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किसान के बेटे ने लाइसेंसी रायफल से गोली मार खुदकुशी की
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फोटो- 13- मृतक विवेक तिवारी - फाइल फोटो
- फोटो : CHITRAKUTT
राजापुर (चित्रकूट)। क्षेत्र के छीबो गांव में गुर्दे व किडनी की बीमारी से परेशान किसान प्रमोद द्विवेदी के बेटे विवेक (22) ने पिता की लाइसेंसी रायफल से खुद को गोली मार ली। गोली की आवाज सुनकर परिवार व आसपास के लोग कमरे में पहुंचे। तब तक विवेक की सांसे थम चुकी थीं। पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त रायफल कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
छीबो गांव निवासी विवेक के गुर्दे का इलाज दो साल से एसजीपीजीआई, लखनऊ में चल रहा था। दो-चार दिन बाद उसका किडनी का आपरेशन होना था। वह सोमवार की शाम कौशांबी से इलाज कराकर घर आया था। वहीं से डाक्टरों ने एसजीपीजीआई के डाक्टरों से उसके आपरेशन की तारीख तय की थी।
परिजनों ने बताया कि देर शाम परिवार के लोग घर के बाहर बैठे थे। इसी दौरान मौका पाकर विवेक ने रायफल से गोली मारकर खुदकुशी कर ली। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। लोगों ने सांत्वना देकर उन्हें शांत कराया। विवेक ने स्नातक तक शिक्षा प्राप्त की थी।
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राजापुर। विवेक इलाज खर्च धनराशि को लेकर चिंतित रहता था। दोस्तों से भी कहता था कि जिंदगी नहीं बचेगी। इलाज में काफी रुपया खर्च हो गया है। परिवार भी परेशान रहता हैं। बताया गया कि विवेक पहले भी जहर खाकर जान देने की कोशिश कर चुका था। विवेक ने आत्महत्या करने से पहले घर के बाहर खड़े वाहन के पहियों की हवा निकाल दी थी। ताकि कोई उसे अस्पताल न ले जा सके।
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छीबो गांव निवासी विवेक के गुर्दे का इलाज दो साल से एसजीपीजीआई, लखनऊ में चल रहा था। दो-चार दिन बाद उसका किडनी का आपरेशन होना था। वह सोमवार की शाम कौशांबी से इलाज कराकर घर आया था। वहीं से डाक्टरों ने एसजीपीजीआई के डाक्टरों से उसके आपरेशन की तारीख तय की थी।
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परिजनों ने बताया कि देर शाम परिवार के लोग घर के बाहर बैठे थे। इसी दौरान मौका पाकर विवेक ने रायफल से गोली मारकर खुदकुशी कर ली। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। लोगों ने सांत्वना देकर उन्हें शांत कराया। विवेक ने स्नातक तक शिक्षा प्राप्त की थी।
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राजापुर। विवेक इलाज खर्च धनराशि को लेकर चिंतित रहता था। दोस्तों से भी कहता था कि जिंदगी नहीं बचेगी। इलाज में काफी रुपया खर्च हो गया है। परिवार भी परेशान रहता हैं। बताया गया कि विवेक पहले भी जहर खाकर जान देने की कोशिश कर चुका था। विवेक ने आत्महत्या करने से पहले घर के बाहर खड़े वाहन के पहियों की हवा निकाल दी थी। ताकि कोई उसे अस्पताल न ले जा सके।