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शासनादेश बेअसर, कड़ाके की ठंड में किसान परेशान
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चित्रकूट। सरकारी क्रय केंद्रों के गोदामों में जगह न होने से समय से धान की खरीद नहीं हो पा रही है। किसानों को धान बेचने के लिए भीषण ठंड में चार से पांच दिन इंतजार करना पड़ रहा है। जबकि शासन प्रशासन से यह आदेश जारी किया गया है कि किसानों को ठंड में परेशान न किया जाए, लेकिन जिले के कई केंद्रों में शासनादेश का पालन होता नहीं दिख रहा है।
जिले के नोडल अधिकारी व प्रमुख सचिव परिवहन राजेश कुमार सिंह व डीएम शेषमणि पांडेय ने हाल ही में कई खरीद केंद्रों का निरीक्षण कर स्थिति को जानने का प्रयास किया था और केंद्र प्रभारियों को निर्देश भी दिए थे कि किसानों को परेशान न किया जाए। लेकिन कहीं भी उसका असर नहीं दिख रहा है।
किसान कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे अपना नंबर आने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं जिला प्रशासन ने धान खरीद के लिए बसिला में एक नया केंद्र बनाया है।
शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में 15 धान क्रय कें द्र खुले हैं। अधिकतर केंद्रों के गोदाम भर जाने व बोरियों की कमी के कारण धान खरीद प्रभावित हो रही है।
किसान देवेंद्र सिंह निवासी बालापुर, मुन्ना निवासी गड़वारा, मोहन निवासी सपहा, धनराज निवासी नांदीतौरा और पन्नालाल निवासी रगौली ने बताया कि वह शहर के गल्लामंडी स्थित विपणन शाखा व पीसीएफ केंद्र में धान बेचने के लिए आए हैं।
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चार दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक उनका नंबर नहीं आया है। कहा जाता है कि गोदामों में जगह न होने से समस्या आ रही है। वहीं गल्ला मंडी के विपणना शाखा के प्रभारी इसरार खां और पीसीएफ प्रभारी बाबूराम का कहना है कि गोदामों में जगह न होने के कारण मजबूरी में धान को खुले मैदान पर रखना पड़ रहा है। इससे धान खरीद भी प्रभावित हो रही है।
बताया कि 15 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य है। 1498 किसानों से लगभग 48.77 प्रतिशत धान खरीदा जा चुका है। चकला के किसान लल्लू प्रसाद, कसहाई के स्वरूप कुमार और नांदीतौरा के विमल कुमार ने आरोप लगाया कि गल्ला मंडी सचिव व कुछ कर्मचारी अपने चहेते दुकानदारों को धान की खरीद कराकर मंडी शुल्क को चपत लगा रहे हैं।
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जिले के नोडल अधिकारी व प्रमुख सचिव परिवहन राजेश कुमार सिंह व डीएम शेषमणि पांडेय ने हाल ही में कई खरीद केंद्रों का निरीक्षण कर स्थिति को जानने का प्रयास किया था और केंद्र प्रभारियों को निर्देश भी दिए थे कि किसानों को परेशान न किया जाए। लेकिन कहीं भी उसका असर नहीं दिख रहा है।
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किसान कड़ाके की ठंड में खुले आसमान के नीचे अपना नंबर आने का इंतजार कर रहे हैं। वहीं जिला प्रशासन ने धान खरीद के लिए बसिला में एक नया केंद्र बनाया है।
शहर सहित ग्रामीण क्षेत्रों में 15 धान क्रय कें द्र खुले हैं। अधिकतर केंद्रों के गोदाम भर जाने व बोरियों की कमी के कारण धान खरीद प्रभावित हो रही है।
किसान देवेंद्र सिंह निवासी बालापुर, मुन्ना निवासी गड़वारा, मोहन निवासी सपहा, धनराज निवासी नांदीतौरा और पन्नालाल निवासी रगौली ने बताया कि वह शहर के गल्लामंडी स्थित विपणन शाखा व पीसीएफ केंद्र में धान बेचने के लिए आए हैं।
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चार दिन हो गए हैं, लेकिन अभी तक उनका नंबर नहीं आया है। कहा जाता है कि गोदामों में जगह न होने से समस्या आ रही है। वहीं गल्ला मंडी के विपणना शाखा के प्रभारी इसरार खां और पीसीएफ प्रभारी बाबूराम का कहना है कि गोदामों में जगह न होने के कारण मजबूरी में धान को खुले मैदान पर रखना पड़ रहा है। इससे धान खरीद भी प्रभावित हो रही है।
बताया कि 15 हजार मीट्रिक टन धान की खरीद का लक्ष्य है। 1498 किसानों से लगभग 48.77 प्रतिशत धान खरीदा जा चुका है। चकला के किसान लल्लू प्रसाद, कसहाई के स्वरूप कुमार और नांदीतौरा के विमल कुमार ने आरोप लगाया कि गल्ला मंडी सचिव व कुछ कर्मचारी अपने चहेते दुकानदारों को धान की खरीद कराकर मंडी शुल्क को चपत लगा रहे हैं।