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रोशनी की मौत के कई जिम्मेदार, किस पर होगी कार्रवाई

Wed, 20 Apr 2022 10:33 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 20 Apr 2022 10:33 PM IST
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Many responsible for Roshni's death, on whom will action be taken?
फोटो-11- जिला अस्पताल के जच्चा बच्चा वार्ड के प्रसव कक्ष से बाहर निकलती प्रसूता। संवाद - फोटो : CHITRAKOOT
चित्रकूट। जिला अस्पताल में प्रसूता रोशनी मिश्रा की मौत मामले में बुधवार को जांच शुरू हो गई है। तीन डॉक्टरों की कमेटी ने सीएमएस, नर्स, आया और कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। रात में किसी डॉक्टर की ड्यूटी न लगाए जाने और महिला चिकित्सक के गैरहाजिर होने पर संबंधी सवाल सीएमएस से पूछे गए। जांच के दौरान कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। अब देखना होगा कि जांच की आंच किस पर आती है।
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दरअसल प्रसूता रोशनी मिश्रा की मौत के कई जिम्मेदार हैं। 15 अप्रैल को डा. रफीक की दिन में ड्यूटी थी, लेकिन रात में नहीं थी। मगर रात में जब रोशनी की हालत बिगड़ी तो उन्होंने दरवाजा नहीं खोला, फोन नहीं उठाया। उस रात डा. ऊषा की ड्यूटी थी, लेकिन वह कोर्ट में बयान देने के नाम पर दिन में जा चुकी थीं। इस बात की जानकारी डा. रफीक को नहीं दी गई थी। सीएमएस ने रात में ड्यूटी के इंतजाम नहीं किए। सीएमएस का कहना है कि आवश्यकता पर डा. रफीक की मदद लेने का विचार था। मगर उन्होंने दरवाजा ही नहीं खोला। इस तरह से अस्पताल में सुरक्षित प्रसव के कोई इंतजाम नहीं थे।
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जिला अस्पताल पहुंचे सीएमओ, दिए कड़े निर्देश
उधर, सीएमओ डा. भूपेश द्विवेदी ने जिला अस्पताल पहुंचकर सीएमएस समेत सभी डाक्टर व स्टाफ के साथ बैठक की। व्यवस्थाओं को परखा। रोशनी मिश्रा की मौत जैसी घटना की पुनरावृत्ति न होने की चेतावनी दी। जिला अस्पताल में दोपहर से माहौल अचानक बदल गया। जैसे सीएमओ के आने की सूचना पता चल गई हो। जिला अस्पताल के जच्चा बच्चा वार्ड में नर्स व स्टाफ ने मरीजों की देखभाल छोड़कर कील कांटे दुरुस्त करने शुरू कर दिए। आनन फानन रजिस्टर दुरुस्त किए गए। इसी बीच दो बजे सीएमओ अस्पताल पहुंच गए।
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लगभग दो घंटे तक चली बैठक मेें सीएमओ ने 15 अप्रैल को प्रसव उपरांत महिला की मौत मामले में लापरवाही पर कड़ी नाराजगी जताई। कहाकि दोषियों पर कार्रवाई हर हाल में होगी। प्राइवेट प्रैक्टिस करने व बाहर से दवाएं लिखने वालों को भी चेताया। सीएमओ ने बताया कि महिला चिकित्सकों की अस्पताल में नियुक्ति के लिए शासन को भी पत्र लिखा गया है।

हालात में कोई सुधार नहीं
जिला अस्पताल के महिला विंग में बुधवार को भी कोई सुधार नहीं दिखा। अस्थायी डॉक्टर सलाह और दवाएं ही दे रहीं हैं। आपरेशन वाले केस भर्ती नहीं किए जा रहे हैं। अब तक सामान्य प्रसव की संख्या भी कम हो गई है। अस्पताल के हालात पढ़कर प्रसव वाले केस कम पहुंच रहे हैं। बुधवार सुबह आठ से दोपहर दो बजे तक सिर्फ दो प्रसूताएं आईं।
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