{"_id":"6a5e6e9e778696513e000bb6","slug":"roads-submerged-after-just-an-hour-and-a-half-of-rain-claims-regarding-drain-cleaning-exposed-as-hollow-chitrakoot-news-c-215-1-ckt1007-133909-2026-07-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chitrakoot News: डेढ़ घंटे की बारिश में डूबी सड़कें, नाल सफाई के दावों की खुली पोल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chitrakoot News: डेढ़ घंटे की बारिश में डूबी सड़कें, नाल सफाई के दावों की खुली पोल
Tue, 21 Jul 2026 12:23 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Tue, 21 Jul 2026 12:23 AM IST
विज्ञापन
20 सीकेटीपी-01-मुख्य बाजार में भरा पानी निकलते लोग। संवाद
राजापुर (चित्रकूट)। क्षेत्र में सोमवार सुबह करीब डेढ़ घंटे तक हुई झमाझम बारिश ने एक ओर उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत दिलाई। वहीं दूसरी ओर नगर पंचायत की जल निकासी व्यवस्था की हकीकत भी उजागर कर दी। पहली तेज बारिश में ही राजापुर कस्बे की मुख्य सड़कें और कई मोहल्ले जलमग्न हो गए। जगह-जगह जलभराव होने से राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा, जबकि दोपहिया और चार पहिया वाहनों की रफ्तार भी थम गई।
बारिश के दौरान मुख्य बाजार, कमासिन रोड, सराय तलैया चौराहा, शिक्षक पुरम, कारखाना क्षेत्र, मिश्रन पुरवा, खटवारा सहित कई इलाकों में सड़कें तालाब जैसी नजर आईं। कई दुकानों के बाहर और भीतर तक पानी पहुंच गया, जिससे दुकानदारों का सामान भीग गया और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
छेदीलाल का कहना है कि नगर में हर साल बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है। नगर पंचायत की ओर से समय-समय पर नालियों की सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में इन दावों की कलई खुल जाती है। आरोप है कि नालों की सफाई और स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था के अभाव में जलभराव की समस्या लगातार बनी हुई है।
विज्ञापन
बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई। किसान सुंदरलाल, रामनरेश और जमुना प्रसाद ने बताया कि अरहर, ज्वार और तिल की बोआई के बाद बारिश नहीं होने से बीज खराब होने की आशंका बढ़ गई थी। बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंची है, जिससे फसलों के अंकुरण की उम्मीद बढ़ गई है। किसानों ने बताया कि धान की नर्सरी तैयार होने के बावजूद बारिश और नहर में पानी की कमी के कारण रोपाई शुरू नहीं हो पा रही थी। अब बारिश से खेती-किसानी को नई उम्मीद मिली है।
विज्ञापन
बारिश के दौरान मुख्य बाजार, कमासिन रोड, सराय तलैया चौराहा, शिक्षक पुरम, कारखाना क्षेत्र, मिश्रन पुरवा, खटवारा सहित कई इलाकों में सड़कें तालाब जैसी नजर आईं। कई दुकानों के बाहर और भीतर तक पानी पहुंच गया, जिससे दुकानदारों का सामान भीग गया और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
विज्ञापन
छेदीलाल का कहना है कि नगर में हर साल बारिश के दौरान यही स्थिति बनती है। नगर पंचायत की ओर से समय-समय पर नालियों की सफाई के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही तेज बारिश में इन दावों की कलई खुल जाती है। आरोप है कि नालों की सफाई और स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था के अभाव में जलभराव की समस्या लगातार बनी हुई है।
विज्ञापन
बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आई। किसान सुंदरलाल, रामनरेश और जमुना प्रसाद ने बताया कि अरहर, ज्वार और तिल की बोआई के बाद बारिश नहीं होने से बीज खराब होने की आशंका बढ़ गई थी। बारिश से खेतों में पर्याप्त नमी पहुंची है, जिससे फसलों के अंकुरण की उम्मीद बढ़ गई है। किसानों ने बताया कि धान की नर्सरी तैयार होने के बावजूद बारिश और नहर में पानी की कमी के कारण रोपाई शुरू नहीं हो पा रही थी। अब बारिश से खेती-किसानी को नई उम्मीद मिली है।

20 सीकेटीपी-01-मुख्य बाजार में भरा पानी निकलते लोग। संवाद