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Chitrakoot News: पांच साल से नहीं हुई सफाई, दूषित पानी पीने को मजबूर 10 हजार लोग
Fri, 16 Jan 2026 01:14 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Fri, 16 Jan 2026 01:14 AM IST
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फोटो-15सीकेटीपी 18- पानी की टंकी पास खड़ी झाड़ियां। संवाद
- फोटो : 1
पहाड़ी (चित्रकूट)। जलापूर्ति के लिए बनी करीब 50 वर्ष पुरानी पानी की टंकी पिछले पांच सालों से साफ नहीं हुई है। इस कारण यहां की 10 हजार की आबादी को दूषित पानी पीने को मजबूर है। टंकी की हालत बेहद खराब हो चुकी है। जगह-जगह दरारें पड़ गई हैं, जिससे दूषित पानी की आपूर्ति की आशंका बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी की टंकी की आखिरी बार सफाई पांच साल पहले हुई थी। इसके बाद से न तो इसकी सफाई कराई गई और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी ने इसकी सुध ली। टंकी के चारों ओर झाड़ियां उग आई हैं और सफाई की तारीख से संबंधित सूचनाएं भी मिटा दी गई हैं।
रमेश, राकेश सिंह और बालगोविंद जैसे स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई बार टंकी से गंदा पानी सप्लाई किया जाता है, खासकर बारिश के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। उनका आरोप है कि विभाग केवल कागजी औपचारिकता पूरी करता है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
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जल संस्थान द्वारा लगभग पांच दशक पूर्व निर्मित यह पानी की टंकी अब खस्ताहाल स्थिति में है। टंकी और उससे जुड़ी पाइप लाइनों में कई जगहों पर लीकेज की समस्या भी बनी हुई है, जिससे पानी की भारी बर्बादी हो रही है। इन गंभीर समस्याओं के बावजूद, संबंधित विभाग के अधिकारी बेखबर हैं।
इस संबंध में जल संस्थान के जेई मुलायम सिंह ने केवल इतना बताया कि टंकियों की सफाई करवाई जाती है। अधिक जानकारी के लिए उन्होंने एक्सईएन से संपर्क करने की सलाह दी। हालांकि, समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाने की जानकारी नहीं दी गई।
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स्थानीय लोगों के अनुसार, पानी की टंकी की आखिरी बार सफाई पांच साल पहले हुई थी। इसके बाद से न तो इसकी सफाई कराई गई और न ही किसी जिम्मेदार अधिकारी ने इसकी सुध ली। टंकी के चारों ओर झाड़ियां उग आई हैं और सफाई की तारीख से संबंधित सूचनाएं भी मिटा दी गई हैं।
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रमेश, राकेश सिंह और बालगोविंद जैसे स्थानीय निवासियों ने बताया कि कई बार टंकी से गंदा पानी सप्लाई किया जाता है, खासकर बारिश के मौसम में हालात और भी बदतर हो जाते हैं। उनका आरोप है कि विभाग केवल कागजी औपचारिकता पूरी करता है, जबकि जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती।
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जल संस्थान द्वारा लगभग पांच दशक पूर्व निर्मित यह पानी की टंकी अब खस्ताहाल स्थिति में है। टंकी और उससे जुड़ी पाइप लाइनों में कई जगहों पर लीकेज की समस्या भी बनी हुई है, जिससे पानी की भारी बर्बादी हो रही है। इन गंभीर समस्याओं के बावजूद, संबंधित विभाग के अधिकारी बेखबर हैं।
इस संबंध में जल संस्थान के जेई मुलायम सिंह ने केवल इतना बताया कि टंकियों की सफाई करवाई जाती है। अधिक जानकारी के लिए उन्होंने एक्सईएन से संपर्क करने की सलाह दी। हालांकि, समस्या के समाधान के लिए कोई ठोस कदम उठाए जाने की जानकारी नहीं दी गई।