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चित्रकूटः प्रवासी मजदूरों को नहीं मिल रहा रोजगार
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चित्रकूट/मानिकपुर। आदिवासी पाठा अधिकार मंच के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को प्रवासी मजदूरों को रोजगार दिलाने की मांग को लेकर नौ सूत्री ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
ज्ञापन में कहा कि विकास खंड मानिकपुर के कैलहा, रूखमाखुर्द, मडैयन व ददरी माफी सहित कई गांवों के बाहर काम करने वाले मजदूर कोरोना महामारी के चलते घर आ गए हैं। उनको रोजगार न मिलने से परिजन परेशान हैं।
प्रवासी मजदूरों को उनके कौशल के आधार पर गांव में ही रोजगार दिया जाए। ग्राम पंचायत में कैंप लगाकर जॉबकार्ड बनाए जाएं। मजदूरों को श्रम विभाग मेें पंजीकृत कर विभाग से संचालित योजनाओं की जानकारी दी जाए।
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कार्य दिवस को सौ से बढ़ाकर दो सौ दिन किया जाए और मजदूरी तीन सौ रुपये की जाए। मनरेगा के तहत काम करने के बाद सात दिन के अंदर मजदूरों के बैंक खाते में पैसा भेजा जाए।
सभी परिवारों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं पेंशन व आंगनबाड़ी से लाभांवित किया जाए। वृद्ध दिव्यांग पेंशन की राशि पांच सौ रुपये से बढ़ाई जाए।
इस दौरान किशोर कुमार, भैरम, धनश्याम, रामआसरे, रामनाथ, लल्लू, राजा, शांती देवी, मंगल सिंह, रेखा, संतू, शेषन, विट्टन व सीताराम मौजूद रहे।
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ज्ञापन में कहा कि विकास खंड मानिकपुर के कैलहा, रूखमाखुर्द, मडैयन व ददरी माफी सहित कई गांवों के बाहर काम करने वाले मजदूर कोरोना महामारी के चलते घर आ गए हैं। उनको रोजगार न मिलने से परिजन परेशान हैं।
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प्रवासी मजदूरों को उनके कौशल के आधार पर गांव में ही रोजगार दिया जाए। ग्राम पंचायत में कैंप लगाकर जॉबकार्ड बनाए जाएं। मजदूरों को श्रम विभाग मेें पंजीकृत कर विभाग से संचालित योजनाओं की जानकारी दी जाए।
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कार्य दिवस को सौ से बढ़ाकर दो सौ दिन किया जाए और मजदूरी तीन सौ रुपये की जाए। मनरेगा के तहत काम करने के बाद सात दिन के अंदर मजदूरों के बैंक खाते में पैसा भेजा जाए।
सभी परिवारों को सरकार द्वारा संचालित योजनाओं पेंशन व आंगनबाड़ी से लाभांवित किया जाए। वृद्ध दिव्यांग पेंशन की राशि पांच सौ रुपये से बढ़ाई जाए।
इस दौरान किशोर कुमार, भैरम, धनश्याम, रामआसरे, रामनाथ, लल्लू, राजा, शांती देवी, मंगल सिंह, रेखा, संतू, शेषन, विट्टन व सीताराम मौजूद रहे।