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Chitrakoot News: दुष्कर्म के मामले में महंत ने खुद को बताया बेकसूर
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संवाद न्यूज एजेंसी
चित्रकूट। महिला के साथ दुष्कर्म के आरोपों का सामना कर रहे निर्वाणी अखाड़ा यज्ञवेदी मंदिर के महंत सत्यप्रकाश दास ने स्वयं को निर्दोष बताया। कहा कि जिस महिला ने अखाड़े की संपत्ति की लालच में ऐसा किया है। इसकी पहले जांच भी हो चुकी है। अब तो महिला के परिजन भी इसकी पुष्टि कर रहे हैं।
रविवार को महंत सत्यप्रकाश दास ने बताया कि मंदिर में 18 दुकानें व कुछ कमरे बने हैं, जहां उन्होंने रहने के लिए एक व्यक्ति को शरण दी थी। उनके पास आए व्यक्ति ने कहा था कि उसका पारिवारिक विवाद पत्नी से है और वह यहां रहने लगा। इस दौरान उसके द्वारा रोजगार की मांग करने पर उन्होंने मंदिर पार्किंग की देखरेख की जिम्मेदारी दे दी, लेकिन पार्किंग स्थल पर शराब पीकर गाली-गलौज करने की शिकायत मिलने पर उन्होंने उसे हटाकर अपने भाई जयप्रकाश पाठक को पार्किंग की जिम्मेदारी सौंप दी। इससे नाराज व्यक्ति ने अपनी पत्नी को आगे करते हुए उनके खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगाया है। साथ ही उनके विपक्षियों से मिलकर मंदिर की जमीन हथियाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके पूर्व एक महिला ने महंत सत्यप्रकाश दास पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। जिसमें पुलिस द्वारा दोबारा विवेचना की जा रही है। अयोध्या के अखाड़े ने इन महंत को भी महंत मानने से इंकार करने का पत्र जारी हो चुका है।
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चित्रकूट। महिला के साथ दुष्कर्म के आरोपों का सामना कर रहे निर्वाणी अखाड़ा यज्ञवेदी मंदिर के महंत सत्यप्रकाश दास ने स्वयं को निर्दोष बताया। कहा कि जिस महिला ने अखाड़े की संपत्ति की लालच में ऐसा किया है। इसकी पहले जांच भी हो चुकी है। अब तो महिला के परिजन भी इसकी पुष्टि कर रहे हैं।
रविवार को महंत सत्यप्रकाश दास ने बताया कि मंदिर में 18 दुकानें व कुछ कमरे बने हैं, जहां उन्होंने रहने के लिए एक व्यक्ति को शरण दी थी। उनके पास आए व्यक्ति ने कहा था कि उसका पारिवारिक विवाद पत्नी से है और वह यहां रहने लगा। इस दौरान उसके द्वारा रोजगार की मांग करने पर उन्होंने मंदिर पार्किंग की देखरेख की जिम्मेदारी दे दी, लेकिन पार्किंग स्थल पर शराब पीकर गाली-गलौज करने की शिकायत मिलने पर उन्होंने उसे हटाकर अपने भाई जयप्रकाश पाठक को पार्किंग की जिम्मेदारी सौंप दी। इससे नाराज व्यक्ति ने अपनी पत्नी को आगे करते हुए उनके खिलाफ दुष्कर्म का आरोप लगाया है। साथ ही उनके विपक्षियों से मिलकर मंदिर की जमीन हथियाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके पूर्व एक महिला ने महंत सत्यप्रकाश दास पर दुष्कर्म का आरोप लगाया है। जिसमें पुलिस द्वारा दोबारा विवेचना की जा रही है। अयोध्या के अखाड़े ने इन महंत को भी महंत मानने से इंकार करने का पत्र जारी हो चुका है।
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