फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Prisoner's death in jail, uproar of family

जेल में बंदी की मौत, हत्या का आरोप

Mon, 19 Jul 2021 11:48 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 19 Jul 2021 11:48 PM IST
विज्ञापन
Prisoner's death in jail, uproar of family
अर्जुन सिंह- फाइल फोटो। संवाद - फोटो : CHITRAKOOT
चित्रकूट। जुआ खेलने के मामले में जिला जेल में निरुद्ध बंदी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस टीम पर पिटाई कर हत्या का आरोप लगाया है। आक्रोशित परिजनों ने पहले जिला अस्पताल परिसर फिर डीएम कार्यालय के सामने हंगामा किया और दोषी पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की है। जिलाधिकारी शुभ्रांत कुमार शुक्ल ने दो डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराने और मजिस्ट्रेटी जांच कराने के आदेश दिए हैं। मृतक अर्जुन को आईजी की टीम ने दो दिन पहले जुआ खेलते पकड़ा था।
विज्ञापन

सोमवार को जिला जेल रगौली के आइसोलेट बैरक में बंद बांदा जिले के बिसंडा थाना अंतर्गत पुनाहुर गांव का अर्जुन सिंह (32) पुत्र गंगादीन की सोमवार की सुबह अचानक तबियत बिगड़ गई। जानकारी पर जेल अधीक्षक अशोक सागर के निर्देश पर बंदीरक्षक उसे जेल के अस्पताल में ले गये। सांस लेने में ज्यादा परेशानी होने पर उसे जिला अस्पताल रेफर किया गया। सुबह लगभग छह बजकर 35 मिनट पर कारागार के सिपाही दीपक द्विवेदी व जगभान उसे जिला अस्पताल लेकर आए थे। जहां डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इसके बाद मृतक के परिजनों को सूचना दी गई। घटना की सूचना पर छोटे भाई नकुल सिंह, मृतक की पत्नी सुधा व मां मुन्नी देवी रोते बिलखते जिला अस्पताल पहुंचे। यहां पुलिस पर आरोप लगाया कि अर्जुन की पिटाई की गई थी जिससे उसकी मौत हुई है।
विज्ञापन

बताया कि 15 जुलाई को एक पुराने केस मामले की तारीख पर वह बांदा अदालत पेशी पर गया था। जिसे लौटते समय रास्ते से पुलिस ने पकड़ लिया। पुलिसकर्मियों ने उसे मारापीटा है। छोटे भाई नकुल ने आरोप लगाया कि 16 जुलाई को जब वह अपने भाई से मिलने भरतकूप व कोतवाली आया था तो उसने बताया था कि पुलिस पिटाई कर रही है। पिटाई के कारण ही भाई की मौत हो गई। गांव के पिंकू तिवारी के यहां फोन पर जानकारी दी कि भाई की तबियत खराब है। जब यहां आए तो पता चला मृत हो गया। मृतक के सिर व हाथ में चोट भी हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

चित्रकूट। जेल अधीक्षक अशोक सागर ने बताया कि बंदी अर्जुन सिंह की तबियत सोमवार को जब खराब होने की सूचना मिली तो जेल अस्पताल में डा. रामानुज व डा. आशीष ने उसका इलाज किया। हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर किया गया था। जेल अभिरक्षा में मौत होने के मामले में नियमानुसार मजिस्ट्रेटी जांच व मानवाधिकार आयोग को जांच के लिए पत्र लिखा गया है।

परिजन बोले-झूठ बोल रही पुलिस
चित्रकूट। भरतकूप के खमरिया गांव मप्र की सीमा से सटे स्थल पर लंबे समय से होने वाले जुआं को पकड़ने के लिए आईजी की गठित विशेष टीम ने छापा डाला था। जिसमें 16 जुलाई को पुलिस द्वारा बताया गया कि दस जुआरी पकड़े गये हैं और एक डाकू ठोकिया का भाई दीपक फरार हो गया है। सोमवार को इन आरोपियों में एक अर्जुन की मौत के दौरान मौजूद उसके परिजनों ने दावा किया कि बीमार अर्जुन को 15 जुलाई को बांदा कचहरी से लौटते समय रास्ते में पुलिस ने दवा लेते जाते समय पकड़ा था। अब किसे सही माना जाए यह तो समझ में नहीं आ रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed