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एक घटना से खुल गई तैयारियों की पोल
ब्यूरो/अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Fri, 29 Jan 2016 12:27 AM IST
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यात्रियों से भरी महानगरी एक्सप्रेस में बम की सूचना से यात्रियों में दहशत तो देखी ही गई, वहीं अधिकारियों व पुलिसकर्मियों के भी हाथ पांव फूल गए। जंक्शन से लेकर पूरे जिले में ऐसी आपात स्थिति से निपटने का दावा करने वालों की भी पोल खुल गई। अच्छा हुआ कि बम निष्क्रिय ही था, नहीं तो हालात कुछ और होते। वहीं रेलमंत्री के नाम मिले पत्र की जांच शुरू हो गई है।
अमूमन देखा गया है कि धमाके या आतंकी हमले के बाद जिस तरह स्टेशनों व भीड़भाड़ वाले स्थानों पर तलाशी की जाती है। उससे लगता था कि पुलिस आधुनिक यंत्रों से लैस है, लेकिन गुरुवार को जिले में स्थिति कुछ और ही थी। रेलवे विभाग से लेकर जिले की पुलिस फेल साबित हुई। आलम यह था कि जिले में बम निरोधक दस्ता ही नहीं मिला। इलाहाबाद व आसपास के जिलों से मदद मांगी गई है।
अंग्रेजी में लिखा पत्र मिलने से यह भी स्पष्ट है कि यह हरकत करने वाला कोई अनपढ़ या सामान्य व्यक्ति नहीं है। फर्राटेदार अंग्रेजी में रेलमंत्री को चुनौती दी गई है। फिलहाल जिस तरह का बम मिला है और अधिकारी उसे निष्क्रिय ही मान रहे हैं। उससे यह स्पष्ट है कि कोई बेवजह दहशत फैलाना चाहता है।
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इसी प्रकार मानिकपुर से हजरत निजामुद्दीन जाने वाली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में भी लगभग ढाई वर्ष पहले टायलेट में ही बम मिला था। गौरतलब है कि ट्रेन दिल्ली की ओर जा रही थी, तभी अतर्रा के पास ट्रेन में सफर कर रहे पूर्व सांसद आरके पटेल प्रथम श्रेणी के कोच के टायलेट गए तो वहां बम देखकर पुलिस को सूचना दी थी। इसके बाद ट्रेन को अतर्रा व बांदा में रोक कर जांच की गई थी। इसके अलावा एक बार अराजकतत्वों ने धर्मनगरी के रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी भरा पत्र भेजा था।
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अमूमन देखा गया है कि धमाके या आतंकी हमले के बाद जिस तरह स्टेशनों व भीड़भाड़ वाले स्थानों पर तलाशी की जाती है। उससे लगता था कि पुलिस आधुनिक यंत्रों से लैस है, लेकिन गुरुवार को जिले में स्थिति कुछ और ही थी। रेलवे विभाग से लेकर जिले की पुलिस फेल साबित हुई। आलम यह था कि जिले में बम निरोधक दस्ता ही नहीं मिला। इलाहाबाद व आसपास के जिलों से मदद मांगी गई है।
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अंग्रेजी में लिखा पत्र मिलने से यह भी स्पष्ट है कि यह हरकत करने वाला कोई अनपढ़ या सामान्य व्यक्ति नहीं है। फर्राटेदार अंग्रेजी में रेलमंत्री को चुनौती दी गई है। फिलहाल जिस तरह का बम मिला है और अधिकारी उसे निष्क्रिय ही मान रहे हैं। उससे यह स्पष्ट है कि कोई बेवजह दहशत फैलाना चाहता है।
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इसी प्रकार मानिकपुर से हजरत निजामुद्दीन जाने वाली संपर्क क्रांति एक्सप्रेस में भी लगभग ढाई वर्ष पहले टायलेट में ही बम मिला था। गौरतलब है कि ट्रेन दिल्ली की ओर जा रही थी, तभी अतर्रा के पास ट्रेन में सफर कर रहे पूर्व सांसद आरके पटेल प्रथम श्रेणी के कोच के टायलेट गए तो वहां बम देखकर पुलिस को सूचना दी थी। इसके बाद ट्रेन को अतर्रा व बांदा में रोक कर जांच की गई थी। इसके अलावा एक बार अराजकतत्वों ने धर्मनगरी के रेलवे स्टेशन को बम से उड़ाने की धमकी भरा पत्र भेजा था।