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Chitrakoot News: तुलसीदास की जन्मस्थली राजापुर में बस स्टैंड नहीं, यात्री परेशान
Mon, 19 Jan 2026 12:17 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Mon, 19 Jan 2026 12:17 AM IST
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फोटो-18 सीकेटीपी 11- राजापुर में सड़क में खड़ी रोडवेज बस। संवाद
- फोटो : बहराइच के देहात कोतवाली परिसर में खड़ी बाइकें।
राजापुर/ चित्रकूट। महाकवि गोस्वामी तुलसीदास की पावन जन्मभूमि राजापुर धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रूप से ख्यातिलब्ध है। यहां पर रोजाना बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। आजादी के दशकों बाद भी यहां रोडवेज बसों के लिए कोई उचित स्थान नहीं बन सका है। जिसके चलते यात्रियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
राजापुर से बांदा, कौशांबी, फतेहपुर और प्रयागराज जैसे विभिन्न जिलों के लिए बसें चलती हैं लेकिन यहां पर स्थाई बस स्टैंड न होने की वजह से बसें मुख्य सड़कों पर ही खड़ी होती हैं। इससे न केवल यात्रियों को, बल्कि स्थानीय निवासियों को भी परेशानी होती है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को धूप, बारिश या ठंड में सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। समय पर बस न मिलने से उन्हें महंगे निजी साधनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर बोझ पड़ता है।
स्थायी बस स्टैंड न होने से कस्बे की यातायात व्यवस्था भी चरमराई है। बसों के अचानक सड़क पर रुकने से बाजार क्षेत्र में अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। स्थानीय व्यापारी सुनील मिश्रा, सतीश चंद मिश्रा, शंकर दयाल जायसवाल, शिवपूजन गुप्ता ने कई बार इस समस्या को उठाया लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। जबकि यह तुलसीदास की जन्मस्थली है। यहां पर हमेशा श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। फिर भी स्थाई बस स्टैंड का निर्माण नहीं हो सका है।
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राजापुर से बांदा, कौशांबी, फतेहपुर और प्रयागराज जैसे विभिन्न जिलों के लिए बसें चलती हैं लेकिन यहां पर स्थाई बस स्टैंड न होने की वजह से बसें मुख्य सड़कों पर ही खड़ी होती हैं। इससे न केवल यात्रियों को, बल्कि स्थानीय निवासियों को भी परेशानी होती है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को धूप, बारिश या ठंड में सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है। समय पर बस न मिलने से उन्हें महंगे निजी साधनों का सहारा लेना पड़ता है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर बोझ पड़ता है।
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स्थायी बस स्टैंड न होने से कस्बे की यातायात व्यवस्था भी चरमराई है। बसों के अचानक सड़क पर रुकने से बाजार क्षेत्र में अक्सर जाम की स्थिति बन जाती है। स्थानीय व्यापारी सुनील मिश्रा, सतीश चंद मिश्रा, शंकर दयाल जायसवाल, शिवपूजन गुप्ता ने कई बार इस समस्या को उठाया लेकिन सुनवाई नहीं हो सकी। जबकि यह तुलसीदास की जन्मस्थली है। यहां पर हमेशा श्रद्धालुओं का आवागमन होता है। फिर भी स्थाई बस स्टैंड का निर्माण नहीं हो सका है।
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