{"_id":"4e6544c6006bb51e23fc1ceeed09e24d","slug":"learning-art-in-form-of-games-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"खेल-खेल में चित्रकला के गुर सीखे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खेल-खेल में चित्रकला के गुर सीखे
ब्यूरो/अमर उजाला चित्रकूट।
Updated Mon, 27 Apr 2015 11:36 PM IST
विज्ञापन
ललित कला मंच की चित्रकला कार्यशाला के दूसरे दिन बच्चों ने खेल-खेल में चित्रकला के गुर सीखे। कला की शुरुआती बारीकियों को कलाकार और अध्यापकों ने बड़ी सरलता से बच्चों को बताया।
विज्ञापन
ललित कला मंच द्वारा शंकर बाजार स्थित दृष्टि संस्था में पांच दिवसीय चित्रकला कार्यशाला का आयोजन चल रहा है। इसमें सोमवार को दूसरे दिन कलाकार विनय कुमार और कला अध्यापक बृजेंद्र त्रिपाठी ने बच्चों को इसकी शुरुआती जानकारी दी। बताया गया कि चित्रकला में प्राथमिक रंग और रेखाओं का कैसे प्रयोग किया जाए। फ्लावर स्टडी में पुष्प चित्रण, अंकों से बनने वाली कलाकृतियों आदि के बारे में भी बताया गया।
विज्ञापन
विनय कुमार ने सरलतम ढंग से पशु, पक्षी, मकान के चित्र और कार्टून बनाना सिखाया। बृजेंद्र ने पुष्पों की बारीकियां बताईं। अनीता सिंह ने बच्चों को कला सीखने के लिए प्रेरित किया। कार्यशाला के संयोजक पंकज अग्रवाल ने बच्चों से कहा कि वे इस कार्यशाला में सीखी बातों का अभ्यास करें और अच्छे कलाकार बनें। आयोजन में पंकज दुबे, बसंत लाल, शंकर प्रसाद यादव, शंकर लाल गुप्त, लालमन, विद्यासागर, संगम सागर चंदन सिंह प्रभुदयाल, सोमेश गुप्ता का सहयोग रहा।
विज्ञापन