फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Chitrakoot News ›   Mandakini river will be clean and pure, sewage treatment plant will be built at a cost of Rs 64.25 crore.

Chitrakoot News: स्वच्छ और निर्मल होगी मंदाकिनी नदी, 64.25 करोड़ से बनेगा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट

Sun, 03 May 2026 01:39 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट Updated Sun, 03 May 2026 01:39 AM IST
विज्ञापन
Mandakini river will be clean and pure, sewage treatment plant will be built at a cost of Rs 64.25 crore.
फोटो 02 सीकेटीपी 01 30 अप्रैल के अंक में छपी खबर। संवाद
चित्रकूट। श्रीराम की तपोभूमि में बहने वाली पवित्र नदी मंदाकिनी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए रामघाट क्षेत्र में 64.25 करोड़ रुपये से सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना होगी, साथ ही नदी में गिरने वाले नालों की टैपिंग कराई जाएगी। इससे मंदाकिनी का जल पहले की तरह स्वच्छ और निर्मल हो जाएगा, जिससे न केवल पर्यावरण को लाभ होगा बल्कि धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
विज्ञापन




मंदाकिनी का चित्रकूट में अत्यंत गहरा धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व है। यह नदी भगवान श्रीराम की तपोभूमि से जुड़ी हुई है और अनगिनत श्रद्धालु यहां स्नान और पूजा-अर्चना के लिए आते हैं। लेकिन रामघाट क्षेत्र में काजी, शहीद, इस्लामिया, सरयू और ब्रह्मचर्य जैसे विभिन्न नालों से लगातार सीवेज और गंदा पानी सीधे मंदाकिनी नदी में मिल रहा था। इस कारण पवित्र नदी का जल लगातार प्रदूषित हो रहा था।नदी के प्रदूषित होने से न केवल पर्यावरण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा था, बल्कि यह धार्मिक भावनाओं को भी आहत कर रहा था।
विज्ञापन




इसे देखते हुए अमर उजाला ने गंभीर मुद्दे को उठाया और अभियान चलाकर मंदाकिनी नदी को स्वच्छ बनाने की मुहिम छेड़ रखी है। अमर उजाला में 30 अप्रैल के अंक में मंदाकिनी का रामघाट स्वच्छ बालाघाट मोक्षधाम प्रदूषित शीर्षक खबर प्रकाशित की थी। इसी प्रकार एक मई के अंक में मंदाकिनी नदी में रोज गिरता 10 लाख लीटर सीवर तथा 2 मई के अंक में काजी, शहीद, व इस्लामिया के नालों से मैली हो रही मंदाकिनी शीर्षक से खबर छापी। इन खबरों के प्रकाशन के प्रशासन हरकत में आया और जल निगम, बांदा ने इस समस्या के समाधान के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की कार्ययोजना तैयार की।
विज्ञापन
विज्ञापन




कार्य योजना के अनुसार मंदाकिनी नदी के जल को साफ-सुथरा बनाने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा। यह प्लांट 12.5 लाख लीटर क्षमता का होगा। यह प्लांट गंदे पानी को उपचारित कर उसे सुरक्षित स्तर तक ले आएगा। रामघाट क्षेत्र में गिरने वाले सभी प्रमुख नालों की टैपिंग की जाएगी, जिससे उनका गंदा पानी सीधे नदी में न जाकर एसटीपी तक पहुंचाया जा सके। इस पर लगभग 64.79 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।



रानीपुर भट्ट क्षेत्र में चिह्नित की जमीन : सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण के लिए रानीपुर भट्ट क्षेत्र में जमीन चिह्नित कर ली गई है। वर्तमान में वहां परीक्षण कार्य चल रहा है। जल्द ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है।




बोले जिम्मेदार---------



मंदाकिनी को स्वच्छ और निर्मल बनाने के लिए सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट व नालों की टैपिंग की जाएगी। यह प्रोजेक्ट पूरा होते ही मंदाकिनी का जल अपनी पूर्व निर्मलता प्राप्त कर लेगा। इससे न केवल पर्यावरणीय संतुलन सुधरेगा, बल्कि स्वच्छ जल के कारण धार्मिक पर्यटन को भी नई ऊंचाइयां मिलेंगी। - एसके वर्मा, सहायक अभियंता जलनिगम।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed