{"_id":"5953ee2b4f1c1baa1b8b45f4","slug":"lord-jagannath-s-rath-yatra-reached-gurdichadham","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुड़ीचाधाम पहुंची भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुड़ीचाधाम पहुंची भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा
चित्रकूट
Updated Wed, 28 Jun 2017 11:28 PM IST
विज्ञापन
रथयात्रा मेले में प्रभु जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा के दर्शन कोे उमड़े श्रद्धालु।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
चित्रकूट। बुधवार की शाम को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के गुड़ीचाधाम पहुंचने पर आस-पासगांव के ग्रामीण दर्शन करने को उमड़ पडे़। जिसमें महिलाओं व बच्चों की संख्या अधिक रही।
शहर की सीमा से लगे गांव सोनेपुर के गुड़ीचाधाम में बुधवार को भगवान जगन्नाथ, भाई बलराम, बहन सुभद्रा के साथ पहुंचे। मान्यता के अनुसार इसी स्थान पर माता जानकी रूठे भगवान को मनाने के लिए भी आती हैं। यह नजारा देखकर भगवान के दर्शन करने को हजारों ग्रामीण एकत्र हुए। सभी ने भगवान की आरती उतार का पूजा पाठ की। मान्यता है कि रूठे भगवान मान गए हैं और अब इसी रास्ते से वापस लौटेंगे।
इस मौके पर लगे मेले में खूब खरीदारी की गई। जिसमे महिलओं ने श्रंगार का समान खरीदा तो बच्चों ने गुब्बारे, फिरंगी व खिलौने खरीदे। सभी ने झूलों का भी लुफ्त उठाया। इसके बाद रथयात्रा फिर मिशन चौराहे के लिए चल दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
चित्रकूट। बुधवार की शाम को भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा के गुड़ीचाधाम पहुंचने पर आस-पासगांव के ग्रामीण दर्शन करने को उमड़ पडे़। जिसमें महिलाओं व बच्चों की संख्या अधिक रही।
शहर की सीमा से लगे गांव सोनेपुर के गुड़ीचाधाम में बुधवार को भगवान जगन्नाथ, भाई बलराम, बहन सुभद्रा के साथ पहुंचे। मान्यता के अनुसार इसी स्थान पर माता जानकी रूठे भगवान को मनाने के लिए भी आती हैं। यह नजारा देखकर भगवान के दर्शन करने को हजारों ग्रामीण एकत्र हुए। सभी ने भगवान की आरती उतार का पूजा पाठ की। मान्यता है कि रूठे भगवान मान गए हैं और अब इसी रास्ते से वापस लौटेंगे।
विज्ञापन
इस मौके पर लगे मेले में खूब खरीदारी की गई। जिसमे महिलओं ने श्रंगार का समान खरीदा तो बच्चों ने गुब्बारे, फिरंगी व खिलौने खरीदे। सभी ने झूलों का भी लुफ्त उठाया। इसके बाद रथयात्रा फिर मिशन चौराहे के लिए चल दी।
विज्ञापन