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Chitrakoot News: हाईटेंशन के तारों से निकली चिंगारी, धू-धूकर जली शंकराचार्य आश्रम की यज्ञशाला
Sat, 11 Apr 2026 11:05 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sat, 11 Apr 2026 11:05 PM IST
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फोटो 11 सीकेटीपी-32- धू धूकर जलती मड़फा आश्रम की यज्ञशाला। संवाद
चित्रकूट। प्रसिद्ध तीर्थ स्थल मड़फा महादेव की तलहटी में स्थित शंकराचार्य आश्रम में शनिवार शाम आग लग गई। देखते-ही-देखते लपटों ने आश्रम की यज्ञशाला को अपने आगोश में ले लिया। जिससे यज्ञशाला धू-धूकर जल गई। हाईटेंशन लाइन से निकली चिंगारी से यह आग लगना बताया जा रहा है।
वृंदावन और काशी से आए कारीगरों ने यज्ञशाला बनाई थी। कुछ समय पहले ही यहां शिव शक्ति महायज्ञ और राजराजेश्वरी महाआराधना जैसे बड़े धार्मिक आयोजन संपन्न हुए थे। घटना के समय आश्रम में संध्या आरती की तैयारी चल रही थी। गांव के पूर्व प्रधान नरेंद्र कुमार पयासी के अनुसार, शाम करीब सात बजे अचानक यज्ञशाला से आग की लपटें उठने लगीं।
ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया और किसी तरह आग को आगे फैलने से रोका। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। तब तक ग्रामीणों के प्रयास से आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया था। यदि समय रहते आग नहीं रोकी जाती तो पास के खेतों में खड़ी फसल और गांव तक इसकी चपेट में आ सकते थे। आश्रम प्रबंधन का आरोप है कि हाईटेंशन लाइन को हटाने के लिए कई बार विद्युत विभाग को लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया गया था, लेकिन विभाग ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
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पूर्वाम्नाय पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य अधोक्षजानन्द ने इस लापरवाही पर गहरी नाराजगी जताई है। भरतकूप थानाध्यक्ष उपेंद्र प्रताप ने बताया कि मौके पर जाकर घटना की जानकारी ली गई है और जांच की जा रही है।
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वृंदावन और काशी से आए कारीगरों ने यज्ञशाला बनाई थी। कुछ समय पहले ही यहां शिव शक्ति महायज्ञ और राजराजेश्वरी महाआराधना जैसे बड़े धार्मिक आयोजन संपन्न हुए थे। घटना के समय आश्रम में संध्या आरती की तैयारी चल रही थी। गांव के पूर्व प्रधान नरेंद्र कुमार पयासी के अनुसार, शाम करीब सात बजे अचानक यज्ञशाला से आग की लपटें उठने लगीं।
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ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाने का प्रयास शुरू किया और किसी तरह आग को आगे फैलने से रोका। फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। तब तक ग्रामीणों के प्रयास से आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया था। यदि समय रहते आग नहीं रोकी जाती तो पास के खेतों में खड़ी फसल और गांव तक इसकी चपेट में आ सकते थे। आश्रम प्रबंधन का आरोप है कि हाईटेंशन लाइन को हटाने के लिए कई बार विद्युत विभाग को लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया गया था, लेकिन विभाग ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया।
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पूर्वाम्नाय पुरी पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य अधोक्षजानन्द ने इस लापरवाही पर गहरी नाराजगी जताई है। भरतकूप थानाध्यक्ष उपेंद्र प्रताप ने बताया कि मौके पर जाकर घटना की जानकारी ली गई है और जांच की जा रही है।

फोटो 11 सीकेटीपी-32- धू धूकर जलती मड़फा आश्रम की यज्ञशाला। संवाद