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Chitrakoot News: बलवा, छेड़खानी, हत्या में आजीवन कारावास
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चित्रकूट। घर में घुसकर अवैध असलहों के साथ मारपीट, बलवा करने में सात दोषियों को विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट राममणि पाठक ने पांच-पांच वर्ष का सश्रम कारावास की सजा सुनाई। साथ ही सभी को 11500-11500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। मारपीट में घायल की इलाज के दौरान मौत होने पर अदालत ने हत्या की धारा बढ़ाते हुए एक दोषी को आजीवन कारावास व 21500 रुपये का जुर्माना सुनाया है। पहाड़ी थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने बताया कि आठ अगस्त 2016 को पिन्टू उर्फ बृजेश सिंह, प्रताप सिंह, बच्चू उर्फ राकेश, राजू सिंह, मंगल सिंह, मुलायम सिंह, चन्द्रपाल लोध व चुन्नू लोध एक राय होकर घर में घुसकर उसके साथ छेड़खानी करने लगे, विरोध करने पर गाली गलौज करते हुए मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी, इसके साथ ही 50 हजार रुपये नगद व एक लाख का जेवर छीन लिया था।
बीच बचाव करने आए उसके बेटे सहित अन्य लोगों को भी मारा पीटा था। जिस पर पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की थी। इसकी विवेचना तत्कालीन सीओ बृजराज सिंह ने करते हुए लूट की धारा को डकैती में बदला था। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद 27 अक्टूबर 2016 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
बताया कि उसके बाद बेटे की मौत हो गई थी। जिस पर न्यायालय ने हत्या की धारा बढ़ा दी थी। गुरुवार को सुनवाई पूरी हुई तो विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट राममणि पाठक ने दोषी पिन्टू उर्फ बृजेश सिंह को आजीवन व शेष सात दोषियों को पांच-पांच साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
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बीच बचाव करने आए उसके बेटे सहित अन्य लोगों को भी मारा पीटा था। जिस पर पुलिस ने तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की थी। इसकी विवेचना तत्कालीन सीओ बृजराज सिंह ने करते हुए लूट की धारा को डकैती में बदला था। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसके बाद 27 अक्टूबर 2016 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
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बताया कि उसके बाद बेटे की मौत हो गई थी। जिस पर न्यायालय ने हत्या की धारा बढ़ा दी थी। गुरुवार को सुनवाई पूरी हुई तो विशेष न्यायाधीश एससी/एसटी एक्ट राममणि पाठक ने दोषी पिन्टू उर्फ बृजेश सिंह को आजीवन व शेष सात दोषियों को पांच-पांच साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
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