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Chitrakoot News: सीएचसी में खराब पंखों से मरीज बेहाल, जेनरेटर भी शोपीस
Sat, 04 Apr 2026 11:55 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sat, 04 Apr 2026 11:55 PM IST
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फोटो 04 सीकेटीपी-04 अस्पताल में बंद पंखे के नीचे बैठे मरीज व तीमारदार। संवाद
पहाड़ी (चित्रकूट)। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती मरीज भीषण गर्मी से जूझ रहे हैं। वार्डों में लगे पंखे खराब पड़े हैं, जिससे उन्हें ठंडी हवा नहीं मिल पा रही है। अस्पताल में बिजली कटौती के दौरान जेनरेटर भी काम नहीं करता, जिससे मरीजों की परेशानी बढ़ गई है।
करीब 10 मरीज उमस भरी गर्मी में भर्ती वार्ड में दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। तीमारदार अशोक और सुरेश कुमार ने बताया कि 31 मार्च को आंधी-पानी के दौरान पूरी रात बिजली गुल रही। इस दौरान अस्पताल का जेनरेटर भी उपयोग नहीं किया गया। मरीजों और उनके परिजनों को अंधेरे और भीषण गर्मी में रात गुजारनी पड़ी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जेनरेटर और इनवर्टर केवल दिखावे के लिए हैं।
अस्पताल के कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मरीजों के लिए लगा एक एसी वर्तमान प्रभारी ने अपने आवास में लगवा लिया है। मरीजों और तीमारदारों का यह भी कहना है कि डॉक्टर समय से नहीं पहुंचते। उनके केबिन भी समय पर नहीं खुलते, जिससे इलाज में देरी होती है। सरकार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का प्रयास कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं बदहाल हैं।
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अधीक्षक का स्पष्टीकरण
सीएचसी अधीक्षक उदय प्रताप सिंह ने आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले रात में आई आंधी से वार्डों के पंखे खराब हुए थे। अधीक्षक के अनुसार, उन्हें ठीक कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वार्ड में लगी एसी खराब है और उसे बनवाने के लिए मिस्त्री बुलाया गया है। अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि उनके आवास पर स्वयं की एसी लगा है और लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
सीएमओ का बयान
सीएमओ भूपेश द्विवेदी ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में बंद पंखों के विषय में उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली है। सीएमओ ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई शिकायत भी प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभारी से इस मामले की विस्तृत जानकारी ली जाएगी।
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करीब 10 मरीज उमस भरी गर्मी में भर्ती वार्ड में दिक्कतों का सामना कर रहे हैं। तीमारदार अशोक और सुरेश कुमार ने बताया कि 31 मार्च को आंधी-पानी के दौरान पूरी रात बिजली गुल रही। इस दौरान अस्पताल का जेनरेटर भी उपयोग नहीं किया गया। मरीजों और उनके परिजनों को अंधेरे और भीषण गर्मी में रात गुजारनी पड़ी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जेनरेटर और इनवर्टर केवल दिखावे के लिए हैं।
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अस्पताल के कर्मचारियों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि मरीजों के लिए लगा एक एसी वर्तमान प्रभारी ने अपने आवास में लगवा लिया है। मरीजों और तीमारदारों का यह भी कहना है कि डॉक्टर समय से नहीं पहुंचते। उनके केबिन भी समय पर नहीं खुलते, जिससे इलाज में देरी होती है। सरकार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने का प्रयास कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर व्यवस्थाएं बदहाल हैं।
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अधीक्षक का स्पष्टीकरण
सीएचसी अधीक्षक उदय प्रताप सिंह ने आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने बताया कि दो दिन पहले रात में आई आंधी से वार्डों के पंखे खराब हुए थे। अधीक्षक के अनुसार, उन्हें ठीक कराया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि वार्ड में लगी एसी खराब है और उसे बनवाने के लिए मिस्त्री बुलाया गया है। अधीक्षक ने स्पष्ट किया कि उनके आवास पर स्वयं की एसी लगा है और लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं।
सीएमओ का बयान
सीएमओ भूपेश द्विवेदी ने इस मामले पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने बताया कि अस्पताल में बंद पंखों के विषय में उन्हें कोई जानकारी नहीं मिली है। सीएमओ ने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई शिकायत भी प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रभारी से इस मामले की विस्तृत जानकारी ली जाएगी।

फोटो 04 सीकेटीपी-04 अस्पताल में बंद पंखे के नीचे बैठे मरीज व तीमारदार। संवाद