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सही शिक्षा न देने से अराजकता के अड्डे बने कई शिक्षण संस्थान

Mon, 30 Dec 2019 11:09 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Mon, 30 Dec 2019 11:09 PM IST
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Many educational institutions become the bases of anarchy due to not providing proper education
चित्रकूट। जगद्गुरु रामभद्राचार्य दिव्यांग विश्वविद्यालय के आठवें दीक्षांत समारोह में सोमवार को पहुंचे प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ग विशेष की राजनीति करने वाले शिक्षण संस्थानों को निशाने पर लिया। बोले, भारतीय संस्कृति की वैदिक परंपरा वाली शिक्षा यदि विश्वविद्यालयों और डिग्री कालेजों में दी जाती तो वह आज अराजकता के अड्डे न बन पाते। उन्होंने प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों की शिक्षा प्रणाली बदलने पर भी जोर दिया। चित्रकूट की भूमि को गौरवशाली बताते हुए यहां बार-बार आने की इच्छा का भी इजहार किया। कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण शुरू कराने के लिए संत समाज चिंतित था, लेकिन भाजपा सरकार में उनकी इच्छा पूरी हो गई। उधर, मौसम की खराबी के चलते केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का कार्यक्रम नहीं आ सके। सीएम भी तय कार्यक्रम के अनुसार कामदनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन करने नहीं पहुंचे।
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विवि परिसर में बने भव्य पंडाल में छात्र-छात्राओं को उपाधियां बांटने के बाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए योगी ने कहा कि देश के गुरुकुल में छात्र-छात्राओं को शिक्षा के साथ ही सत्य व धर्म के मार्ग पर चलने और देश के विकास के लिए कार्य करने की शिक्षा दी जाती रही है। यदि यही शिक्षा देश के विवि और डिग्री कालेजों में पहले दी जाती रही तो जो आज अराजकता फैलाई जा रही, वह न फैलती। कहीं न कहीं सीएम का इशारा पिछले दिनों नागरिकता संशोधन कानून को लेकर कई विवि परिसरों में हुए बवाल की तरफ था। कहा कि भारत में गुरुकुल की परंपरा शिक्षा के साथ-साथ संस्कार देने की रही है। यह कार्य जगद्गुरु दिव्यांग विवि में देखने को मिल रही है। लोग अपने और अपने परिवार के ही बारे में अधिक सोचते रहते हैं, जबकि संत-महात्माओं की एक ही इच्छा रहती थी कि राम मंदिर कब बनेगा।
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जगद्गुरु रामभद्राचार्य भी कई बार उनसे (योगी से) यही सवाल करते रहे है। यह इच्छा उनकी पूरी हो गई है। कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिव्यांगों को रोजगार और उपकरण देने का कार्य कर रहे है। इस मौके पर सीएम ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य को हिंदी साहित्य भूषण सम्मान प्रदान किया। कार्यक्रम में कुल 943 छात्र-छात्राओं को उपाधियां दी गई, जिसमें मनीष कुमार झा और प्रमिला सिंह को कुलाधिपति पदक, 50 को स्वर्ण पदक प्रदान किया गया। इस मौके पर गुजरात के समाजसेवी कनु भाई टेलर और दिल्ली एम्स के शिवकुमार चौधरी को मानद उपाधि दी गई। कार्यक्रम में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह, यूपी सरकार के मंत्री डा. महेंद्र सिंह, अनिल राजभर, नंदगोपाल नंदी, राजेंद्र सिंह उर्फ मोती सिंह, चंद्रिका उपाध्याय समेत रामचंद्र दास महराज और विवि कुलपति प्रोफेसर योगश दुबे आदि मौजूद थे।
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