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Chitrakoot News: नाविकों को पहली बार प्रशासन से मदद की उम्मीद
Sun, 04 Oct 2026 11:05 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 04 Oct 2026 11:05 PM IST
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04 सीकेटीपी-10-मूलचंद्र। संवाद
चित्रकूट। मंदाकिनी नदी की बाढ़ से हर साल प्रभावित होने वाले नाविकों को पहली बार प्रशासन से मदद की उम्मीद जगी है। जिला प्रशासन ने रविवार को 17 नाविकों की क्षतिग्रस्त नावों का सर्वे शुरू किया है।
मंदाकिनी में आई बाढ़ ने धर्मनगरी में जमकर तबाही मचाई थी। इस त्रासदी में नाविकों को भी झकझोर दिया था। अमर उजाला में 16 सितंबर को ‘233 नाविक परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर इस दर्द को उजागर किया गया था। इस खबर के बाद प्रशासन हरकत में आया।
रविवार को नगर पालिका की सूची के आधार पर 17 नाविकों की सूची लेकर लेखपाल रामघाट पहुंचा। बाढ़ में कितनी नावें बहीं, कितनी क्षतिग्रस्त हुईं और कितने का नुकसान हुआ, इसकी जानकारी दर्ज की गई। नाविकों का कहना है कि बारिश के मौसम में हर साल नावों को नुकसान होता है, लेकिन अब तक कोई सर्वे नहीं हुआ। पहली बार प्रशासन ने सीधे आकर नुकसान पूछा है, जिससे मुआवजा मिलने की उम्मीद जगी है।
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उधर, नगर पालिका के ईओ राजकिशोर प्रसाद ने बताया कि उत्तर प्रदेश की तरफ पंजीकृत नाविकों का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के बाद रिपोर्ट प्रशासन को भेजी जाएगी।
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बोले नाविक-पहली बार हमारी चिंता की
15 साल से अधिक समय से रामघाट में नाव चला रहे हैं। हर बारिश में बाढ़ आती है और नाविकों को नुकसान होता है। इस बार पहली बार प्रशासन की ओर से नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। इससे कुछ भरपाई हो सकेगी। -सरवन निषाद, नाविक,
20 साल से अधिक समय से नाव चला रहे हैं। इस बार बाढ़ में उनकी नाव क्षतिग्रस्त हो गई। उम्मीद नहीं थी कि प्रशासन नाविकों के नुकसान का सर्वे कराएगा। सर्वे शुरू होने से अब उम्मीद जगी है।- मूलचंद्र निषाद, नाविक, रामघाट
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मंदाकिनी में आई बाढ़ ने धर्मनगरी में जमकर तबाही मचाई थी। इस त्रासदी में नाविकों को भी झकझोर दिया था। अमर उजाला में 16 सितंबर को ‘233 नाविक परिवारों की रोजी-रोटी पर संकट’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर इस दर्द को उजागर किया गया था। इस खबर के बाद प्रशासन हरकत में आया।
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रविवार को नगर पालिका की सूची के आधार पर 17 नाविकों की सूची लेकर लेखपाल रामघाट पहुंचा। बाढ़ में कितनी नावें बहीं, कितनी क्षतिग्रस्त हुईं और कितने का नुकसान हुआ, इसकी जानकारी दर्ज की गई। नाविकों का कहना है कि बारिश के मौसम में हर साल नावों को नुकसान होता है, लेकिन अब तक कोई सर्वे नहीं हुआ। पहली बार प्रशासन ने सीधे आकर नुकसान पूछा है, जिससे मुआवजा मिलने की उम्मीद जगी है।
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उधर, नगर पालिका के ईओ राजकिशोर प्रसाद ने बताया कि उत्तर प्रदेश की तरफ पंजीकृत नाविकों का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे के बाद रिपोर्ट प्रशासन को भेजी जाएगी।
बोले नाविक-पहली बार हमारी चिंता की
15 साल से अधिक समय से रामघाट में नाव चला रहे हैं। हर बारिश में बाढ़ आती है और नाविकों को नुकसान होता है। इस बार पहली बार प्रशासन की ओर से नुकसान का सर्वे कराया जा रहा है। इससे कुछ भरपाई हो सकेगी। -सरवन निषाद, नाविक,
20 साल से अधिक समय से नाव चला रहे हैं। इस बार बाढ़ में उनकी नाव क्षतिग्रस्त हो गई। उम्मीद नहीं थी कि प्रशासन नाविकों के नुकसान का सर्वे कराएगा। सर्वे शुरू होने से अब उम्मीद जगी है।- मूलचंद्र निषाद, नाविक, रामघाट

04 सीकेटीपी-10-मूलचंद्र। संवाद