून की देर रात को घटना होते ही जब कार नंबर के अनुसार पुलिस ने उसके परिजनों से पूछताछ की तो बरगढ़ के रास्ते हेमा प्राइवेट साधन से दो घंटे में घटना स्थल पहुंच गई। यहां पहले यह भी बताया कि वह मायके में थी पति उससे मिलने कंधवनिया आए थे इसके बाद वहां से सुल्तानपुर के लिए रवाना हुए थे। जांच के बाद पता चला कि हेमा तो ससुराल में थी। गैस सिलिंडर सहेली का बताया तो पुलिस ने उस सहेली से बात की तो पता चला कि उसका कोई सिलिंडर नहीं है।
पुलिस एक बार सुनील के होने का धोखा खा गई लेकिन डीएनए टेस्ट की रिपोर्ट आने के पहले ही राज खुल गया। पुलिस ने सुनील की पत्नी हेमा के बयान व लिखित रुप से पति का शव मानने के बाद निश्चिंत हो गई कि शव सुनील का है। लेकिन मामला दूसरा निकला। इससे सबक लेते हुए पुलिस ने अब मृतक बताए जा रहे रींवा जवा नेहरुनगर निवासी विनय चौहान के शव की भी शिनाख्त के लिए सावधानी बरत रही है। उसके भाई विकास चौहान का डीएनए सैंपल लिया गया है। एसपी अरुणसिंह ने बताया कि इसकी रिपोर्ट आने के बाद पुष्टि होगी कि मृतक विनय है या कोई और।
मृतक बताए जा रहे विनय चौहान के भाई विकास चौहान ने राजापुर थाने में तहरीर दी कि उसका भाई 29 जून से लापता है। उसकी कई जगह तलाश की गई है लेकिन कुछ पता नहीं चला है। इस घटना के बारे में जानकारी होने पर यहां आने पर शक है कि सुनील व उसकी पत्नी ने मिलकर योजना बनाकर उसकी हत्या कर दी है।