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टाइगर रिजर्व क्षेत्र के साथ रेस्क्यू सेंटर भी होगा तैयार
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चित्रकूट। कभी डकैतों के लिए प्रसिद्ध जंगलों में अब पर्यटकों के लिए आकर्षण व रोमांच होगा। रानीपुर वन्य जीव विहार क्षेत्र को टाइगर रिजर्व पार्क बनाया जा रहा है। इससे सटे बहिलपुरवा मडैय्यन वन क्षेत्र के शेष हिस्से में रेस्क्यू सेेंटर भी शासन से स्वीकृत हो गया है। इसमें घायल व बीमार शेर, चीता, तेंदुआ, हाथी आदि वन्यजीवों का इलाज होगा। चित्रकूट से सटे पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र के तेंदुए अक्सर इस क्षेत्र में घूमते रहते हैं।
प्रभागीय वनाधिकारी आरके दीक्षित ने कहा कि चित्रकूट में प्रदेश का चौथा टाइगर रिजर्व वन क्षेत्र बनाया जा रहा है। जिले में छह बाघ, 100 तेंदुए, 150 भालू व सैकड़ों की तादाद में हिरन, बारहसिंघा आदि छोटे बड़े वन्य जीव रानीपुर वन्य जीव अभ्यारण्य में विचरण करते रहते हैं। टाइगर रिजर्व का रेस्क्यू सेंटर बहिलपुरवा गांव में बनाया जाएगा। इसका निरीक्षण भी अधिकारियों ने कर लिया है। सरकार ने इसे तैयार करने के लिए दो वर्ष का समय दिया है।
167 हेक्टेयर में बनेगा रेस्क्यू सेंटर
वन विभाग की एसडीओ ऊषा देवी ने बताया कि 167 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बहिलपुरवा के मडैय्यन के पास इसकी चहारदीवारी बनाई जाएगी। इसे शासन से रेस्क्यू व पुनर्वास केंद्र का नाम दिया गया है। यहां वन्यजीवों का इलाज व उनके भोजन आदि का इंतजाम होगा। पशु अस्पताल, खाद्य भंडार, बाडे़, स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी कैमरे और पौधरोपण की व्यवस्था की जाएगी।
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प्रभागीय वनाधिकारी आरके दीक्षित ने कहा कि चित्रकूट में प्रदेश का चौथा टाइगर रिजर्व वन क्षेत्र बनाया जा रहा है। जिले में छह बाघ, 100 तेंदुए, 150 भालू व सैकड़ों की तादाद में हिरन, बारहसिंघा आदि छोटे बड़े वन्य जीव रानीपुर वन्य जीव अभ्यारण्य में विचरण करते रहते हैं। टाइगर रिजर्व का रेस्क्यू सेंटर बहिलपुरवा गांव में बनाया जाएगा। इसका निरीक्षण भी अधिकारियों ने कर लिया है। सरकार ने इसे तैयार करने के लिए दो वर्ष का समय दिया है।
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167 हेक्टेयर में बनेगा रेस्क्यू सेंटर
वन विभाग की एसडीओ ऊषा देवी ने बताया कि 167 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में बहिलपुरवा के मडैय्यन के पास इसकी चहारदीवारी बनाई जाएगी। इसे शासन से रेस्क्यू व पुनर्वास केंद्र का नाम दिया गया है। यहां वन्यजीवों का इलाज व उनके भोजन आदि का इंतजाम होगा। पशु अस्पताल, खाद्य भंडार, बाडे़, स्ट्रीट लाइट, सीसीटीवी कैमरे और पौधरोपण की व्यवस्था की जाएगी।
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