फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Padma Shri Dr. BK Jain passes away, ending 50 years of service

Chitrakoot News: पद्मश्री डॉ. बीके जैन का निधन, 50 वर्षों की सेवा का अंत

Fri, 27 Feb 2026 11:59 PM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Fri, 27 Feb 2026 11:59 PM IST
विज्ञापन
Padma Shri Dr. BK Jain passes away, ending 50 years of service
फोटो 27 सीकेटीपी-18- पद्मश्री डॉ. बीके जैन फाइल फोटो
चित्रकूट। पद्मश्री से सम्मानित प्रसिद्ध नेत्र चिकित्सक और समाजसेवी डॉ. बुधेंद्र कुमार जैन का शुक्रवार शाम को निधन हो गया। जानकीकुंड चिकित्सालय में उन्होंने शाम 4:24 बजे अंतिम सांस ली। सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट परिवार ने उनके निधन की पुष्टि की। डॉ. जैन ने अपने जीवन के 50 से अधिक वर्ष चित्रकूट जैसे सुदूर और पिछड़े क्षेत्र में नेत्र चिकित्सा और समाज सेवा के लिए समर्पित किए। निधन की खबर मिलते ही चित्रकूट सहित पूरे बुंदेलखंड क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।
विज्ञापन

डॉ. जैन काफी समय से बीमार थे और उनका इलाज मुंबई में चल रहा था। स्वास्थ्य में सुधार न होने के कारण उन्हें चित्रकूट लाया गया था। वो वेंटिलेटर पर थे। वह चित्रकूट स्थित श्री सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट के निदेशक और प्रसिद्ध नेत्र चिकित्सक थे। उन्होंने 1970 के दशक की शुरुआत में चित्रकूट में कार्य शुरू किया था, जब यह क्षेत्र दस्यु प्रभावित और बुनियादी सुविधाओं से वंचित था। उनके नेतृत्व में सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय विश्व के प्रमुख नेत्र केंद्रों में से एक बना, जहां हजारों सर्जरी हुईं और लाखों को दृष्टि मिली।
विज्ञापन

डॉ. जैन ने सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय में मोतियाबिंद, रेटिना, ग्लूकोमा और कॉर्निया प्रत्यारोपण जैसी अत्याधुनिक सुविधाएं स्थापित कीं। यहां सालाना लाखों मरीजों की ओपीडी होती थी। बड़ी संख्या में निशुल्क सर्जरी भी की जाती थीं। उनके प्रयासों से चित्रकूट में नेत्र चिकित्सा का अभूतपूर्व विस्तार हुआ।
विज्ञापन
विज्ञापन

----------

समाज सेवा और सामुदायिक विकास : नेत्र चिकित्सा के अलावा, डॉ. जैन ने व्यापक समाज सेवा भी की। उन्होंने बच्चों की शिक्षा के लिए सद्गुरु पब्लिक स्कूल और विद्याधाम की स्थापना की। जानकीकुंड में एक विशाल गोशाला और नस्ल सुधार केंद्र भी स्थापित किया। प्राकृतिक आपदाओं के दौरान उन्होंने भोजन, पानी और चिकित्सा सहायता प्रदान की। महिला सशक्तिकरण के लिए स्थानीय महिलाओं को नर्सिंग और अन्य कौशल में प्रशिक्षित कर आत्मनिर्भर बनाया। प्रयागराज कुंभ (2019) के दौरान उन्होंने नेत्र कुंभ का सफलता पूर्वक संचालन किया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं की आंखों की निशुल्क जांच और उपचार किया गया।

-----------
इन ओहदों पर भी रहे : भारत सरकार ने चिकित्सा और समाज सेवा में उनके योगदान के लिए उन्हें वर्ष 2025 में पद्मश्री से सम्मानित किया था। उन्हें गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय से मानद डी लिट, महावीर फाउंडेशन और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा भी सम्मानित किया गया। इसके अतिरिक्त, उन्हें 2025 में हिप्पोक्रेट्स लिगेसी अवॉर्ड और 2016 में लाइफटाइम अचीवमेंट अवॉर्ड से नवाजा गया। सितंबर 2025 में उन्हें अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स), रायपुर का अध्यक्ष भी नियुक्त किया गया था। डॉ. जैन ने अस्पताल के लिए एक अनूठा रेलवे मॉडल अपनाया था। इसमें खर्च वहन करने वाले मरीजों के लिए प्रीमियम सेवाएं और गरीबों के लिए निशुल्क उपचार की व्यवस्था थी, जबकि उपचार की गुणवत्ता दोनों के लिए समान रहती थी।

फोटो 27 सीकेटीपी-18- पद्मश्री डॉ. बीके जैन फाइल फोटो

फोटो 27 सीकेटीपी-18- पद्मश्री डॉ. बीके जैन फाइल फोटो

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed