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फोटो नंबर- 4

Thu, 27 Aug 2020 10:42 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Thu, 27 Aug 2020 10:42 PM IST
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चित्रकूट के देवांगना हवाई पट्टी पर खड़े विमान में ईंधन डालता वाहन और मौजूद सुरक्षाकर्मी- फाइल फो? - फोटो : CHITRAKUTT
चित्रकूट। धर्मनगरी से प्रयागराज, वाराणसी और कानपुर के हवाई मार्ग से जुड़ने से विकास के और पंख लगने के साथ पर्यटन में भी ऊंची छलांग लगने के पूरे आसार पैदा हो गए हैं। धर्मनगरी के देवांगना घाटी में बनकर तैयार हुए एयरपोर्ट से जहां हवाई सेवा का सपना जल्द पूरा होने वाला है, वहीं इस साल कभी भी हवाई यात्री सेवा शुरू करने का भी एलान किया जा सकता है। प्रदेश सरकार ने यात्री विमानों की सेवा शुरू करने का खाका भी तैयार कर लिया है। साथ ही प्रदेश सरकार ने औद्योगिक आस्थान बनाने को भी कमर कस ली है।
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चित्रकूट में एयरपोर्ट बनकर तैयार हो चुका है, साथ ही विमानों की लैंडिंग भी कई बार कराई जा चुकी है, लेकिन अभी तक यात्री विमानों की सेवा शुरू नहीं हो सकी है। अब प्रदेश सरकार ने चित्रकूट के एयरपोर्ट से कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी को भी जोड़ने का एलान किया है, जिससे अब उम्मीद बढ़ गई है कि जल्द ही हवाई पट्टी में यात्री विमान भी लैंडिंग करने लगेंगे। नागरिक उड्डयन मंत्रालय की संयुक्त सचिव उषा पाढ़ी ने कानपुर, प्रयागराज और वाराणसी के भी धर्मनगरी के हवाई सेवा से जुड़ने की जानकारी ट्वीट कर दी है। गौरतलब हो कि प्रदेश के नागरिक उड्डयन मंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री नंदगोपाल गुप्ता उर्फ नंदी ने जुलाई माह में ही तय कर दिया था कि हवाई पट्टी के विस्तारीकरण का काम जल्द ही पूरा हो रहा और सन 2020 में ही देवांगना हवाई पट्टी से यात्री विमान उड़ान भरेंगे।
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देशभर तीर्थयात्रियों को धर्मनगरी तक पहुंचने को देवांगना स्थल पर वर्ष 2013 में तत्कालीन सपा सरकार के कार्यकाल के दौरान हवाई पट्टी का निर्माण शुरू किया गया था। 2015 में 92.66 करोड़ रुपये से साढे़ तीन किमी की नई हवाई पट्टी बनाने को हरी झंडी मिली। इसके लिए 48 करोड़ रुपये जारी किए गए। वन विभाग की तरफ से अनापत्ति प्रमाण पत्र न मिलने से वर्ष 2017 से काम ठप हो गया था, जिससे ढाई किलोमीटर हवाई पट्टी ही बन सकी थी। तत्कालीन डीएम विशाख जी अय्यर की पहल के बाद वन एवं पर्यावरण मंत्रालय एनओसी देने को तैयार हो गया था। इसके बाद प्रदेश सरकार ने रीजनल कनेक्टिविटी स्क्रीम आरसीएस में चयनित हवाई पट्टियों को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने का निर्णय लिया। प्रदेश के नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने के लिए 100 करोड़ रुपये के बजट देेने के लिए घोषणा की, इसके बाद कार्य और तेजगति से चला।
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हवाई पट्टी तक पहुंचने के लिए अब जिला प्रशासन की तरफ से सात मीटर चौड़ी सड़क गढ़ीवा गांव के पास बनाई जा रही है, ताकि हवाई पट्टी पर वाहनों का आवागमन आसानी से शुरू हो सके।
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हवाई पट्टी के बनने से चित्रकूट क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। आवागमन सुगम होने से इस क्षेत्र का विकास होगा।
-शेषमणि पांडेय, जिलाधिकारी
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