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Chitrakoot News: 48 घंटे से बिजली ठप...एक लाख आबादी को पानी नहीं
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फोटो 19 सीकेटीपी-01- हैंडपंप में पानी भरने के लिए लगी भीड़। संवाद
फोटो 19 सीकेटीपी-02-वार्ड में पहुंचे आरओ पानी के लिए मशक्कत करते लोग। संवाद
फोटो 19 सीकेटीपी-03- पोल को ठीक करते बिजली कर्मचारी। संवाद
-नगर पंचायत की करीब 40 हजार व गांवों की 60 हजार आबादी संकट में, हैंडपंप व जेनरेटर से चल रहे बोरिंग में लाइन
- छह टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन जरूरत के मुकाबले यह व्यवस्था नाकाफी
- दो दिन से घरों और दुकानों में लगे इन्वर्टर जवाब दे चुके, पानी भरने को लेकर अक्सर लोगों में हो रही कहासुनी
- आटा चक्की, स्पेलर, खराद मशीनें और छोटे-बड़े उद्योग दो दिनों से बंद पड़े, सहालग में बर्फ फैक्ट्रियां भी बंद
- जेनरेटर से संचालित आरओ पानी विक्रेताओं के यहां भीड़, मजबूरी में लोग 30 रुपये प्रति डिब्बा पानी खरीद रहे
संवाद समाचार एजेंसी
राजापुर। भीषण गर्मी के बीच राजापुर नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप होने से लोग बेहाल हैं। बिजली संकट के चलते पेयजल व्यवस्था भी चरमरा गई है। नगर पंचायत की करीब 40 हजार व गांवों की 60 हजार आबादी पानी के लिए परेशान है। नगर पंचायत की ओर से छह टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन जरूरत के मुकाबले यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है।
नगर के 15 वार्डों में लोगों को पीने के पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। सुबह होते ही हैंडपंपों पर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की लंबी कतारें लग जाती हैं। कई स्थानों पर पानी भरने को लेकर कहासुनी और नोकझोंक की स्थिति भी देखने को मिल रही है। पिछले दो दिनों से आधा दर्जन टैंकरों के जरिए सभी वार्डों में पेयजल पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद भी अधिकांश क्षेत्रों में पानी की समस्या बनी हुई है।
इसके साथ घरों और दुकानों में लगे इन्वर्टर जवाब दे चुके हैं। मोबाइल फोन डिस्चार्ज होने से संचार व्यवस्था प्रभावित हो रही है। जहां कहीं जनरेटर संचालित हो रहे हैं, वहां मोबाइल चार्ज कराने वालों की भीड़ लगी हुई है। वहीं आटा चक्की, स्पेलर, खराद मशीनें और अन्य बिजली आधारित छोटे-बड़े उद्योग दो दिनों से बंद पड़े हैं। सहालग के मौसम में बर्फ फैक्ट्रियां, आइसक्रीम इकाइयां व आरओ प्लांट बंद होने से कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इलेक्ट्रॉनिक सामानों की दुकानों पर भी सन्नाटा पसरा हुआ है।
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गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग यमुना नदी के घाटों का रुख कर रहे हैं। जेनरेटर से संचालित आरओ पानी विक्रेताओं के पहुंचते ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है और मजबूरी में लोग 30 रुपये प्रति डिब्बा पानी खरीद रहे हैं।
बोले जिम्मेदार
अधिशासी अभियंता उमाशंकर राजपूत ने बताया कि 33 केवी लाइन के क्षतिग्रस्त पोलों को खड़ा करने और तार जोड़ने का कार्य पर चल रहा है। अधिकारी और कर्मचारी लगातार डटे हुए हैं। उम्मीद जताई है कि देर शाम तक आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
नगर पंचायत अध्यक्ष संजीव मिश्रा ने बताया कि देर रात तक नगर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। संबंधित कर्मचारियों को पेयजल आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
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फोटो 19 सीकेटीपी-02-वार्ड में पहुंचे आरओ पानी के लिए मशक्कत करते लोग। संवाद
फोटो 19 सीकेटीपी-03- पोल को ठीक करते बिजली कर्मचारी। संवाद
-नगर पंचायत की करीब 40 हजार व गांवों की 60 हजार आबादी संकट में, हैंडपंप व जेनरेटर से चल रहे बोरिंग में लाइन
- छह टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन जरूरत के मुकाबले यह व्यवस्था नाकाफी
- दो दिन से घरों और दुकानों में लगे इन्वर्टर जवाब दे चुके, पानी भरने को लेकर अक्सर लोगों में हो रही कहासुनी
- आटा चक्की, स्पेलर, खराद मशीनें और छोटे-बड़े उद्योग दो दिनों से बंद पड़े, सहालग में बर्फ फैक्ट्रियां भी बंद
- जेनरेटर से संचालित आरओ पानी विक्रेताओं के यहां भीड़, मजबूरी में लोग 30 रुपये प्रति डिब्बा पानी खरीद रहे
संवाद समाचार एजेंसी
राजापुर। भीषण गर्मी के बीच राजापुर नगर व ग्रामीण क्षेत्रों में 48 घंटे से बिजली आपूर्ति ठप होने से लोग बेहाल हैं। बिजली संकट के चलते पेयजल व्यवस्था भी चरमरा गई है। नगर पंचायत की करीब 40 हजार व गांवों की 60 हजार आबादी पानी के लिए परेशान है। नगर पंचायत की ओर से छह टैंकरों के माध्यम से पानी पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है लेकिन जरूरत के मुकाबले यह व्यवस्था नाकाफी साबित हो रही है।
नगर के 15 वार्डों में लोगों को पीने के पानी के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। सुबह होते ही हैंडपंपों पर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की लंबी कतारें लग जाती हैं। कई स्थानों पर पानी भरने को लेकर कहासुनी और नोकझोंक की स्थिति भी देखने को मिल रही है। पिछले दो दिनों से आधा दर्जन टैंकरों के जरिए सभी वार्डों में पेयजल पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके बाद भी अधिकांश क्षेत्रों में पानी की समस्या बनी हुई है।
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इसके साथ घरों और दुकानों में लगे इन्वर्टर जवाब दे चुके हैं। मोबाइल फोन डिस्चार्ज होने से संचार व्यवस्था प्रभावित हो रही है। जहां कहीं जनरेटर संचालित हो रहे हैं, वहां मोबाइल चार्ज कराने वालों की भीड़ लगी हुई है। वहीं आटा चक्की, स्पेलर, खराद मशीनें और अन्य बिजली आधारित छोटे-बड़े उद्योग दो दिनों से बंद पड़े हैं। सहालग के मौसम में बर्फ फैक्ट्रियां, आइसक्रीम इकाइयां व आरओ प्लांट बंद होने से कारोबारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। इलेक्ट्रॉनिक सामानों की दुकानों पर भी सन्नाटा पसरा हुआ है।
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गर्मी से राहत पाने के लिए बड़ी संख्या में लोग यमुना नदी के घाटों का रुख कर रहे हैं। जेनरेटर से संचालित आरओ पानी विक्रेताओं के पहुंचते ही लोगों की भीड़ उमड़ पड़ती है और मजबूरी में लोग 30 रुपये प्रति डिब्बा पानी खरीद रहे हैं।
बोले जिम्मेदार
अधिशासी अभियंता उमाशंकर राजपूत ने बताया कि 33 केवी लाइन के क्षतिग्रस्त पोलों को खड़ा करने और तार जोड़ने का कार्य पर चल रहा है। अधिकारी और कर्मचारी लगातार डटे हुए हैं। उम्मीद जताई है कि देर शाम तक आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
नगर पंचायत अध्यक्ष संजीव मिश्रा ने बताया कि देर रात तक नगर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया है। संबंधित कर्मचारियों को पेयजल आपूर्ति बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।