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Chitrakoot News: महंत समेत उसके भाई व रिश्तेदार के खिलाफ दुष्कर्म की रिपोर्ट के आदेश
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चित्रकूट। धमकी देकर महिला का शारीरिक शोषण करने के मामले में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने महंत के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज करने के निर्देश दिए हैं।
मध्य प्रदेश के सतना जिले के एक मोहल्ला निवासी महिला ने बताया कि उसके पति चित्रकूट के महंत सत्यप्रकाश दास के साथ रहते थे। इसके चलते महंत के विरुद्ध पहाड़ी थाना में हत्या के प्रयास के एक मामले में उसके पति को भी सह अभियुक्त बनाया गया था। वर्ष 2016 में उसके पति महंत सत्यप्रकाश दास के साथ जेल में थे। मुकदमे की पैरवी के लिए वह चित्रकूट आती थी और यज्ञवेदी निर्वाणी अखाड़ा में रुकती थीं। जहां महंत के भाई जय प्रकाश ने उसे एक कमरा दिला दिया था। कमरा दिलाने के बद पति के जेल में रहने के कारण जय प्रकाश ने डरा धमकाकर उससे शारीरिक संबंध बनाया।
मना करने व विरोध करने पर पति को जेल में बंद रखने और जान से मरवाने की धमकी देता था। इस दौरान जय प्रकाश अपने भाई महंत सत्यप्रकाश दास व अपने रिश्तेदार अरविंद मिश्रा के साथ लगातार उसका शारीरिक शोषण करते रहे। इसकी जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की धमकी भी देते रहे। 18 जून 2024 को तीनों आरोपियों ने यज्ञवेदी निर्वाणी अखाड़ा के कमरे से उसके पति को बाहर भेज दिया और रात में तीनों लोगों ने जबरन शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया। विरोध करने पर मारपीट की। इस दौरान महंत ने कहा कि उनके मन मुताबिक काम न करने पर वह उसके पति व बच्चों को गायब करवा देंगे।
महिला ने बताया कि इसके दूसरे दिन 19 जून को उसने अपने पति को पूरी घटना की जानकारी दी। उनके साथ सीतापुर चौकी जाकर शिकायती प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। इसके बाद उसने उच्चाधिकारियों को भी अपने साथ हुए शोषण की जानकारी दी। साथ ही आरोपियों द्वारा धमकी दी। पीडि़ता ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध कई आपराधिक मुकदमे पंजीकृत हैं। पीड़िता ने इस मामले में कोई सुनवाई न होने पर न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था।
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मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेंद्र प्रसाद भारती ने प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए संबंधित प्रभारी निरीक्षक को सभी आरोपियों पर उचित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। साथ ही विधि अनुसार विवेचना कराने और आख्या प्रस्तुत करने को कहा है।
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मध्य प्रदेश के सतना जिले के एक मोहल्ला निवासी महिला ने बताया कि उसके पति चित्रकूट के महंत सत्यप्रकाश दास के साथ रहते थे। इसके चलते महंत के विरुद्ध पहाड़ी थाना में हत्या के प्रयास के एक मामले में उसके पति को भी सह अभियुक्त बनाया गया था। वर्ष 2016 में उसके पति महंत सत्यप्रकाश दास के साथ जेल में थे। मुकदमे की पैरवी के लिए वह चित्रकूट आती थी और यज्ञवेदी निर्वाणी अखाड़ा में रुकती थीं। जहां महंत के भाई जय प्रकाश ने उसे एक कमरा दिला दिया था। कमरा दिलाने के बद पति के जेल में रहने के कारण जय प्रकाश ने डरा धमकाकर उससे शारीरिक संबंध बनाया।
मना करने व विरोध करने पर पति को जेल में बंद रखने और जान से मरवाने की धमकी देता था। इस दौरान जय प्रकाश अपने भाई महंत सत्यप्रकाश दास व अपने रिश्तेदार अरविंद मिश्रा के साथ लगातार उसका शारीरिक शोषण करते रहे। इसकी जानकारी किसी को देने पर जान से मारने की धमकी भी देते रहे। 18 जून 2024 को तीनों आरोपियों ने यज्ञवेदी निर्वाणी अखाड़ा के कमरे से उसके पति को बाहर भेज दिया और रात में तीनों लोगों ने जबरन शारीरिक संबंध बनाने का प्रयास किया। विरोध करने पर मारपीट की। इस दौरान महंत ने कहा कि उनके मन मुताबिक काम न करने पर वह उसके पति व बच्चों को गायब करवा देंगे।
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महिला ने बताया कि इसके दूसरे दिन 19 जून को उसने अपने पति को पूरी घटना की जानकारी दी। उनके साथ सीतापुर चौकी जाकर शिकायती प्रार्थना पत्र दिया लेकिन कोई सुनवाई नही हुई। इसके बाद उसने उच्चाधिकारियों को भी अपने साथ हुए शोषण की जानकारी दी। साथ ही आरोपियों द्वारा धमकी दी। पीडि़ता ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध कई आपराधिक मुकदमे पंजीकृत हैं। पीड़िता ने इस मामले में कोई सुनवाई न होने पर न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया था।
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मंगलवार को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेंद्र प्रसाद भारती ने प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए संबंधित प्रभारी निरीक्षक को सभी आरोपियों पर उचित धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश दिए हैं। साथ ही विधि अनुसार विवेचना कराने और आख्या प्रस्तुत करने को कहा है।