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Chitrakoot News: इटावा सफारी से लाकर टाइगर रिजर्व में छोड़ा गया तेंदुआ
Wed, 15 Mar 2023 12:31 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
संवाद न्यूज एजेंसी, चित्रकूट
Updated Wed, 15 Mar 2023 12:31 AM IST
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चित्रकूट। इटावा सफारी से लाए गए तेंदुआ को रानीपुर टाइगर रिजर्व में छोड़ा गया है। बताया गया तेंदुआ बहुत ही खूंखार है। उसने सफारी मेें रहने वाले जानवरों पर कई बार हमला किया है।
इटावा सफारी से सोमवार को एक तेंदुआ को विशेष गाड़ी से जिले के मानिकपुर स्थित रानीपुर टाइगर रिजर्व क्षेत्र के मारकुंडी क्षेत्र स्थित चौरी जंगल लाया गया। जहां पर उसे मंगलवार की भोर में लगभग चार बजे विशेष सुरक्षा के साथ पिंजरे से छोड़ा गया। तेंदुआ को जैसे ही जंगल में छोड़ा गया, वह दौड़ लगाते हुए आंखों से ओझल हो गया। रानीपुर टाइगर रिजर्व के उप निदेशक पीके त्रिपाठी ने बताया कि तेंदुआ बेहद ही खतरनाक है।
वहीं, वन विभाग के मारकुंडी रेंजर एके जैन ने बताया कि तेंदुआ मादा है। उसकी आयु लगभग चार वर्ष है। इटावा सफारी से तेंदुआ के साथ फारेस्टर अधीक्षक अशोक कुमार के नेतृत्व में टीम भी आई है।
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खूंखार तेंदुआ को टाइगर रिजर्व क्षेत्र में छोड़ना कितना उचित है, इसका जवाब किसी अधिकारी ने नहीं दिया है। जब उनसे पूछा गया कि यह तो जानवरों के साथ आस पास की बस्ती वालों के लिए, चरवाहों और लकड़ी बीनने जानने वालों के लिए खतरनाक हो सकता है तो उप निदेशक पीके त्रिपाठी ने कहा कि यह इंसानों पर हमला नहीं करता बस छोटेे जानवरों को ही शिकार करता है। बता दें कि पीलीभीत से लाए गए एक तेंदुए ने साल भर पहले बस्ती पर हमला किया था। कुछ गोवंशों का बस्ती के बाहर शिकार भी किया था।
रानीपुर टाइगर रिजर्व में इसके पहले आधा दर्जन से अधिक तेंदुए को छोड़े गए हैं। इस साल तीसरा तेंदुआ छोड़ा गया है। दो माह पहले भी एक तेंदुआ लाया गया था। रानीपुर टाइगर रिजर्व क्षेत्र से जुड़ा मध्यप्रदेश के जंगल व पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र में जुड़ा हुआ है। छोड़े गए तेंदुए इन क्षेत्रों में चले जाते हैं।
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इटावा सफारी से सोमवार को एक तेंदुआ को विशेष गाड़ी से जिले के मानिकपुर स्थित रानीपुर टाइगर रिजर्व क्षेत्र के मारकुंडी क्षेत्र स्थित चौरी जंगल लाया गया। जहां पर उसे मंगलवार की भोर में लगभग चार बजे विशेष सुरक्षा के साथ पिंजरे से छोड़ा गया। तेंदुआ को जैसे ही जंगल में छोड़ा गया, वह दौड़ लगाते हुए आंखों से ओझल हो गया। रानीपुर टाइगर रिजर्व के उप निदेशक पीके त्रिपाठी ने बताया कि तेंदुआ बेहद ही खतरनाक है।
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वहीं, वन विभाग के मारकुंडी रेंजर एके जैन ने बताया कि तेंदुआ मादा है। उसकी आयु लगभग चार वर्ष है। इटावा सफारी से तेंदुआ के साथ फारेस्टर अधीक्षक अशोक कुमार के नेतृत्व में टीम भी आई है।
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खूंखार तेंदुआ को टाइगर रिजर्व क्षेत्र में छोड़ना कितना उचित है, इसका जवाब किसी अधिकारी ने नहीं दिया है। जब उनसे पूछा गया कि यह तो जानवरों के साथ आस पास की बस्ती वालों के लिए, चरवाहों और लकड़ी बीनने जानने वालों के लिए खतरनाक हो सकता है तो उप निदेशक पीके त्रिपाठी ने कहा कि यह इंसानों पर हमला नहीं करता बस छोटेे जानवरों को ही शिकार करता है। बता दें कि पीलीभीत से लाए गए एक तेंदुए ने साल भर पहले बस्ती पर हमला किया था। कुछ गोवंशों का बस्ती के बाहर शिकार भी किया था।
रानीपुर टाइगर रिजर्व में इसके पहले आधा दर्जन से अधिक तेंदुए को छोड़े गए हैं। इस साल तीसरा तेंदुआ छोड़ा गया है। दो माह पहले भी एक तेंदुआ लाया गया था। रानीपुर टाइगर रिजर्व क्षेत्र से जुड़ा मध्यप्रदेश के जंगल व पन्ना टाइगर रिजर्व क्षेत्र में जुड़ा हुआ है। छोड़े गए तेंदुए इन क्षेत्रों में चले जाते हैं।