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दर्द से तड़पती प्रसूता को रेफर किया सड़क किनारे जना बच्चा
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चित्रकूट। जिला अस्पताल में भर्ती दर्द से तड़पती गर्भवती को देर रात स्टाफ ने रेफर कर दिया। परिजन गुहार लगाते रहे लेकिन डाक्टर ने आपरेशन करने से मना कर दिया। किसी तरह प्राइवेट एंबुलेंस से परिजन गर्भवती को लेकर निकले तो बारिश से सड़क पर जलभराव में एंबुलेंस फंस गई। सड़क किनारे गर्भवती ने बालिका को जन्म दिया। इसके बाद अस्पताल लौटे जच्चा बच्चा को स्टाफ ने भर्ती करने से इनकार कर दिया। सीएमएस ने मामले में जांच की बात कही है।
सरकार सुरक्षित प्रसव के लिए जननी सुरक्षा योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। बैठकों के माध्यम से स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। बावजूद इसके जिला अस्पताल के डाक्टरों व स्टाफ की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं हो रहा है। गुरुवार की रात मुख्यालय के कसहाई गांव की नीतू (25) पत्नी पंकज को प्रसव पीड़ा के दौरान परिजन जिला अस्पताल लेकर आए। जहां स्टाफ ने गंभीर बताकर दूसरी जगह ले जाने को कहा। बारिश के बीच परिजन प्राइवेट एंबुलेंस से सतना ले जा रहे थे। चित्रकूट के आगे रास्ते में पानी भरा होने के चलते एंबुलेंस पानी में फंस गई। प्रसव पीड़ा से कराहती गर्भवती को दूसरे वाहन से ले जाने के लिए जैसे ही एंबुलेंस से नीचे उतारा तो प्रसव पीड़ा बढ़ गई। इसी बीच प्रसव हो गया और बच्ची को जन्म दिया। जिसे परिजन फिर से उसे जिला अस्पताल लेकर आए, लेकिन स्टाफ ने भर्ती नहीं किया। ऐसे में बारिश में भी प्रसूता परिसर के बाहर नवजात शिशु के साथ बैठी रही। इस संबंध में सीएमएस डा. आरके गुप्ता ने बताया कि इसकी जांच कराई जाएगी।
नवजात की मौत
चित्रकूट। कसहाई गांव निवासी हीरामनी पत्नी रामखेलावन बीते दिन दूसरे प्रसव पीड़ा के दौरान जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जन्म के बाद हालत बिगड़ने पर नवजात की मौत हो गई। इस पर दोनों महिलाओं के तीमारदारों ने सीएमएस से मामले की शिकायत की है।
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सरकार सुरक्षित प्रसव के लिए जननी सुरक्षा योजना के तहत करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। बैठकों के माध्यम से स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं को लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। बावजूद इसके जिला अस्पताल के डाक्टरों व स्टाफ की कार्यशैली में कोई सुधार नहीं हो रहा है। गुरुवार की रात मुख्यालय के कसहाई गांव की नीतू (25) पत्नी पंकज को प्रसव पीड़ा के दौरान परिजन जिला अस्पताल लेकर आए। जहां स्टाफ ने गंभीर बताकर दूसरी जगह ले जाने को कहा। बारिश के बीच परिजन प्राइवेट एंबुलेंस से सतना ले जा रहे थे। चित्रकूट के आगे रास्ते में पानी भरा होने के चलते एंबुलेंस पानी में फंस गई। प्रसव पीड़ा से कराहती गर्भवती को दूसरे वाहन से ले जाने के लिए जैसे ही एंबुलेंस से नीचे उतारा तो प्रसव पीड़ा बढ़ गई। इसी बीच प्रसव हो गया और बच्ची को जन्म दिया। जिसे परिजन फिर से उसे जिला अस्पताल लेकर आए, लेकिन स्टाफ ने भर्ती नहीं किया। ऐसे में बारिश में भी प्रसूता परिसर के बाहर नवजात शिशु के साथ बैठी रही। इस संबंध में सीएमएस डा. आरके गुप्ता ने बताया कि इसकी जांच कराई जाएगी।
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नवजात की मौत
चित्रकूट। कसहाई गांव निवासी हीरामनी पत्नी रामखेलावन बीते दिन दूसरे प्रसव पीड़ा के दौरान जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जन्म के बाद हालत बिगड़ने पर नवजात की मौत हो गई। इस पर दोनों महिलाओं के तीमारदारों ने सीएमएस से मामले की शिकायत की है।
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