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पैदल लंबी दूरी तय कर पेंशन पाने पहुंच रहे बैंक
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चित्रकूट। लॉकडाउन के बाद से केंद्र सरकार ने वृद्धा पेंशन सहित जनधन योजना, सहित किसानों व श्रमिकों के खाते में धनराशि भेजी है। कई गांवों से बैंक 20 से 30 किमी दूर है। इसके बाद भी वृद्ध सहित किसान बैंकों से रुपये लेने के लिए पैदल पहुंच रहे है। सुबह से चलने वाले ग्रामीण दूर शाम ही अपने घर पहुंच पाते हैं। कुछ ऐसा ही हाल मानिकपुर, राजापुर, पहाड़ी, मऊ, बरगढ़, शिवरामपुर व भरतकूप में भी है।
शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में खुले बैंकों में जिनके खाते में सरकार ने धनराशि भेजी गई है। वह पैसा निकालने बैंक पहुंच रहे है। गांव से बैंक तक आने के लिए कोई साधन न होने से मजबूरी में पैदल आना पड़ रहा है। जिसमें सबसे अधिक समस्या वृद्धों को हो रही है। ऐसी ही शहर के पास स्थित बनवारीपुर गांव से जो 9 किमी दूर पड़ता है। वृद्ध छेदिया पत्नी बुद्धई, व कइली पत्नी छेदिया पैदल चलकर शहर के आर्यावर्त बैंक पहुंचे।
उन्होंने खाते में आए एक एक हजार रुपये बैंक से निकाला। बताया कि मजदूरी से ही परिवार के सभी सदस्यों का पेट भरता है। इस समय मजदूरी भी नहीं मिल रही। इस समय मिलने वाली धनराशि से ही काम चलाएंगे।
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शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में खुले बैंकों में जिनके खाते में सरकार ने धनराशि भेजी गई है। वह पैसा निकालने बैंक पहुंच रहे है। गांव से बैंक तक आने के लिए कोई साधन न होने से मजबूरी में पैदल आना पड़ रहा है। जिसमें सबसे अधिक समस्या वृद्धों को हो रही है। ऐसी ही शहर के पास स्थित बनवारीपुर गांव से जो 9 किमी दूर पड़ता है। वृद्ध छेदिया पत्नी बुद्धई, व कइली पत्नी छेदिया पैदल चलकर शहर के आर्यावर्त बैंक पहुंचे।
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उन्होंने खाते में आए एक एक हजार रुपये बैंक से निकाला। बताया कि मजदूरी से ही परिवार के सभी सदस्यों का पेट भरता है। इस समय मजदूरी भी नहीं मिल रही। इस समय मिलने वाली धनराशि से ही काम चलाएंगे।
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