{"_id":"58b06bfe4f1c1b0511b24373","slug":"meaning-more-social-service-major-seminary","type":"story","status":"publish","title_hn":"शिक्षालय में अर्थ से ज्यादा समाज सेवा प्रमुख","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शिक्षालय में अर्थ से ज्यादा समाज सेवा प्रमुख
ब्यूरो/अमर उजाला, चित्रकूट
Updated Fri, 24 Feb 2017 10:53 PM IST
विज्ञापन
रीथावर चंद्र गहलोत।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बिहार के राज्यपाल रामनाथ कोविद के साथ सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता केंद्रीय मंत्री थावर चंद्र गहलोत ने विश्वविद्यालय के कुलाधिपति जगतगुरु रामभद्राचार्य से इसे केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने संबधी चर्चा की। उन्होंने कहा कि विवि के लिए मंत्रालय द्वारा जो भी आवश्यक सुविधाएं होंगी, उसे प्रदान की जाएगी। दृष्टिबाधित छात्रों के लिए ब्रेल प्रेस की स्थापना कराने की घोषणा की।
शुक्रवार को राज्यपाल के साथ पहले प्रमोद वन और जगद़्तगुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय आए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नि:शक्तों की शिक्षा के लिए चलाया जा रहा विश्वविद्यालय उत्कृष्ट समाजसेवा का कार्य है। इसमें अर्थ की जगह समाज सेवा का प्रमुख भाव है। भारत सरकार से मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसी दौरान बिहार के राज्यपाल ने विवि के आजीवन कुलाधिपति रामभद्राचार्य से मिलकर इसे केंद्रीय विवि बनवाने संबधी विचार विमर्श किया।
इस मौके पर विवि के कुलपति प्रो. योगेश चंद्र दुबे, भारत सरकार के प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी, कुलसचिव प्रो. गिरिजा प्रसाद दुबे, लेखाधिकारी एनबी गोयल, कुलाधिपति के निजी सहायक जय मिश्र, सूर्य प्रकाश मिश्र, देवेंद्र त्रिपाठी और विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र/छात्राएं मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शुक्रवार को राज्यपाल के साथ पहले प्रमोद वन और जगद़्तगुरु रामभद्राचार्य विकलांग विश्वविद्यालय आए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि नि:शक्तों की शिक्षा के लिए चलाया जा रहा विश्वविद्यालय उत्कृष्ट समाजसेवा का कार्य है। इसमें अर्थ की जगह समाज सेवा का प्रमुख भाव है। भारत सरकार से मदद दिलाने का प्रयास किया जाएगा। इसी दौरान बिहार के राज्यपाल ने विवि के आजीवन कुलाधिपति रामभद्राचार्य से मिलकर इसे केंद्रीय विवि बनवाने संबधी विचार विमर्श किया।
विज्ञापन
इस मौके पर विवि के कुलपति प्रो. योगेश चंद्र दुबे, भारत सरकार के प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी, कुलसचिव प्रो. गिरिजा प्रसाद दुबे, लेखाधिकारी एनबी गोयल, कुलाधिपति के निजी सहायक जय मिश्र, सूर्य प्रकाश मिश्र, देवेंद्र त्रिपाठी और विश्वविद्यालय के समस्त शिक्षक, कर्मचारी एवं छात्र/छात्राएं मौजूद रहे।
विज्ञापन