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मुठभेड़ पर पुलिस ने डाकू छोटा उर्फ वीरप्पन को दबोचा
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चित्रकूट में पकड़े गए 50 हजार के इनामी डाकू छोटा उर्फ वीरप्पन व बरामद असलहे की जानकारी देते एसपी मन
- फोटो : CHITRAKUTT
चित्रकूट। कुख्यात डाकू बबुली कोल के मारे जाने के बाद गैंग के बचे सदस्यों की तलाश में दशहरे के दिन एंटी डकैती टीम की बहिलपुरवा के माढों बांध के पास जंगल में डाकू से मुठभेड़ हुई। दोनों ओर से आधे घंटे तक फायरिंग के बाद पुलिस ने 50 हजार के इनामी डाकू छोटा उर्फ वीरप्पन को दबोच लिया। इसके कब्जे से देसी रायफल व सात कारतूस बरामद हुए। इस पर यूपी-एमपी के थानों में दस मामले दर्ज हैं।
डीआईजी बांदा व चित्रकूट जिले की एंटी डकैती टीम के प्रभारी शिवप्रसाद व केपी दुबे मंगलवार की सुबह मुखबिर की सूचना पर बहिलपुरवा थानाक्षेत्र के जंगल में डकैतों की तलाश कर रहे थे। मारकुंडी मार्ग पर माढों बांध के जंगल के पास असलहा लिए एक व्यक्ति को देख पुलिस ने घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही उसने फायरिंग कर दी। लगभग आधे घंटे तक दोनों ओर से दस राउंड गोलियां चलीं। इसी दौरान कुछ पुलिस कर्मियों ने पत्थर के पीछे छिपे युवक को असलहा समेत पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि इनामी डकैत छोटे भइया उर्फ वीरप्पन पुत्र रज्जू कोल निवासी टिकरिया है। इसके कब्जे से एक रायफल 315 बोर, सात कारतूस बरामद हुए। इसके अलावा मुठभेड़ में सात खोखे भी बरामद हुए हैं।
बुधवार को मुख्यालय स्थित एसपी कार्यालय में एसपी मनोज कुमार झा ने बताया कि छोटे भईया उर्फ वीरप्पन कोल पर यूपी एमपी से मिलाकर 50 हजार का इनाम है। इस पर दस मामले दर्ज हैं। यह सरगना बबुली के मारे जाने के बाद अन्य डाकू लाले, सोहन व संजय के साथ असलहे लेकर भाग गया था। एसपी ने दावा किया कि अब इस गैंग का कोई सदस्य नहीं बचा न ही कोई गैंग का असलहा जंगल में है। पुलिस ने बबुली कोल गैंग के सभी सदस्यों को गिरफ्तार कर असलहा व कारतूस बरामद कर लिया है।
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मुठभेड़ में ये सदस्य रहे शामिल
मानिकपुर। गिरफ्तार करने वाली टीम में निरीक्षक केशव प्रसाद दुबे प्रभारी एंटी डकैती टीम, एसआई शिवप्रसाद प्रभारी एंटी डकैती टीम चित्रकूटधाम परिक्षेत्र बांदा, एसआई श्रवण कुमार सिंह प्रभारी सर्विलांस सेल, एसआई संदीप पटेल, एसआई रोहित तिवारी, मुख्य आरक्षी रहीश खान, रामबाबू यादव, आरक्षी शिवानंद शुक्ला, प्रदीप दुबे, बृजकिशोर, लाखन, आशीष, राहुल, जितेंद्र कुमार, धर्मेंद्र कुमार रहे।
चार सदस्य असलहा लेकर हुए थे फरार
चित्रकूट। डाकू बबुली कोल एवं लवलेश कोल के मारे जाने के बाद गैंग के चार सदस्य असलहे लेकर फरार हो गए थे। फरार सदस्यों में सोहन कोल को 19 सितंबर, संजय कोल को 23 सितंबर को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी बीच 21 सितंबर को मप्र पुलिस ने लाले कोल को पकड़ा था।
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डीआईजी बांदा व चित्रकूट जिले की एंटी डकैती टीम के प्रभारी शिवप्रसाद व केपी दुबे मंगलवार की सुबह मुखबिर की सूचना पर बहिलपुरवा थानाक्षेत्र के जंगल में डकैतों की तलाश कर रहे थे। मारकुंडी मार्ग पर माढों बांध के जंगल के पास असलहा लिए एक व्यक्ति को देख पुलिस ने घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही उसने फायरिंग कर दी। लगभग आधे घंटे तक दोनों ओर से दस राउंड गोलियां चलीं। इसी दौरान कुछ पुलिस कर्मियों ने पत्थर के पीछे छिपे युवक को असलहा समेत पकड़ लिया। पूछताछ में पता चला कि इनामी डकैत छोटे भइया उर्फ वीरप्पन पुत्र रज्जू कोल निवासी टिकरिया है। इसके कब्जे से एक रायफल 315 बोर, सात कारतूस बरामद हुए। इसके अलावा मुठभेड़ में सात खोखे भी बरामद हुए हैं।
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बुधवार को मुख्यालय स्थित एसपी कार्यालय में एसपी मनोज कुमार झा ने बताया कि छोटे भईया उर्फ वीरप्पन कोल पर यूपी एमपी से मिलाकर 50 हजार का इनाम है। इस पर दस मामले दर्ज हैं। यह सरगना बबुली के मारे जाने के बाद अन्य डाकू लाले, सोहन व संजय के साथ असलहे लेकर भाग गया था। एसपी ने दावा किया कि अब इस गैंग का कोई सदस्य नहीं बचा न ही कोई गैंग का असलहा जंगल में है। पुलिस ने बबुली कोल गैंग के सभी सदस्यों को गिरफ्तार कर असलहा व कारतूस बरामद कर लिया है।
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मुठभेड़ में ये सदस्य रहे शामिल
मानिकपुर। गिरफ्तार करने वाली टीम में निरीक्षक केशव प्रसाद दुबे प्रभारी एंटी डकैती टीम, एसआई शिवप्रसाद प्रभारी एंटी डकैती टीम चित्रकूटधाम परिक्षेत्र बांदा, एसआई श्रवण कुमार सिंह प्रभारी सर्विलांस सेल, एसआई संदीप पटेल, एसआई रोहित तिवारी, मुख्य आरक्षी रहीश खान, रामबाबू यादव, आरक्षी शिवानंद शुक्ला, प्रदीप दुबे, बृजकिशोर, लाखन, आशीष, राहुल, जितेंद्र कुमार, धर्मेंद्र कुमार रहे।
चार सदस्य असलहा लेकर हुए थे फरार
चित्रकूट। डाकू बबुली कोल एवं लवलेश कोल के मारे जाने के बाद गैंग के चार सदस्य असलहे लेकर फरार हो गए थे। फरार सदस्यों में सोहन कोल को 19 सितंबर, संजय कोल को 23 सितंबर को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी बीच 21 सितंबर को मप्र पुलिस ने लाले कोल को पकड़ा था।