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वाल्मीकि आश्रम में मोरारी बापू की कथा आज

Wed, 01 Dec 2021 11:57 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 01 Dec 2021 11:57 PM IST
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Story of Morari Bapu in Valmiki Ashram today
फोटो नंबर-3- महर्षि वाल्मीकि आश्रम पर स्थित अशावर माता का मंदिर। संवाद - फोटो : CHITRAKOOT
चित्रकूट/भौंरी। लालापुर गांव स्थित वाल्मीकि आश्रम में संत मोरारी बापू की श्रीराम कथा बृहस्पतिवार को होगी। इसकी तैयारियां पूरी हो गई हैं। कार्यक्रम स्थल का अपर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्र कुमार राय ने पुलिस फोर्स के साथ निरीक्षण किया। कोरोना गाइड लाइन के मद्देनजर ऐसी व्यवस्था की गई है कि कथा स्थल पर दो हजार से अधिक श्रोता न हों। दूर-दूर तक लाउडस्पीकर लगाए गए हैं। मंदिर के नीचे एलसीडी से भी प्रसारण का प्रयास किया जा रहा है।
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कथा वाचक मोरारी बापू की संत वाल्मीकि आश्रम में श्रीराम कथा होने जा रही है। कथा सुनने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाहर से आए हैं। कथा स्थल पर भव्य पंडाल बनाया गया है। दस बजकर 30 मिनट से कार्यक्रम की शुरुआत होगी। इसकी तैयारी की जा रही है। कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर अपर पुलिस अधीक्षक ने कथा स्थल का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था को देखा। श्रीराम कथा के आयोजक भी व्यवस्था देख रहे हैं।
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कई प्रदेशों से आए हैं भक्त
व्यवस्था देख रहे नितिन अमेटा ने बताया कि मोरारी बापू की कथा सुनने के लिए गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान सहित कई प्रदेशों से बड़ी संख्या में भक्त आए हैं। कोविड की नई लहर ओमीक्रोन के बढ़ते खतरे को देखते हुए कथा स्थल पर श्रोताओं की संख्या सीमित रखने का प्रयास हो रहा है। आमतौर पर इनकी कथा में कई हजार श्रोता पहुंचते हैं लेकिन इस बार यह संख्या अधिकतम दो हजार तक ही रखने के प्रयास हैं।
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अशावर देवी के दर्शन करने आते हजारों भक्त
संत मोरारी बापू की जिस स्थान पर कथा होने जा रही है, वह स्थान प्राचीन वाल्मीकि आश्रम के नाम से जाना जाता है। यहीं पर माता अशावर देवी का भी मंदिर है। दर्शन करने के लिए हजारों भक्त आते रहते है। ऐसी मान्यता है कि इस आश्रम मेें माता सीता व लव व कुश रहते थे। जिस मूर्ति को अशावर देवी कहा जाता है वह माता सीता की ही प्रतिरूप है जो आशा के अनुसार भक्तों की इच्छा की पूर्ति करती हैं। संत दिव्यजीवदास ने बताया कि यह प्राचीन वाल्मीकि आश्रम ही, जिसके ठीक बगल में तमसा नदी भी बहती हैं।
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