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Chitrakoot News: बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे का लिंक मार्ग बदला जाए
Sun, 12 May 2024 11:14 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Sun, 12 May 2024 11:14 PM IST
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चित्रकूट। बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के प्रस्तावित लिंक रोड का ग्रामीणों के साथ क्रशर और खदान मालिकों ने विरोध किया है। बताया कि छह बार सर्वे हो चुका है। बस्ती के महज 200 मीटर दूर पूरा खाली स्थान है, वहां से लिंक रोड स्वीकृत हुआ, लेकिन अब कुछ लोग साजिशन नये सर्वे से काम कराना चाहते हैं। इससे छह क्रशर, चार खदानों के अलावा दो हजार से अधिक की आबादी बस्ती उजड़ जाएगी।
बुधवार को मुख्यमंत्री समेत मुख्य सचिव, यूपीडा प्रमुख व डीएम को लिखे पत्र में क्रशर मालिक उमारमन तिवारी, कच्छू सिंह, जगदीश, नवीन गुप्ता, बृजेश कुमार, अवधेश कुमार, योगेंद्र सिंह, मिथलेश गर्ग, लखन कुमार, चुनवाद, सावित्री, गुडिया, बंशी, चमन, सोनू आदि ने बताया कि नये बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के लिंक मार्ग की स्वीकृति पर पुनर्विचार होना चाहिए।
अधिकारियों को मौके पर आकर निरीक्षण करना चाहिए। इससे पूरी बस्ती के अलावा छह क्रशर, चार खदान प्रभावित होंगे। इससे सरकार को भी प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान होगा। बताया कि उनकी बस्ती व इस स्थल से महज दो सौ मीटर दूर से ही पूरा बंजर व खाली स्थान पड़ा है। यदि वहां से यह लिंक मार्ग प्रस्तावित हो जाए तो किसी को नुकसान नहीं होगा।
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शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ लोग गलत सर्वे रिपोर्ट पर काम कराना चाहते हैं। छह बार इसके पूर्व सर्वे हुआ है, जिसमें इस बस्ती से दूर से ही लिंक मार्ग बनाने की सहमति बनी थी लेकिन अब कुछ लोग साजिश कर राजस्व के नुकसान के साथ व्यापार व रोजगार प्रभावित कर रहे हैं। पत्र में फिर से निष्पक्ष तरीके से सर्वे कराने की मांग की है।
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बुधवार को मुख्यमंत्री समेत मुख्य सचिव, यूपीडा प्रमुख व डीएम को लिखे पत्र में क्रशर मालिक उमारमन तिवारी, कच्छू सिंह, जगदीश, नवीन गुप्ता, बृजेश कुमार, अवधेश कुमार, योगेंद्र सिंह, मिथलेश गर्ग, लखन कुमार, चुनवाद, सावित्री, गुडिया, बंशी, चमन, सोनू आदि ने बताया कि नये बुंदेलखंड एक्सप्रेस वे के लिंक मार्ग की स्वीकृति पर पुनर्विचार होना चाहिए।
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अधिकारियों को मौके पर आकर निरीक्षण करना चाहिए। इससे पूरी बस्ती के अलावा छह क्रशर, चार खदान प्रभावित होंगे। इससे सरकार को भी प्रतिवर्ष करोड़ों रुपये के राजस्व का नुकसान होगा। बताया कि उनकी बस्ती व इस स्थल से महज दो सौ मीटर दूर से ही पूरा बंजर व खाली स्थान पड़ा है। यदि वहां से यह लिंक मार्ग प्रस्तावित हो जाए तो किसी को नुकसान नहीं होगा।
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शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया कि कुछ लोग गलत सर्वे रिपोर्ट पर काम कराना चाहते हैं। छह बार इसके पूर्व सर्वे हुआ है, जिसमें इस बस्ती से दूर से ही लिंक मार्ग बनाने की सहमति बनी थी लेकिन अब कुछ लोग साजिश कर राजस्व के नुकसान के साथ व्यापार व रोजगार प्रभावित कर रहे हैं। पत्र में फिर से निष्पक्ष तरीके से सर्वे कराने की मांग की है।