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डकैतों के नाम पर फैलाते हैं दहशत
अमर उजाला ब्यूरो, चित्रकूट
Updated Sat, 05 Dec 2015 11:16 PM IST
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कभी डकैतों के सहारे होने वाले चुनाव में अब बडे़ डकैतों के मारे जाने के
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बाद भी बीहड़ क्षेत्र के तमाम उम्मीदवार अभी उसी ढर्रे पर चल रहे हैं। शायद
ऐसे प्रत्याशी अपने मुनाफे के लिए डकैतों की दहशत बनाए रखने में ही
विश्वास रखते है।
पंचायत चुनाव में लगातार कुछ ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जिसमें डकैतों के नाम पर अज्ञात बदमाश अपने प्रत्याशियों को जीताने के लिए रात को गांव में घुसकर मारपीट कर दहशत फैला रहे हैं।
सेमरिया जगन्नाथवासी व रानीपुर कल्याणगढ़ में डकैतों द्वारा मतदाताओं को पीटने के तुरंत बाद स्थानीय व अन्य प्रत्याशियों ने दूसरे प्रत्याशी पर नकाबपोश व असलहे लेकर दहशत फैलाने का आरोप लगाया। इससे लगता है कि अब क्षेत्र में चुनाव जीतने का नया ट्रेड चल निकला है।
डकैतों के नाम पर कुछ प्रत्याशी दहशत फैलाकर चुनाव जीतने का जुगाड़ बना रहे हैं। अब तक का रिकार्ड रहा है कि ज्यादातर बडे़ डकैतों ने स्वजातीय प्रत्याशियों के लिए ही प्रचार व खून खराबा किया है।
हाल ही में सदर ब्लाक के सेमरिया जगन्नाथवासी गांव में आधा दर्जन असलहाधारियों ने एक प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कराने के लिए ग्रामीणों को पीटा।
जिसमें तत्काल आरोपी प्रत्याशी ने पुलिस सूचना दी कि वास्तव में डकैत नहीं थे। बल्कि दूसरे प्रत्याशी ने ही कुछ आसपास के लोगों को असलहे व रूपये देकर बदनाम कराने की साजिश रची।
क्या कहते अधिकारी
पुलिस अधीक्षक के के चौधरी का मानना है कि यह सही है कि कुछ डकैत बचे हैं लेकिन सभी संवेदनशील स्थानों पर इतनी पुलिस फोर्स लगाई गई है कि पहाड़ से डकैतों का गांव तक पहुंचना आसान नहीं है। संभावना है कि कुछ प्रत्याशी इसका लाभ उठा रहे हैं। दोनों गांव की घटनाओं में गैंग का नाम स्पष्ट नहीं है।
पंचायत चुनाव में लगातार कुछ ऐसी घटनाएं हो रही हैं, जिसमें डकैतों के नाम पर अज्ञात बदमाश अपने प्रत्याशियों को जीताने के लिए रात को गांव में घुसकर मारपीट कर दहशत फैला रहे हैं।
सेमरिया जगन्नाथवासी व रानीपुर कल्याणगढ़ में डकैतों द्वारा मतदाताओं को पीटने के तुरंत बाद स्थानीय व अन्य प्रत्याशियों ने दूसरे प्रत्याशी पर नकाबपोश व असलहे लेकर दहशत फैलाने का आरोप लगाया। इससे लगता है कि अब क्षेत्र में चुनाव जीतने का नया ट्रेड चल निकला है।
डकैतों के नाम पर कुछ प्रत्याशी दहशत फैलाकर चुनाव जीतने का जुगाड़ बना रहे हैं। अब तक का रिकार्ड रहा है कि ज्यादातर बडे़ डकैतों ने स्वजातीय प्रत्याशियों के लिए ही प्रचार व खून खराबा किया है।
हाल ही में सदर ब्लाक के सेमरिया जगन्नाथवासी गांव में आधा दर्जन असलहाधारियों ने एक प्रत्याशी के पक्ष में मतदान कराने के लिए ग्रामीणों को पीटा।
जिसमें तत्काल आरोपी प्रत्याशी ने पुलिस सूचना दी कि वास्तव में डकैत नहीं थे। बल्कि दूसरे प्रत्याशी ने ही कुछ आसपास के लोगों को असलहे व रूपये देकर बदनाम कराने की साजिश रची।
क्या कहते अधिकारी
पुलिस अधीक्षक के के चौधरी का मानना है कि यह सही है कि कुछ डकैत बचे हैं लेकिन सभी संवेदनशील स्थानों पर इतनी पुलिस फोर्स लगाई गई है कि पहाड़ से डकैतों का गांव तक पहुंचना आसान नहीं है। संभावना है कि कुछ प्रत्याशी इसका लाभ उठा रहे हैं। दोनों गांव की घटनाओं में गैंग का नाम स्पष्ट नहीं है।