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राशन की दुकानों का सोशल आडिट कराया जाए

Sat, 13 Oct 2018 11:40 PM IST
chitrakoot
chitrakoot Updated Sat, 13 Oct 2018 11:40 PM IST
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Social audit of ration shops should be done
miting - फोटो : अमर उजाला

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अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के आधार पर राशन कार्ड धारकों को खाद्यान्न उपलब्ध कराने के लिए राज्य खाद्य आयोग उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने चित्रकूट व महोबा जिले के खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारियों की बैठक ली।
जिसमें राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष नंद किशोर यादव ने कहा कि सरकार की मंशा के आधार पर कार्य किया जाए। सभी दुकानों का सोशल आडिट कराएं। अंत्योदय व पात्र गृहस्थी के 25 प्रतिशत राशन कार्ड धारकों को बुलाकर समीक्षा की जाए। जिले के बाल पेंटिंग कराकर प्रचार प्रसार किया जाए। यह योजना 5 जुलाई 2013 से शुरू की गई है। सदस्य मो इस्माईल खां ने कहा छापेमारी की कार्रवाई लगातार जारी रखें। हर हालत में लाभार्थियों को खाद्यान्न मिलना चाहिए। जो दुकानें निलंबित हैं उनसे स्पष्टीकरण लेकर निस्तारण कराएं। इस मौके पर अपर जिलाधिकारी जीपी सिंह, जिलापूर्ति अधिकारी महोबा रामकृष्ण पांडेय, राजेश वर्मा, अभय कुमार, शत्रुघन, शत्रघुन सिंह, दिलीप कुमार आदि मौजूद रहे।
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जिले में 1 लाख 89 राशन कार्ड धारक
चित्रकूट। जिलापूर्ति अधिकारी ध्रुवराज ने बताया कि जिले में 1 लाख 89 हजार राशन कार्ड हैं। उसमें 07 लाख 354 युनिट है। यहां पर कुल 477 दुकानें हैं। आधार फीडिंग मुखिया का 97.97 प्रतिशत किया गया है। 89.59 प्रतिशत यूनिट है। शहर में पॉस मशीन से राशन का वितरण कराया जा रहा है।
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नहीं दे रहे जवाब बस टालमटोल
चित्रकूट। राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष व सदस्य ने चित्रकूट व महोबा जिले की समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत की। कुछ देर तक देानों शासन की योजनाओं को बताते रहे लेकिन जब पत्रकारों ने जिले में राशन वितरण व्यवस्था से जुडे़ कोटेदार द्वारा हर बार आधार कार्ड, फोटो मंगाने, आनलाइन फीडिंग कराने, पॉस मशीन खराब होने, राशन सामग्री का उठान समय से न होने, कोटेदारों को कम तौल की सामग्री देने और कुछ गांव में कोटेदारों की मनमानी से जुडे़ सवाल उठाए तो बस टालमटोल करने लगे। कई सवालों के जवाब में मौन रहे। इसके बाद माना कि सिस्टम में कुछ कमियां हैं आनलाइन होने से यह सब दूर हो रहा है। भ्रष्टाचार खत्म होगा।
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