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हाथी पालने पर सपा के पूर्व विधायक पर रिपोर्ट दर्ज
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चित्रकूट। सपा के पूर्व विधायक वीर सिंह के हाथी का वन विभाग में पंजीयन न होने से वन विभाग के अधिकारियोें ने पूर्व विधायक के खिलाफ रैपुरा थाने में मामला दर्ज कराया है। इसके पूर्व भी नोटिस देकर पंजीयन कराने के लिए कहा गया था।
हाथी रखने वाले को वन विभाग में पंजीकरण कराना आवश्यक है। उसके स्वास्थ्य सहित उसके रहने की जानकारी हर साल देनी पड़ती है। इसके बावजूद पूर्व विधायक वीर सिंह ने हाथी रखने का पंजीयन वन विभाग में नहीं कराया। जबकि हाथी ने दो बार उत्पात भी मचाया।
जिसकी वजह से रैपुरा रेंजर रामप्रकाश ने शुक्ला ने थाना रैपुरा में पूर्व विधायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रभागीय वनाधिकारी कैलाश प्रकाश ने बताया कि जिले में दो हाथी हैं जिसमें एक निर्मोही अखाड़े का है। जिसका पंजीयन है दूसरा हाथी पूर्व विधायक वीर सिंह का है। जिन्होंने पंजीयन नहीं कराया। बताया कि हाथी रखने वाले को हर साल पशु विभाग से स्वास्थ्य प्रमाण पत्र देना पड़ता है। जिसमेें धर्मकांटा में हाथी की तौल भी होनी चाहिए।
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पूर्व विधायक ने बताया कि हाथी उनका नहीं है। सती अनुसुइया आश्रम ट्रस्ट कबरा मंदिर धाता फतेहपुर के भइया बाबा के नाम पर था। यह राजनीति से प्रेरित मामला है। उनके खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है। हाथी इस क्षेत्र में रहता है तो वह देखरेख कर लेते हैं। किसी भी वन्य जीव को भोजन कराना पाप नहीं है। उधर रैपुरा थाना प्रभारी रमेश चंद्र ने बताया कि वन विभाग के अधिकारी की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की है।
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हाथी रखने वाले को वन विभाग में पंजीकरण कराना आवश्यक है। उसके स्वास्थ्य सहित उसके रहने की जानकारी हर साल देनी पड़ती है। इसके बावजूद पूर्व विधायक वीर सिंह ने हाथी रखने का पंजीयन वन विभाग में नहीं कराया। जबकि हाथी ने दो बार उत्पात भी मचाया।
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जिसकी वजह से रैपुरा रेंजर रामप्रकाश ने शुक्ला ने थाना रैपुरा में पूर्व विधायक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रभागीय वनाधिकारी कैलाश प्रकाश ने बताया कि जिले में दो हाथी हैं जिसमें एक निर्मोही अखाड़े का है। जिसका पंजीयन है दूसरा हाथी पूर्व विधायक वीर सिंह का है। जिन्होंने पंजीयन नहीं कराया। बताया कि हाथी रखने वाले को हर साल पशु विभाग से स्वास्थ्य प्रमाण पत्र देना पड़ता है। जिसमेें धर्मकांटा में हाथी की तौल भी होनी चाहिए।
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पूर्व विधायक ने बताया कि हाथी उनका नहीं है। सती अनुसुइया आश्रम ट्रस्ट कबरा मंदिर धाता फतेहपुर के भइया बाबा के नाम पर था। यह राजनीति से प्रेरित मामला है। उनके खिलाफ कोई मामला नहीं बनता है। हाथी इस क्षेत्र में रहता है तो वह देखरेख कर लेते हैं। किसी भी वन्य जीव को भोजन कराना पाप नहीं है। उधर रैपुरा थाना प्रभारी रमेश चंद्र ने बताया कि वन विभाग के अधिकारी की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की है।