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Chitrakoot News: घने जंगलों के बीच बने दशरथ घाट पर श्रीराम ने किया था पिंडदान
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चित्रकूट। जिले के मऊ क्षेत्र में घने जंगलों के बीच स्थित है दशरथ घाट। कहा जाता है कि राम ने अपने पिता की मृत्यु के बाद वनवास काल में यहीं पर पिंडदान किया था। इसी वजह से यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र है। यहां पितृ पक्ष मेंं दूर-दूर से श्रद्धालु आकर पुरखों को जलतपर्ण करते हैंं।
मऊ कस्बे के पास स्थित लालता रोड से होते हुए इस स्थान के लिए रास्ता जाता है। जिला मुख्यालय से 12 किमी दूर घने जंगल में पहाड़ों के बीच दशरथ घाट बनाया गया है। इस जगह पर झरना बहता रहता है। इसी स्थान भगवान श्रीराम ने अपने पिता दशरथ का पिंडदान किया था। इस जगह पर राम ने एक शिवलिंग की स्थापना की थी। इस स्थान पर कई देवी देवताओं की मूर्ति बनी है। पहाड़ के बीच बहते झरने की आवाज कल कल करती रही है। इस जगह का प्राकृतिक नजारा देखते ही बनता है। दशरथ घाट के पास ही एक गुफा भी है।
राघव घाट पर श्रीराम ने किया था स्नान
धर्मनगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित राघव घाट एक पवित्र स्थल है। यह स्थान भगवान श्रीराम की कथा से जुड़ा है। जब भगवान राम वनवास के दौरान चित्रकूट आए थे, तो उन्होंने इस घाट पर स्नान किया था। यह घाट भगवान राम की पूजा के लिए प्रमुख स्थान है। संत नवलेश दीक्षित ने बताया कि श्रीराम ने इस घाट पर स्नान किया था। मंदाकिनी नदी के जल में अपने पिता के नाम जल तर्पण किया था। राघव घाट में भगवान राम मंदिर, माता सीता मंदिर, हनुमान मंदिर, भगवान शिव मंदिर है। इस घाट में होने वाले प्रमुख कार्यक्रम में रामनवमी दीपावली, होली, मकर संक्राति में कार्यक्रम होते हैं। राघव घाट के आसपास कई आकर्षण स्थल हैं। इसमें कामदगिरि पर्वत, कामदनाथ मंदिर, मंदाकिनी नदी व चित्रकूट जलप्रपात स्थल है।
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मऊ कस्बे के पास स्थित लालता रोड से होते हुए इस स्थान के लिए रास्ता जाता है। जिला मुख्यालय से 12 किमी दूर घने जंगल में पहाड़ों के बीच दशरथ घाट बनाया गया है। इस जगह पर झरना बहता रहता है। इसी स्थान भगवान श्रीराम ने अपने पिता दशरथ का पिंडदान किया था। इस जगह पर राम ने एक शिवलिंग की स्थापना की थी। इस स्थान पर कई देवी देवताओं की मूर्ति बनी है। पहाड़ के बीच बहते झरने की आवाज कल कल करती रही है। इस जगह का प्राकृतिक नजारा देखते ही बनता है। दशरथ घाट के पास ही एक गुफा भी है।
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राघव घाट पर श्रीराम ने किया था स्नान
धर्मनगरी चित्रकूट में मंदाकिनी नदी के किनारे स्थित राघव घाट एक पवित्र स्थल है। यह स्थान भगवान श्रीराम की कथा से जुड़ा है। जब भगवान राम वनवास के दौरान चित्रकूट आए थे, तो उन्होंने इस घाट पर स्नान किया था। यह घाट भगवान राम की पूजा के लिए प्रमुख स्थान है। संत नवलेश दीक्षित ने बताया कि श्रीराम ने इस घाट पर स्नान किया था। मंदाकिनी नदी के जल में अपने पिता के नाम जल तर्पण किया था। राघव घाट में भगवान राम मंदिर, माता सीता मंदिर, हनुमान मंदिर, भगवान शिव मंदिर है। इस घाट में होने वाले प्रमुख कार्यक्रम में रामनवमी दीपावली, होली, मकर संक्राति में कार्यक्रम होते हैं। राघव घाट के आसपास कई आकर्षण स्थल हैं। इसमें कामदगिरि पर्वत, कामदनाथ मंदिर, मंदाकिनी नदी व चित्रकूट जलप्रपात स्थल है।
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