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लापरवाही: टूटी पटरी से रातभर गुजरती रहीं ट्रेनें
लापरवाही: टूटी पटरी से रातभर गुजरती रहीं ट्रेनें
Updated Sat, 24 Nov 2018 11:36 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
मानिकपुर। मुंबई-हावड़ा रेलमार्ग पर रेल विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है। शुक्रवार की रात मारकुंडी स्टेशन के पास रेल पटरी टूटी थी जिस पर से एक्सप्रेस समेत कई मालगाड़ी धड़ाधड़ कर गुजरतीं रहीं। शनिवार की सुबह जानकारी मिलते ही रेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया। इस रूट की ट्रेनों को दूसरी लाइन से गुजार कर लगभग तीन घंटे के प्रयास कर टूटी पटरी को दुरूस्त किया गया। इसके बाद भी अभी इस पटरी से ट्रेनों को काशन पर गुजारा जा रहा हैं।
मानिकपुर से सतना मप्र रेलखंड की ओर मारकुंडी स्टेशन के पास टूटी पटरी से ट्रेनें रात भर गुजरतीं रहीं। गनीमत यह रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। मानिकपुर स्टेशन प्रबंधक बालमुकुंद ने बताया कि हावड़ा-मुंबई रेल मार्ग के मारकुंडी रेलवे स्टेशन के समीप माइल स्टोन संख्या 1239/9 से 1240 के बीच रेलवे गेट 401 ब के पास पांच के अंतराल में दो जगह से टूटी पटरी से रातभर ट्रेनों का संचालन चलता रहा। इसकी कोई जानकारी नहीं थी। शनिवार की सुबह ड्यूटी पर गए ट्रैकमैन अमित ने टूटी पटरी देखा तो दौड़ते हुए पहले केबिनमैन के पास जानकारी दी। इसके बाद मारकुंडी व मानिकपुर स्टेशन के अधिकारियों को जानकारी दी गई। इस रूट की ट्रेेनों पर ब्रेक लगा दिए गए।
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जानकारी मिलते ही रेल पथ निरीक्षक नवीन कुमार कई तकनीकी विशेषज्ञों के साथ मौके पर पहुंचे। टूटी पटरी में प्लेट लगाकर ट्रेनों को निकाला गया। यह कार्य लगभग तीन घंटे तक चला। गनीमत रही कि इस कारण कोई हादसा नहीं हुआ। पटरी में सुधार के कारण मानिकपुर रूट पर जाने वाली ट्रेनों का काफी देर तक रोका गया।
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रेल पथ निरीक्षक नवीन कुमार ने बताया कि पटरी किनारे कई तालाब हैं। जिससे ठंडक बनी रहती है। सर्दी के सीजन में ठंडक बढ़ जाती है। जिससे अक्सर पटरी टूटती है
पांच फुट लंबी पटरी पर लगी प्लेट
चित्रकूट। मारकुंडी रेल पटरी के टूटने वाले स्थान पर जब तकनीकी विशेषज्ञों की टीम पहुंची तो देखा कि पटरी काफी टूट गई थी। सभी हैरान थे कि हादसा टल गया। लगभग तीन घंटे की मशक्कत के बाद पांच फुट की टूटी पटरी को बदलकर मार्ग दुरुस्त किया गया।