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चित्रकूटः भागवत कथा के आत्मसात पर जीवन होगा आनंदमय
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फोटो- 11- कथा सुनाते कथा व्यास
- फोटो : CHITRAKUTT
चित्रकूट। सत्य के मार्ग पर कठिनाईयां हैं, लेकिन पराजय नहीं। सत्यवादी पुरुष व सरल हृदय वाले भक्त भगवान के प्राण होते हैं। यह बातें मुख्यालय के तरौंहा मोहल्ले में आचार्य अंबिका प्रसाद द्विवेदी के निवास पर चल रही श्रीमद्भागवत महापुराण की कथा में शनिवार को वृंदावन के भागवत कथा प्रवक्ता आचार्य शिवदीप शास्त्री ने कही। उन्होंने कहा कि जीवन को आनंदमय बनाने का सुंदर और सरल उपाय है भागवत कथा को जीवन में उतारना।
आचार्य ने कहा कि जितना सुनें उससे आधा बोलें और सत्य का पालन करें। मन में यदि दोष हो तो भागवत का फल कभी नहीं मिलेगा। इसलिए किसी के प्रति द्वेष नहीं करना चाहिए। कोई भी कार्य करने से पूर्व प्रभु का स्मरण व ध्यान कर लें।
श्रीमद्भागवत का पारायण करते हुए आचार्य लक्ष्मीकांत पांडेय ने गीत सुनाकर आनंदित किया। वेदमंत्रो से आचार्य अरविंद कुमार त्रिवेदी ने भागवत प्रारंभ के समय यजमान से पूजन कराया। संगीतमय भजनों से आचार्य शांत पांडेय व अजय पांडेय ने मंत्रमुग्ध कर दिया।
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आचार्य ने कहा कि जितना सुनें उससे आधा बोलें और सत्य का पालन करें। मन में यदि दोष हो तो भागवत का फल कभी नहीं मिलेगा। इसलिए किसी के प्रति द्वेष नहीं करना चाहिए। कोई भी कार्य करने से पूर्व प्रभु का स्मरण व ध्यान कर लें।
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श्रीमद्भागवत का पारायण करते हुए आचार्य लक्ष्मीकांत पांडेय ने गीत सुनाकर आनंदित किया। वेदमंत्रो से आचार्य अरविंद कुमार त्रिवेदी ने भागवत प्रारंभ के समय यजमान से पूजन कराया। संगीतमय भजनों से आचार्य शांत पांडेय व अजय पांडेय ने मंत्रमुग्ध कर दिया।
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