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Chitrakoot News: सामाजिक समरसता के सुर ताल से गुंजित हुआ रामघाट

Sun, 24 Mar 2024 12:38 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 24 Mar 2024 12:38 AM IST
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Ramghat resonated with the rhythm of social harmony
चित्रकूट। सामाजिक समरसता में हिंदुस्तानी संगीत की भूमिका विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में चित्रकूट के रामघाट पर भव्य सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुआ। जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग राज्य विश्वविद्यालय के संगीत विभाग द्वारा किया गया।
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काशी के प्रो. प्रवीण उद्धव व श्रुति सील की जुगलबंदी ने चित्रकूट में काशी के गंगा घाट की अनुभूति कराई। काशी हिंदू विश्वविद्यालय के डॉ. राम शंकर व डॉ. चारू चंद्र प्रियांशु घोष, डॉ. सुरेंद्र कुमार के गायन के साथ भातखंडे संस्कृत विश्वविद्यालय के डॉ. मनोज मिश्र की तबला संगत ने लोगों को शास्त्रीय रागों में आनंदित होने को विवश कर दिया।
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पद्म विभूषण जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि संगीत एक ऐसी कला है जो व्यक्ति में भावनाओं का उद्दीपन करती है इसलिए कला साधक को हमेशा ऐसी संगीतिक रचना करनी चाहिए। कुलपति प्रो शिशिर पांडेय, ग्वालियर संगीत विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. साहित्य कुमार नाहर, विनोद द्विवेदी, प्रो प्रवीण उद्धव, डॉ. नरेंद्र देव पाठक. डॉ सुरेंद्र कुमार ने सभी विषय विशेषज्ञ के रूप में शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया। कुलाधिपति के निजी सचिव रमापति मिश्रा ने संगोष्ठी के आयोजन के लिए विभाग को शुभकामनाएं दी।
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